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स्वच्छता ही सेवा-2026: डीसी ने हरी झंडी दिखाकर स्वच्छता मैराथन को किया रवाना,


पलामू :​मेदिनीनगर
‘स्वच्छता ही सेवा-2026’ अभियान के तहत शुक्रवार को जिले में स्वच्छता और पर्यावरण संरक्षण का अलख जगाने के उद्देश्य से भव्य 'स्वच्छता मैराथन' का आयोजन किया गया। सुबह 6:30 बजे समाहरणालय परिसर में उत्साह का माहौल था, जहाँ जिला दंडाधिकारी सह उपायुक्त (डीसी) दिलीप प्रताप सिंह शेखावत ने हरी झंडी दिखाकर मैराथन को रवाना किया।
​खास बात यह रही कि आमजनों का हौसला बढ़ाने के लिए उपायुक्त स्वयं इस मैराथन में दौड़े और पूरी दूरी तय कर सिंगरा स्थित अमानत नदी तट पहुँचे।
​शहर की प्रमुख सड़कों से गुजरी मैराथन, गूंजे स्वच्छता के नारे
​मैराथन में प्रशासनिक पदाधिकारियों, युवाओं, खिलाड़ियों, विभिन्न सामाजिक संस्थाओं के वॉलिंटियर्स और स्थानीय नागरिकों ने बड़े पैमाने पर हिस्सा लिया। समाहरणालय परिसर से शुरू हुई यह दौड़ छहमुहान, साहित्य समाज, पुलिस लाइन एवं बिस्फुटा चौक होते हुए सिंगरा स्थित अमानत नदी तट पर समाप्त हुई। पूरी राह प्रतिभागी लोगों को स्वच्छता और पर्यावरण सुरक्षा के प्रति जागरूक करते नजर आए।
​उत्कृष्ट प्रतिभागी सम्मानित, नदी तट पर चला श्रमदान अभियान
​अमानत नदी तट पहुँचने पर उपायुक्त ने मैराथन में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले प्रतिभागियों को मोमेंटो देकर सम्मानित किया। इसके तुरंत बाद नदी तट को स्वच्छ बनाने के लिए एक व्यापक स्वच्छता अभियान चलाया गया।
​डीसी सहित सभी उपस्थित अधिकारियों, वॉलिंटियर्स और युवाओं ने हाथों में दस्ताने और थैलियां थामकर नदी किनारे बिखरे प्लास्टिक, कांच की बोतलों और अन्य कचरे को चुनकर एकत्र किया और कचरा उठाव वाहन में डाला।
​वृक्षारोपण कर दिया पर्यावरण संरक्षण का संदेश
​सफाई अभियान के पश्चात अमानत नदी के तट पर पौधारोपण किया गया। पौधे लगाकर उपस्थित लोगों ने प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण और हरियाली बढ़ाने का संकल्प लिया। कार्यक्रम के अंतिम चरण में उपायुक्त ने सभी पदाधिकारियों, युवाओं और आम नागरिकों को स्वच्छता को अपनी दिनचर्या का हिस्सा बनाने की सामूहिक शपथ दिलाई।
​स्वच्छता प्रबंधन में जनभागीदारी सबसे अहम: उपायुक्त
​इस अवसर पर उपस्थित जनसमूह को संबोधित करते हुए उपायुक्त दिलीप प्रताप सिंह शेखावत ने कहा, "इस मैराथन का मकसद यह तय करना नहीं है कि कौन प्रथम आया या कौन द्वितीय, बल्कि समाज में साफ-सफाई को लेकर एक मजबूत और सकारात्मक संदेश देना है। जिस तरह हम अपने घर को साफ रखते हैं, उसी प्रकार नदियां, नाले और सड़कें भी हमारी अपनी हैं और उन्हें स्वच्छ रखना हमारी नैतिक जिम्मेदारी है।"
​उन्होंने आगे कहा कि स्वच्छता प्रबंधन केवल सरकार या जिला प्रशासन के भरोसे संभव नहीं हो सकता। जब तक समाज का प्रत्येक व्यक्ति इसे अपनी व्यक्तिगत जिम्मेदारी नहीं समझेगा, तब तक स्वच्छ और सुंदर समाज की कल्पना अधूरी है। उन्होंने जिले के युवाओं से स्वच्छता अभियानों में लगातार अपनी भागीदारी सुनिश्चित करने की अपील की।
​इनकी रही गरिमामयी मौजूदगी
​इस राष्ट्रव्यापी अभियान के दौरान प्रशिक्षु आईएएस ऋतिक मेहता, जिला कल्याण पदाधिकारी प्यारे लाल, सदर एसडीएम संजय पांडे, एनडीसी नीरज कुमार, पेयजल एवं स्वच्छता विभाग के प्रतिनिधि, विभिन्न सामाजिक संस्थाओं के वालंटियर्स, खेल संघों के युवा सदस्य एवं बड़ी संख्या में आम नागरिक उपस्थित रहे।