रांची: राजधानी रांची के हटिया इलाके में प्रतिबंधित उग्रवादी संगठन PLFI के नाम का इस्तेमाल कर एक परिवार से कथित तौर पर रंगदारी मांगने का मामला सामने आया है। परिवार को अलग-अलग तारीखों में तीन धमकी भरे पत्र मिलने की बात सामने आई है। शुरुआती पत्र में कम रकम मांगी गई, लेकिन बाद में मांग बढ़ाकर 5 लाख रुपये कर दी गई। रकम नहीं देने पर परिवार के छोटे बेटे प्रिंस की हत्या करने की धमकी दिए जाने का आरोप है। मामला हटिया के प्रेम नगर और चोरिया टोली इलाके से जुड़ा बताया जा रहा है। शिकायतकर्ता परिवार के अनुसार, पहला धमकी भरा पत्र 26 सितंबर की रात घर के दरवाजे के पास मिला था। पत्र में निर्धारित समय के भीतर एक लाख रुपये देने की मांग की गई थी। परिवार ने शुरुआत में इसे गंभीरता से नहीं लिया। इसके बाद 28 सितंबर को दूसरा पत्र मिलने की बात सामने आई, जिसमें रंगदारी की रकम बढ़ाकर दो लाख रुपये कर दी गई। इसके बाद 2 अक्टूबर को तीसरा पत्र मिला। इस बार कथित तौर पर पांच लाख रुपये की मांग की गई और रकम नहीं देने पर बेटे की हत्या की धमकी दी गई। लगातार धमकी भरे पत्र मिलने के बाद परिवार में भय का माहौल बन गया। परिवार का आरोप है कि धमकी देने वालों ने पत्रों में PLFI कमांडर के नाम का इस्तेमाल किया। हालांकि, केवल किसी प्रतिबंधित संगठन का नाम पत्र में लिखे जाने से यह साबित नहीं होता कि धमकी के पीछे वास्तव में उसी संगठन के सदस्य हैं। पुलिस अब यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि पत्र किसने लिखे, उन्हें परिवार तक कैसे पहुंचाया गया और क्या इसके पीछे किसी संगठित आपराधिक या उग्रवादी नेटवर्क की भूमिका है। लगातार तीन पत्र मिलने के बाद परिवार ने पुलिस से संपर्क कर पूरे मामले की जानकारी दी और धमकी देने वालों की पहचान कर कार्रवाई की मांग की। पुलिस ने शिकायत के आधार पर जांच शुरू कर दी है। जांच टीम धमकी भरे पत्रों को महत्वपूर्ण साक्ष्य के तौर पर देख रही है। पत्रों की भाषा, लिखावट और उन्हें पहुंचाने के तरीके से आरोपियों तक पहुंचने की कोशिश की जा सकती है। मामले को लेकर एक और महत्वपूर्ण जानकारी सामने आई है। शिकायतकर्ता ने पुलिस को बताया कि गुमला जिले के कामडारा थाना क्षेत्र के पोकला में उनके एक रिश्तेदार के घर भी सितंबर में इसी तरह रुपये की मांग किए जाने की बात सामने आई थी। बताया गया है कि वहां 21 और 25 सितंबर को धमकी से संबंधित घटनाएं हुई थीं। अब पुलिस यह जांच कर सकती है कि रांची और गुमला की घटनाओं के बीच कोई संबंध है या दोनों मामले अलग-अलग हैं। जांच में पुलिस के सामने कई महत्वपूर्ण सवाल हैं। धमकी भरे पत्र किसने तैयार किए? आरोपी परिवार की गतिविधियों से कितने परिचित थे? उन्हें परिवार और उसके सदस्यों की जानकारी कहां से मिली? इसके अलावा यह भी पता लगाया जा रहा है कि क्या किसी स्थानीय व्यक्ति ने आरोपियों को जानकारी या मदद दी। अगर दोनों जिलों में हुई घटनाओं के बीच समानता मिलती है, तो पुलिस संभावित नेटवर्क की दिशा में जांच आगे बढ़ा सकती है। झारखंड में पहले भी प्रतिबंधित PLFI के नाम पर लेवी और रंगदारी मांगने के मामले सामने आते रहे हैं। हाल ही में खूंटी में पुलिस ने एक कथित PLFI सदस्य को हथियार के साथ गिरफ्तार करने की जानकारी दी थी और पुलिस के अनुसार उसके मोबाइल में लेवी वसूली से जुड़ा ऐप भी मिला था। हालांकि, उस मामले और रांची के इस ताजा प्रकरण के बीच कोई सीधा संबंध अभी स्थापित नहीं हुआ है। इसलिए मौजूदा मामले में पुलिस के आधिकारिक निष्कर्ष का इंतजार करना जरूरी है। लगातार बढ़ती रंगदारी की मांग और बेटे को नुकसान पहुंचाने की कथित धमकी के बाद परिवार की चिंता बढ़ गई है। ऐसे मामलों में पुलिस आमतौर पर परिवार की सुरक्षा से जुड़े पहलुओं का भी आकलन करती है और धमकी की गंभीरता के आधार पर आगे की कार्रवाई करती है। फिलहाल परिवार ने आरोपियों की पहचान और मामले की गहराई से जांच की मांग की है। फिलहाल यह स्पष्ट नहीं है कि धमकी के पीछे वास्तव में PLFI से जुड़े लोग हैं या किसी ने संगठन का नाम इस्तेमाल कर परिवार को डराने और पैसे वसूलने की कोशिश की है। पुलिस पत्रों और अन्य उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर जांच कर रही है। आरोपियों की पहचान और गिरफ्तारी के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि रंगदारी की मांग के पीछे कौन लोग थे और उनका उद्देश्य क्या था। रांची के हटिया इलाके में PLFI के नाम पर तीन कथित धमकी भरे पत्र मिलने और पांच लाख रुपये की मांग ने सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ा दी है। शुरुआती मांग एक लाख रुपये से शुरू होकर पांच लाख रुपये तक पहुंचने और बेटे की हत्या की धमकी दिए जाने का आरोप है। पुलिस अब पत्रों के स्रोत, आरोपियों की पहचान और गुमला में सामने आई कथित समान घटना से किसी संभावित संबंध की जांच कर रही है। फिलहाल PLFI की प्रत्यक्ष संलिप्तता पुलिस जांच में साबित नहीं हुई है। इसलिए पूरे मामले में अंतिम निष्कर्ष जांच पूरी होने के बाद ही सामने आएगा। कॉपीराइट जागरूकता: यह स्क्रिप्ट उपलब्ध तथ्यों को आधार बनाकर स्वतंत्र शब्दावली, नए वाक्य-विन्यास और अलग समाचार संरचना में लिखी गई है। मूल रिपोर्ट की पंक्तियों को हूबहू दोहराने के बजाय घटनाक्रम को स्वतंत्र हिंदी समाचार शैली में विस्तार दिया गया है।तीन अलग-अलग पत्रों से बढ़ी परिवार की चिंता
PLFI कमांडर के नाम का इस्तेमाल
परिवार ने पुलिस से की शिकायत
गुमला में रिश्तेदार को भी धमकी की शिकायत
पुलिस के सामने कई अहम सवाल
PLFI के नाम पर धमकी देना भी जांच का विषय
परिवार में डर का माहौल
जांच के बाद ही साफ होगी असली तस्वीर
निष्कर्ष
रांची में PLFI के नाम पर रंगदारी की मांग, 5 लाख नहीं देने पर बेटे की हत्या की धमकी






