छतरपुर में सरस्वती संगीत शिक्षा संस्थान का भव्य शुभारंभ, स्थानीय प्रतिभाओं को मिलेगा प्रशिक्षण और मंच
छतरपुर (पलामू)। छतरपुर अनुमंडल में कला, संस्कृति और संगीत को बढ़ावा देने की दिशा में एक नई पहल की गई है। जपला रोड स्थित ऊषा पेट्रोल पंप के समीप सरस्वती संगीत शिक्षा संस्थान का भव्य एवं गरिमामय शुभारंभ किया गया। संस्थान के शुरू होने से छतरपुर एवं आसपास के क्षेत्र के बच्चों, युवाओं और संगीत प्रेमियों में उत्साह का माहौल है।
संस्थान का उद्घाटन नगर पंचायत छतरपुर के अध्यक्ष अरविंद कुमार गुप्ता, उपाध्यक्ष मंजीत कुमार यादव एवं गुलाबचंद प्रसाद अग्रवाल महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. अखिलेश कुमार सिंह ने संयुक्त रूप से फीता काटकर तथा मां सरस्वती की तस्वीर पर पुष्प अर्पित कर किया।
इस अवसर पर नगर पंचायत अध्यक्ष अरविंद कुमार गुप्ता ने कहा कि छतरपुर में संगीत शिक्षा के लिए संस्थान का खुलना क्षेत्र के बच्चों और युवाओं के लिए अच्छा अवसर है। उन्होंने कहा कि क्षेत्र में प्रतिभाओं की कमी नहीं है, जरूरत उन्हें सही दिशा और उचित मंच देने की है। उन्होंने संस्थान के संचालक के प्रयास की सराहना करते हुए हरसंभव सहयोग का भरोसा दिलाया।
प्राचार्य डॉ. अखिलेश कुमार सिंह ने कहा कि शिक्षा का उद्देश्य केवल किताबी ज्ञान तक सीमित नहीं है, बल्कि कला और संस्कृति भी व्यक्तित्व निर्माण का महत्वपूर्ण हिस्सा हैं। उन्होंने कहा कि संगीत बच्चों और युवाओं की प्रतिभा को निखारने के साथ उनमें अनुशासन, आत्मविश्वास और रचनात्मकता विकसित करता है। छतरपुर में इस तरह की पहल से स्थानीय प्रतिभाओं को अपने क्षेत्र में ही सीखने और आगे बढ़ने का अवसर मिलेगा।
संस्थान के संचालक रंजन कुमार रवि (रंजन सक्सोना) ने बताया कि छतरपुर क्षेत्र में संगीत की प्रतिभाओं की कोई कमी नहीं है, लेकिन उचित मार्गदर्शन और मंच के अभाव में कई प्रतिभाएं आगे नहीं बढ़ पाती हैं। इसी उद्देश्य से संस्थान की शुरुआत की गई है। यहां कम शुल्क में अनुभवी एवं प्रशिक्षित शिक्षकों द्वारा प्रोफेशनल स्तर की संगीत शिक्षा उपलब्ध कराई जाएगी।
संस्थान में हारमोनियम, तबला, ढोलक, पियानो, गिटार, की-बोर्ड सहित शास्त्रीय, सुगम एवं लोक गायन का विधिवत प्रशिक्षण दिया जाएगा। संस्थान का उद्देश्य क्षेत्र की उभरती प्रतिभाओं को प्रशिक्षण देने के साथ उन्हें आगे बढ़ने के लिए बेहतर मंच उपलब्ध कराना है।
शुभारंभ समारोह में नगर के कई बुद्धिजीवी, समाजसेवी, पत्रकार, स्थानीय कलाकार एवं संगीत प्रेमी मौजूद रहे। उपस्थित लोगों ने संस्थान की शुरुआत का स्वागत करते हुए कहा कि छतरपुर में लंबे समय से इस प्रकार के संस्थान की आवश्यकता महसूस की जा रही थी।






