भागलपुर। भाजपा नेता उमा भूषण तांती उर्फ पप्पू तांती हत्याकांड की जांच में पुलिस लगातार आगे बढ़ने की कोशिश कर रही है। मामले में जेल में बंद कृष्णा मोदी और सुमन कुमार को पुलिस रिमांड पर लेकर करीब छह घंटे तक पूछताछ की गई। पूछताछ के दौरान पुलिस ने घटना, आरोपियों की भूमिका और वारदात में इस्तेमाल हथियार से जुड़े सवाल किए, लेकिन हथियार बरामद नहीं हो सका। पूछताछ पूरी होने के बाद दोनों आरोपियों को दोबारा जेल भेज दिया गया। पुलिस के अनुसार, पप्पू तांती की हत्या 11 सितंबर 2026 की सुबह भागलपुर के बबरगंज थाना क्षेत्र में कुतुबगंज कुम्हार टोली के आसपास गोली मारकर की गई थी। घटना के बाद पुलिस ने जांच शुरू की और मामले में कई संदिग्धों की भूमिका सामने आने के बाद गिरफ्तारियां की गईं। पुलिस का कहना है कि हत्याकांड की साजिश और इसमें शामिल लोगों को लेकर जांच में कई तथ्य सामने आए हैं। हालांकि, वारदात में इस्तेमाल हथियार की बरामदगी अभी जांच का महत्वपूर्ण हिस्सा बनी हुई है। पुलिस ने कृष्णा मोदी और सुमन कुमार को रिमांड पर लेकर मुख्य रूप से घटना से जुड़े घटनाक्रम और हथियार के बारे में जानकारी हासिल करने की कोशिश की। रिपोर्टों के मुताबिक, कृष्णा पर गोली चलाने वाले शूटर की भूमिका का आरोप है, जबकि सुमन पर सुपारी की रकम के लेन-देन से जुड़ी भूमिका होने का आरोप पुलिस जांच में सामने आया है। ये आरोप जांच और पुलिस के दावों पर आधारित हैं; मामले में अंतिम दोषसिद्धि अदालत की प्रक्रिया के बाद ही तय होगी। छह घंटे की पूछताछ के बावजूद पुलिस को उस हथियार का पता नहीं चल सका, जिसका इस्तेमाल हत्या में किए जाने का आरोप है। हथियार बरामद होने से जांच में महत्वपूर्ण भौतिक साक्ष्य मिल सकता है, इसलिए पुलिस उसकी तलाश जारी रखे हुए है। पुलिस अन्य तकनीकी और परिस्थितिजन्य साक्ष्यों के आधार पर भी मामले की कड़ियां जोड़ने का प्रयास कर रही है। हथियार की बरामदगी से यह भी स्पष्ट करने में मदद मिल सकती है कि वारदात में इस्तेमाल हथियार कहां से आया और घटना के बाद उसे कहां छिपाया गया। रिपोर्ट के अनुसार, इस मामले में अब तक आठ आरोपियों को जेल भेजा जा चुका है। इनमें मुख्य आरोपी बताए जा रहे शशि मोदी, उनकी पत्नी दीपिका कुमारी, कृष्णा मोदी, अमित राज, सूरज कुमार, लवीस कुमार, सुमन कुमार और नीतीश कुमार उर्फ अक्षय यादव के नाम सामने आए हैं। पुलिस जांच में शशि मोदी पर हत्या की साजिश से जुड़ी भूमिका और तीन लाख रुपये की कथित सुपारी का आरोप सामने आया है। पुलिस के अनुसार हत्या के पीछे तालाब, मंदिर और जमीन से जुड़े विवाद तथा राजनीतिक वर्चस्व समेत कई पहलुओं की जांच की गई है। इन आरोपों की अंतिम पुष्टि अदालत में होने वाली न्यायिक प्रक्रिया पर निर्भर करेगी। इससे पहले पुलिस ने मुख्य आरोपी शशि मोदी को भी रिमांड पर लेकर पूछताछ की थी। उपलब्ध रिपोर्ट के अनुसार, उनसे घटना, हथियार, संभावित सहयोगियों और कथित साजिश से जुड़े सवाल किए गए थे, लेकिन पूछताछ से तत्काल कोई निर्णायक सुराग मिलने की जानकारी सामने नहीं आई। इसके बाद जांच टीम ने अन्य आरोपियों से पूछताछ का रास्ता अपनाया। कृष्णा मोदी और सुमन से पूछताछ भी इसी जांच प्रक्रिया का हिस्सा रही। हथियार बरामद नहीं होने के बाद पुलिस की जांच अभी पूरी नहीं मानी जा रही है। जांच टीम अन्य आरोपियों से मिली जानकारी, घटनास्थल से जुड़े साक्ष्य और उपलब्ध तकनीकी जानकारी को आपस में जोड़कर आगे की कार्रवाई कर सकती है। पुलिस का मुख्य फोकस अब हथियार की बरामदगी और हत्या की पूरी कड़ी को साक्ष्यों के आधार पर मजबूत करने पर है। मामले में आगे कोई नई गिरफ्तारी या बरामदगी होती है तो उससे जांच की दिशा और स्पष्ट हो सकती है। भागलपुर के पप्पू तांती हत्याकांड में पुलिस ने जेल में बंद कृष्णा मोदी और सुमन कुमार से छह घंटे तक पूछताछ की, लेकिन इस दौरान हत्या में इस्तेमाल हथियार का सुराग नहीं मिल पाया। दोनों को पूछताछ के बाद वापस जेल भेज दिया गया है। पुलिस अब अन्य साक्ष्यों और संभावित बरामदगी के आधार पर जांच को आगे बढ़ा रही है। कॉपीराइट नोट: यह समाचार उपलब्ध रिपोर्टों के तथ्यों के आधार पर स्वतंत्र शब्दों और नए वाक्य-विन्यास में तैयार किया गया है। किसी स्रोत की खबर को लाइन-दर-लाइन कॉपी नहीं किया गया है। फोटो, वीडियो और CCTV जैसे विजुअल्स के अधिकार अलग से सुनिश्चित करना आवश्यक है।11 सितंबर को हुई थी हत्या
कृष्णा और सुमन से क्यों हुई पूछताछ?
हथियार की तलाश बनी बड़ी चुनौती
पुलिस ने आठ आरोपियों को जेल भेजा
पहले मुख्य आरोपी से भी हुई थी पूछताछ
अब आगे क्या करेगी पुलिस?
निष्कर्ष
भागलपुर पप्पू तांती हत्याकांड में छह घंटे पूछताछ, हथियार अब भी पुलिस की पकड़ से दूर






