BREAKING NEWS

logo

Advertisement
Advertisement

चतरा के जवाहरलाल नेहरू स्टेडियम में दो डिफेंस एकेडमी के प्रशिक्षकों के बीच मारपीट



योद्धा और एमएस डिफेंस एकेडमी के ट्रेनरों के बीच विवाद के बाद मची अफरा-तफरी, पुलिस ने पहुंचकर कराया शांत

रांची एक्सप्रेस संवाददाता

 चतरा। शहर के जवाहरलाल नेहरू स्टेडियम में रविवार को दो डिफेंस एकेडमी के प्रशिक्षकों के बीच विवाद के बाद मारपीट की घटना सामने आई है। योद्धा डिफेंस एकेडमी और एमएस डिफेंस एकेडमी के प्रशिक्षकों के बीच किसी बात को लेकर शुरू हुई कहासुनी देखते ही देखते मारपीट में बदल गई। घटना के बाद स्टेडियम परिसर में अफरा-तफरी का माहौल उत्पन्न हो गया। सूचना मिलने पर मौके पर पहुंची पुलिस ने हस्तक्षेप कर स्थिति को शांत कराया।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, दोनों एकेडमी के प्रशिक्षकों के बीच पहले किसी बात को लेकर बहस हुई। देखते ही देखते विवाद बढ़ गया और मामला मारपीट तक पहुंच गया। अचानक हुई इस घटना से स्टेडियम में मौजूद लोगों के बीच हलचल मच गई और कुछ देर तक तनाव की स्थिति बनी रही।

खेल के मैदान में मारपीट से व्यवस्था पर उठे सवाल

जवाहरलाल नेहरू स्टेडियम शहर में खेल गतिविधियों और शारीरिक प्रशिक्षण का प्रमुख केंद्र है। यहां युवा विभिन्न खेलों के साथ-साथ शारीरिक प्रशिक्षण भी प्राप्त करते हैं। ऐसे में खेल परिसर के भीतर दो एकेडमी के प्रशिक्षकों के बीच मारपीट की घटना ने स्टेडियम में अनुशासन और व्यवस्था को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं।
स्थानीय स्तर पर स्टेडियम में खेल गतिविधियों के अलावा अन्य गतिविधियों और आपसी विवादों को लेकर भी सवाल उठाए जा रहे हैं। लोगों का कहना है कि खेल परिसर में अनुशासन बनाए रखने के लिए प्रशासन और संबंधित विभाग को आवश्यक कदम उठाने चाहिए, ताकि खिलाड़ियों को बेहतर और सुरक्षित माहौल मिल सके।

स्टेडियम में संचालित होता है महिला फुटबॉल प्रशिक्षण केंद्र

जवाहरलाल नेहरू स्टेडियम में महिला फुटबॉल प्रशिक्षण केंद्र भी संचालित होता है, जहां लड़कियों को फुटबॉल का प्रशिक्षण दिया जाता है। हालांकि, दुर्गा पूजा की छुट्टियों के कारण फिलहाल प्रशिक्षण बंद है। ऐसे महत्वपूर्ण खेल परिसर में मारपीट की घटना सामने आने के बाद इसकी सुरक्षा और व्यवस्था को लेकर चिंताएं जताई जा रही हैं।

जांच कर कार्रवाई करने की मांग

घटना के बाद लोगों ने पूरे मामले की जांच कर दोषियों के खिलाफ उचित कार्रवाई करने की मांग की है। साथ ही स्टेडियम में संचालित खेल गतिविधियों के दौरान अनुशासन और सुरक्षा सुनिश्चित करने की आवश्यकता पर जोर दिया है, ताकि खिलाड़ियों को बिना किसी बाधा के अभ्यास करने का अवसर मिल सके।

मामला संज्ञान में नहीं है : जिला खेल पदाधिकारी
इस संबंध में जिला खेल पदाधिकारी कैलाश राम ने कहा कि मारपीट की घटना उनके संज्ञान में नहीं है। उन्होंने कहा, “अगर ऐसा हुआ है तो इसकी जांच कराई जाएगी।”