मांगें नहीं मानी तो एक दिसंबर से दिल्ली में डेरा डालेंगे सेविका-सहायिका।
उदय किशोर सिंह संवाददाता, जामताड़ा।
जामताड़ा में झारखंड राज्य सेविका-सहायिका यूनियन की ओर से शुक्रवार को जामताड़ा स्थित सीपीआई कार्यालय में विभिन्न मांगों को लेकर प्रेस कॉन्फ्रेंस आयोजित की गई। कार्यक्रम का नेतृत्व यूनियन के राज्य कोषाध्यक्ष लखन मंडल ने किया। प्रेस कॉन्फ्रेंस में केंद्र सरकार से सेविका-सहायिका एवं अन्य योजना कर्मियों से जुड़ी विभिन्न मांगों को पूरा करने की मांग उठाई गई।
लखन मंडल ने कहा कि यूनियन की प्रमुख मांगों में लेबर कोड को वापस लेना, अंतरराष्ट्रीय श्रम मानकों को लागू करना तथा स्कीम वर्करों को श्रमिक का दर्जा देना शामिल है। उन्होंने न्यूनतम वेतन 42 हजार रुपये और न्यूनतम पेंशन 21 हजार रुपये करने की भी मांग रखी।
उन्होंने कहा कि सरकारी रिक्त पदों को भरा जाए, ठेका श्रमिकों को नियमित किया जाए और समान काम के लिए समान वेतन लागू किया जाए। इसके अलावा कार्यस्थल पर श्रमिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने तथा श्रमिक अधिकारों के उल्लंघन पर कार्रवाई करने की मांग भी की गई।
यूनियन ने ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना के तहत 125 दिनों का रोजगार उपलब्ध कराने, समय पर मजदूरी का भुगतान करने और बेरोजगारी भत्ता देने की मांग भी उठाई।
लखन मंडल ने कहा कि यदि केंद्र सरकार उनकी मांगों पर सकारात्मक पहल नहीं करती है, तो यूनियन की ओर से एक दिसंबर से ‘दिल्ली चलो’ अभियान शुरू किया जाएगा। इसके तहत दिल्ली पहुंचकर ‘डेरा डालो’ कार्यक्रम किया जाएगा। उन्होंने कहा कि मांगों को लेकर आंदोलन को और व्यापक रूप दिया जाएगा।
प्रेस कॉन्फ्रेंस में राज्य सेविका यूनियन झारखंड की उपाध्यक्ष प्रीति कुमारी हांसदा सहित अन्य सदस्य मौजूद थे।






