हजारीबाग, झारखंड | 19 अक्टूबर 2026 झारखंड के हजारीबाग जिले से एक बेहद दुखद घटना सामने आई है। बरकट्ठा थाना क्षेत्र के डाकडीह स्थित साहू टोला में दो साल के एक बच्चे की गुब्बारा निगलने से दम घुटने के कारण मौत हो गई। बताया जा रहा है कि बच्चा घर पर नमकीन खा रहा था, तभी पैकेट के अंदर रखा छोटा गुब्बारा उसके मुंह में चला गया और गले में फंस गया। इस घटना से परिवार में शोक छा गया है। प्राप्त जानकारी के अनुसार, मृत बच्चे की पहचान शिवम कुमार के रूप में हुई है। वह बरकट्ठा निवासी मनोज साव का बेटा था। रविवार, 18 अक्टूबर की शाम उसके पिता दुकान से नमकीन का पैकेट लेकर घर आए थे। बच्चा नमकीन खा रहा था, इसी दौरान पैकेट में मौजूद गुब्बारा भी उसके मुंह में चला गया। गुब्बारा निगलने के बाद बच्चे को सांस लेने में परेशानी होने लगी। उसकी हालत बिगड़ती देख परिजन घबरा गए और बिना देर किए उसे सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, बरकट्ठा ले जाने लगे। हालांकि, अस्पताल पहुंचने से पहले ही बच्चे की मौत हो गई। स्वास्थ्य केंद्र में चिकित्सकों ने जांच के बाद उसे मृत घोषित कर दिया। इस हादसे ने खाद्य पदार्थों के पैकेट में रखी जाने वाली गैर-खाद्य वस्तुओं की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ा दी है। छोटे बच्चे अक्सर रंगीन और आकर्षक वस्तुओं को खिलौना समझकर मुंह में डाल लेते हैं। गुब्बारे, प्लास्टिक की छोटी गोलियां और अन्य छोटे सामान उनके लिए गंभीर जोखिम पैदा कर सकते हैं। विशेषज्ञों के अनुसार, कम उम्र के बच्चों में निगलने की प्रक्रिया और सांस की नली पर नियंत्रण पूरी तरह विकसित नहीं होता। ऐसे में कोई वस्तु गले या सांस की नली में फंसने पर कुछ ही समय में स्थिति जानलेवा हो सकती है। घटना के बाद स्थानीय जनप्रतिनिधियों ने नमकीन के पैकेट के साथ गुब्बारे और दूसरी छोटी वस्तुएं दिए जाने पर चिंता जताई। उनका कहना है कि बच्चों को आकर्षित करने के लिए इस तरह की वस्तुएं पैकेट में रखना छोटे बच्चों की सुरक्षा के लिहाज से खतरनाक साबित हो सकता है। उपलब्ध रिपोर्टों में संबंधित उत्पाद का निर्माण धनबाद जिले के कतरास स्थित मां तारा फूड प्रोडक्ट द्वारा किए जाने की जानकारी दी गई है। हालांकि, इस मामले में उत्पाद की पैकेजिंग, सुरक्षा मानकों के अनुपालन या किसी संभावित लापरवाही को लेकर आधिकारिक जांच का निष्कर्ष उपलब्ध नहीं है। इसलिए किसी निर्माता की जिम्मेदारी पर अंतिम टिप्पणी जांच के बाद ही की जा सकती है। छोटे बच्चों को खाते समय अकेला न छोड़ें। नमकीन या अन्य खाद्य पदार्थों के पैकेट में मौजूद गैर-खाद्य वस्तुओं को तुरंत अलग कर उनकी पहुंच से दूर रखें। गुब्बारे, उसके टुकड़े, छोटी प्लास्टिक की वस्तुएं और अन्य निगली जा सकने वाली चीजें बच्चों से दूर रखें। यदि बच्चा अचानक सांस नहीं ले पा रहा हो, बोल या रो नहीं पा रहा हो, तो इसे दम घुटने की आपात स्थिति मानें और तुरंत आपातकालीन चिकित्सा सहायता लें। प्रशिक्षित व्यक्ति ही उम्र के अनुरूप प्राथमिक उपचार दे। दो साल के शिवम की मौत ने परिवार को गहरे दुख में डाल दिया है। साथ ही, इस घटना ने बच्चों के लिए बेचे जाने वाले खाद्य उत्पादों की पैकेजिंग और उनके साथ दी जाने वाली वस्तुओं की सुरक्षा पर भी ध्यान आकर्षित किया है। ऐसे मामलों में उत्पाद की जांच, सुरक्षा मानकों की समीक्षा और अभिभावकों में जागरूकता महत्वपूर्ण हो सकती है। निष्कर्ष: हजारीबाग के बरकट्ठा क्षेत्र में नमकीन के पैकेट में मौजूद गुब्बारा निगलने से दो साल के बच्चे की मौत हो गई। यह घटना बताती है कि छोटे बच्चों के आसपास रखी छोटी और आसानी से निगली जा सकने वाली वस्तुएं कितनी खतरनाक हो सकती हैं। मामले में उत्पाद की सुरक्षा और जिम्मेदारी से जुड़े किसी भी निष्कर्ष के लिए संबंधित अधिकारियों की जांच का इंतजार करना आवश्यक है।नमकीन खाते समय हुआ हादसा
छोटे बच्चों के लिए गंभीर खतरा
पैकेट में खिलौने रखने की व्यवस्था पर उठे सवाल
अभिभावक इन सावधानियों का रखें ध्यान
एक हादसा, कई सवाल
हजारीबाग में दर्दनाक हादसा: नमकीन के पैकेट में निकला गुब्बारा निगलने से दो साल के मासूम की मौत






