मांगें पूरी नहीं हुईं तो 16 अक्टूबर को राज्यव्यापी हड़ताल, 21 से अनिश्चितकालीन आंदोलन की चेतावनी
रांची एक्सप्रेस संवाददाता
रामगढ़। लंबित मांगों के समाधान में हो रही देरी के विरोध में झारखंड प्रदेश एम्बुलेंस कर्मचारी संघ के आह्वान पर रामगढ़ जिले के 108 आपातकालीन एम्बुलेंस कर्मचारियों ने मंगलवार को चरणबद्ध आंदोलन की शुरुआत की। आंदोलन के पहले दिन कर्मचारियों ने काला बिल्ला लगाकर काम किया और सरकार के प्रति अपना विरोध दर्ज कराया।
15-20 दिन में समाधान का मिला था आश्वासन
संघ के अनुसार, 108 एम्बुलेंस सेवा से जुड़े कर्मचारियों की कई मांगें लंबे समय से लंबित हैं। 16 सितंबर को स्वास्थ्य मंत्री डॉ. इरफान अंसारी की अध्यक्षता में हुई बैठक में कर्मचारियों की समस्याओं के समाधान के लिए 15 से 20 दिनों के भीतर कार्रवाई का आश्वासन दिया गया था। निर्धारित समय बीतने के बावजूद ठोस पहल नहीं होने पर संघ ने चरणबद्ध आंदोलन का निर्णय लिया।
सरकारी माध्यम से सेवा संचालन की मांग
कर्मचारियों की प्रमुख मांगों में राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के अभियान निदेशक के पत्रांक 2499 (एमडी), दिनांक 6 अगस्त 2026 के निर्देशों के अनुरूप जिला स्तर पर सरकारी माध्यम से 108 एम्बुलेंस सेवा का संचालन शुरू करना शामिल है। इसके अलावा सम्मान फाउंडेशन से हटाए गए कर्मचारियों की संबंधित जिलों में पुनर्बहाली तथा ईपीएफ, ईएसआई, ओवरटाइम, ग्रेच्युटी, न्यूनतम वेतन समेत सभी श्रम एवं वैधानिक अधिकार सुनिश्चित करने की मांग की गई है।
16 अक्टूबर को पूर्ण हड़ताल, 21 से अनिश्चितकालीन आंदोलन
संघ ने बताया कि 6 से 9 अक्टूबर तक कर्मचारी काला बिल्ला लगाकर कार्य करेंगे। इसके बाद कैंडल मार्च, 9 अक्टूबर को सिविल सर्जन कार्यालय के समक्ष कार्यक्रम, 12 अक्टूबर को भिक्षाटन, 14 अक्टूबर को धरना-प्रदर्शन और 16 अक्टूबर को राज्यव्यापी एक दिवसीय पूर्ण हड़ताल प्रस्तावित है। इस दौरान नामकुम स्थित एनएचएम कार्यालय के समक्ष भी धरना-प्रदर्शन किया जाएगा।
21 अक्टूबर से राज्यभर में अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू की जाएगी
संघ के अनुसार, मांगों पर सकारात्मक पहल नहीं होने पर 21 अक्टूबर से राज्यभर में अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू की जाएगी। साथ ही विभिन्न स्थानों पर चरणबद्ध तरीके से विरोध-प्रदर्शन भी किया जाएगा। संघ ने सरकार से कर्मचारियों की लंबित मांगों पर शीघ्र सकारात्मक पहल करने की अपील की है। संघ का कहना है कि आंदोलन लोकतांत्रिक, शांतिपूर्ण और संगठित तरीके से चलाया जा रहा है।
आंदोलन में ये थे शामिल
मौके पर कुणाल बनर्जी, विकास, सिकंदर महतो, अरविंद यादव, भारत महतो, मुकेश कुमार, बसंत महतो, अनिल कुमार, शंकर कुमार, रोहित महतो, हेमंत कुमार, आनंद, मनोज, अमीर सुहैल, नौशाद आलम, संजय कुमार, कुलदीप महतो, अरविंद शर्मा, रेनू कुमारी, प्रीति कुमारी, प्रिया बारला, लोकेश सहित अन्य कर्मचारी शामिल थे।







