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समस्तीपुर एटीएम लूटकांड के बाद सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल, बिना गार्ड वाले एटीएम में लाखों की चोरी से बढ़ी चिंता


समस्तीपुर, 19 अक्टूबर 2026। बिहार के समस्तीपुर जिले के चकलालशाही चौक स्थित इंडिया वन एटीएम में हुई बड़ी चोरी ने एटीएम की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। मशीन से करीब 18 लाख 22 हजार 500 रुपये निकाले जाने की खबर के बाद निगरानी प्रणाली, सीसीटीवी कैमरों की कार्यक्षमता और नकदी रखने वाले कैश बॉक्स की सुरक्षा को लेकर चर्चा तेज हो गई है। इस घटना ने यह सवाल भी खड़ा किया है कि चौबीसों घंटे चलने वाली नकदी मशीनों की सुरक्षा के लिए पर्याप्त इंतजाम किए जा रहे हैं या नहीं।

बिना सुरक्षा गार्ड वाले एटीएम को बनाया निशाना

प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, हलई थाना क्षेत्र के चकलालशाही चौक पर स्थित एटीएम में अपराधियों ने मशीन के कैश बॉक्स को नुकसान पहुंचाकर नकदी निकाल ली। बताया गया है कि वारदात के दौरान ड्रिल का इस्तेमाल किया गया था। घटना में सर्वर से संपर्क बाधित होने की बात भी सामने आई है।

एटीएम पर सुरक्षा गार्ड की तैनाती नहीं होने की जानकारी ने सुरक्षा व्यवस्था को लेकर चिंता बढ़ा दी है। हालांकि, केवल गार्ड की अनुपस्थिति के आधार पर घटना के लिए किसी एक व्यवस्था को जिम्मेदार नहीं ठहराया जा सकता। इसके लिए मशीन की तकनीकी सुरक्षा, अलार्म प्रणाली और निगरानी के पूरे तंत्र की जांच जरूरी है।

सीसीटीवी और निगरानी व्यवस्था की होगी अहम भूमिका

ऐसी घटनाओं की जांच में सीसीटीवी फुटेज महत्वपूर्ण साक्ष्य साबित हो सकते हैं। कैमरों में दर्ज गतिविधियों से संदिग्धों की पहचान, उनके आने-जाने के समय और इस्तेमाल किए गए वाहनों के बारे में सुराग मिल सकते हैं।

इस मामले में भी पुलिस उपलब्ध रिकॉर्डिंग और तकनीकी जानकारी की जांच कर रही है। साथ ही यह पता लगाना जरूरी है कि घटना के समय कैमरे सक्रिय थे या नहीं, रिकॉर्डिंग सुरक्षित रही या नहीं और सर्वर से संपर्क बाधित होने का वारदात पर क्या प्रभाव पड़ा।

यदि निगरानी व्यवस्था में कोई तकनीकी खामी सामने आती है, तो उसे दूर करना भविष्य में ऐसी घटनाओं की रोकथाम के लिए महत्वपूर्ण होगा।

कैश बॉक्स की सुरक्षा पर भी उठे सवाल

एटीएम मशीनों में नकदी सुरक्षित रखने के लिए मजबूत कैश बॉक्स और कई स्तरों वाली सुरक्षा व्यवस्था होती है। इसके बावजूद मशीन को नुकसान पहुंचाकर बड़ी रकम निकाल लिए जाने की घटना ने सुरक्षा इंतजामों की प्रभावशीलता पर सवाल खड़े किए हैं।

बैंकिंग और एटीएम संचालन से जुड़ी एजेंसियों के लिए जरूरी है कि वे मशीनों की नियमित तकनीकी जांच करें। अनधिकृत छेड़छाड़ का पता लगाने वाले अलार्म, दूरस्थ निगरानी और आपातकालीन सूचना प्रणाली ठीक से काम करें, ताकि किसी संदिग्ध गतिविधि की जानकारी समय रहते मिल सके।

इसके साथ ही एटीएम में नकदी भरने, मशीन की देखरेख करने और सुरक्षा संबंधी शिकायतों पर कार्रवाई करने की प्रक्रिया की भी समीक्षा की जानी चाहिए।

पुलिस जांच से खुलेंगे कई अहम सवाल

घटना के बाद पुलिस आरोपियों की पहचान और चोरी गई रकम की बरामदगी के प्रयास में जुटी है। जांच में यह पता लगाना महत्वपूर्ण होगा कि अपराधियों ने मशीन को निशाना बनाने के लिए किस तरह की तैयारी की थी और उन्हें एटीएम की सुरक्षा व्यवस्था के बारे में कोई पूर्व जानकारी थी या नहीं।

पुलिस की जांच में उपलब्ध तकनीकी साक्ष्य, सीसीटीवी रिकॉर्डिंग और घटनास्थल से जुटाई गई जानकारी अहम भूमिका निभा सकती है। फिलहाल आरोपियों की पहचान और गिरफ्तारी के संबंध में किसी निष्कर्ष पर पहुंचने से पहले आधिकारिक जानकारी का इंतजार करना जरूरी है।

भविष्य में ऐसी घटनाएं रोकने की जरूरत

चकलालशाही चौक की घटना केवल चोरी की जांच तक सीमित नहीं है। यह एटीएम सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा करने का अवसर भी है। जिन मशीनों पर सुरक्षा गार्ड तैनात नहीं हैं, वहां जोखिम के अनुरूप वैकल्पिक सुरक्षा इंतजाम, प्रभावी निगरानी और समय पर अलर्ट की व्यवस्था विशेष रूप से महत्वपूर्ण हो जाती है।

स्थानीय लोगों को उम्मीद है कि पुलिस जल्द ही मामले का खुलासा करेगी और संबंधित एजेंसियां सुरक्षा में संभावित कमियों को दूर करने के लिए कदम उठाएंगी।

निष्कर्ष: समस्तीपुर के चकलालशाही चौक स्थित एटीएम से लाखों रुपये की चोरी ने नकदी मशीनों की सुरक्षा को लेकर गंभीर चिंता पैदा की है। अब पुलिस जांच के नतीजों, आरोपियों की गिरफ्तारी और सुरक्षा व्यवस्था में संभावित सुधारों पर सबकी नजर है।