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सूडान में ड्रोन हमले से भारी तबाही, 41 लोगों की मौत का दावा; बच्चों समेत कई नागरिकों की गई जान


सूडान, 10 अक्टूबर 2026। अफ्रीकी देश सूडान के ब्लू नाइल प्रांत में हुए ड्रोन हमले ने एक बार फिर जारी संघर्ष के बीच आम नागरिकों की सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। मानवाधिकार संगठन इमरजेंसी लॉयर्स के अनुसार, इथियोपिया की सीमा के निकट अबू शांडी इलाके में विस्थापित लोगों के एक समूह को निशाना बनाया गया। संगठन ने इस हमले में 41 लोगों की मौत होने की जानकारी दी है। मृतकों में आठ बच्चे भी शामिल बताए गए हैं, जबकि कई महिलाएं भी इस हमले की चपेट में आईं।

विस्थापित लोगों के बीच हुआ हमला

प्राप्त रिपोर्टों के अनुसार, हमला शुक्रवार को ब्लू नाइल प्रांत के वाड अल-माही क्षेत्र के अबू शांडी इलाके में हुआ। यहां संघर्ष से प्रभावित होकर अपने घर छोड़ने वाले लोग मौजूद थे। हमले में बड़ी संख्या में लोगों के हताहत होने की सूचना के बाद इलाके में मानवीय संकट को लेकर चिंता बढ़ गई है।

हालांकि, शुरुआती रिपोर्टों में मृतकों की संख्या 30 से 31 बताई गई थी, जबकि बाद की रिपोर्ट में यह आंकड़ा 41 तक पहुंच गया। अलग-अलग स्रोतों के आंकड़ों में अंतर को देखते हुए अंतिम संख्या की स्वतंत्र पुष्टि महत्वपूर्ण है।

RSF पर लगाए गए हमले के आरोप

मानवाधिकार संगठन इमरजेंसी लॉयर्स ने इस हमले के लिए अर्धसैनिक संगठन रैपिड सपोर्ट फोर्सेज (RSF) को जिम्मेदार ठहराया है। हालांकि, आरोपों के संबंध में RSF की ओर से तत्काल कोई सार्वजनिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आने की खबर है। इसलिए हमले की जिम्मेदारी और उससे जुड़े अन्य विवरणों को जांच तथा स्वतंत्र पुष्टि के आधार पर ही अंतिम रूप दिया जा सकता है।

2023 से जारी है सेना और RSF के बीच संघर्ष

सूडान में अप्रैल 2023 से सेना और RSF के बीच संघर्ष जारी है। सत्ता को लेकर शुरू हुआ यह टकराव धीरे-धीरे देश के कई हिस्सों में फैल गया। लंबे समय से जारी हिंसा के कारण बड़ी संख्या में लोगों को अपने घर छोड़ने पड़े हैं और लाखों नागरिक भोजन, चिकित्सा तथा सुरक्षित आश्रय जैसी बुनियादी सुविधाओं के लिए संघर्ष कर रहे हैं।

संयुक्त राष्ट्र और मानवीय सहायता संगठनों के आकलन के मुताबिक, सूडान में विस्थापन और खाद्य असुरक्षा की स्थिति बेहद गंभीर बनी हुई है। बच्चों, महिलाओं और पहले से विस्थापित परिवारों पर इस संकट का विशेष असर पड़ रहा है।

नागरिकों की सुरक्षा पर अंतरराष्ट्रीय चिंता

हमले की खबर के बाद संयुक्त राष्ट्र के मानवीय सहायता तंत्र ने चिंता जताई और जिम्मेदार लोगों की जवाबदेही सुनिश्चित करने की आवश्यकता पर जोर दिया। लगातार जारी हिंसा के बीच नागरिकों, राहत केंद्रों और विस्थापित परिवारों की सुरक्षा एक बड़ी चुनौती बनी हुई है।

ताजा घटना ने एक बार फिर यह सवाल उठाया है कि संघर्ष प्रभावित क्षेत्रों में आम लोगों को सुरक्षित रखने के लिए प्रभावी कदम कैसे उठाए जाएं। सूडान में मानवीय सहायता पहुंचाना और विस्थापित परिवारों को सुरक्षा देना अंतरराष्ट्रीय समुदाय के सामने बड़ी प्राथमिकताओं में शामिल है।