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जीवन के अनुभवों को सुनें: वास्तविक आवाजें, वास्तविक बदलाव है : अनिल श्रीवास्तव, सीएस


पलामू : विश्व मानसिक स्वास्थ्य दिवस के अवसर पर शनिवार को जिला मानसिक स्वास्थ्य केंद्र में जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य लोगों को मानसिक स्वास्थ्य के प्रति जागरूक करना, मानसिक समस्याओं से जूझ रहे लोगों को समय पर उपचार और सहायता प्राप्त करने के लिए प्रोत्साहित करना तथा सभी के लिए सुलभ एवं समावेशी मानसिक स्वास्थ्य सेवाओं के महत्व को रेखांकित करना था।
कार्यक्रम का उद्घाटन पलामू के सिविल सर्जन डॉ. अनिल कुमार श्रीवास्तव, लीगल एड डिफेंस काउंसिल (एलएडीसी) के डिप्टी चीफ संतोष कुमार पांडेय, असिस्टेंट वीर विक्रम बक्स राय, डॉ. सुनील कुमार और डॉ. श्वेता वर्मा ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्ज्वलित कर किया। कार्यक्रम का संचालन डॉ. सुनील कुमार ने किया।
इस अवसर पर सिविल सर्जन डॉ. अनिल कुमार श्रीवास्तव ने कहा कि विश्व मानसिक स्वास्थ्य दिवस 2026 की थीम “जीवन के अनुभवों को सुनें: वास्तविक आवाजें, वास्तविक बदलाव” है। यह थीम मानसिक स्वास्थ्य समस्याओं से जूझ रहे लोगों के अनुभवों को सुनने और मानसिक स्वास्थ्य संबंधी नीतियों, उपचार, पुनर्वास एवं सहायता सेवाओं से जुड़े निर्णयों में उनकी भागीदारी सुनिश्चित करने पर जोर देती है।
उन्होंने कहा कि इस तरह के कार्यक्रमों का मुख्य उद्देश्य मानसिक स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता बढ़ाना, मानसिक बीमारियों से जुड़े सामाजिक कलंक और भेदभाव को कम करना तथा लोगों को समय पर विशेषज्ञों से परामर्श लेने के लिए प्रेरित करना है। मानसिक स्वास्थ्य समग्र स्वास्थ्य का अभिन्न अंग है। इसलिए मानसिक समस्याओं से जूझ रहे प्रत्येक व्यक्ति के साथ सम्मान, संवेदनशीलता और सहानुभूति का व्यवहार किया जाना चाहिए।
मानसिक रोगियों को मुफ्त कानूनी सहायता पाने का अधिकार
एलएडीसी के डिप्टी चीफ संतोष कुमार पांडेय ने मानसिक स्वास्थ्य और कानूनी अधिकारों पर प्रकाश डालते हुए कहा कि तनाव का सामना करने में असमर्थता भी मानसिक स्वास्थ्य संबंधी समस्या का संकेत हो सकती है। उन्होंने बताया कि लगातार उदास रहना, आत्महत्या के विचार आना, ध्यान केंद्रित करने में कठिनाई होना, स्वयं की देखभाल नहीं कर पाना और नशे का अत्यधिक सेवन करना जैसे लक्षणों को गंभीरता से लेना चाहिए। ऐसी स्थिति में विशेषज्ञ की सहायता लेना जरूरी है।
उन्होंने कहा कि मानसिक स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं से जूझ रहे लोगों को अपने अधिकारों का उपयोग करने और शोषण से बचने के लिए मुफ्त कानूनी सहायता प्राप्त करने का अधिकार है। यदि कोई मानसिक स्वास्थ्य समस्या से जूझ रहा व्यक्ति सड़क पर असहाय अवस्था में घूमता दिखाई दे, तो इसकी सूचना पुलिस को देनी चाहिए, ताकि संबंधित व्यक्ति को आवश्यक सहायता, सुरक्षा और उपचार उपलब्ध कराने के लिए उचित प्रक्रिया अपनाई जा सके।
मानसिक रूप से बीमार आरोपियों के उपचार पर भी चर्चा
एलएडीसी के असिस्टेंट वीर विक्रम बक्स राय ने कहा कि यदि किसी आरोपी को मानसिक रूप से बीमार पाया जाता है, तो उसके मामले में कानून के प्रावधानों के अनुसार उचित प्रक्रिया अपनाई जाती है। ऐसी स्थिति में व्यक्ति की मानसिक स्थिति को ध्यान में रखते हुए उपचार और आवश्यक सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित करना महत्वपूर्ण है।
वहीं, डॉ. सुनील कुमार ने मानसिक रोगों के संभावित कारणों, लक्षणों और उपचार के विभिन्न पहलुओं पर विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने मानसिक स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं को समय रहते पहचानने और उचित चिकित्सकीय परामर्श लेने के महत्व पर जोर दिया।
कार्यक्रम में आम नागरिकों के साथ-साथ जिला मानसिक स्वास्थ्य केंद्र से मानसिक स्वास्थ्य सेवाएं प्राप्त कर रहे मरीजों ने भी भाग लिया। कार्यक्रम के माध्यम से लोगों को मानसिक स्वास्थ्य के प्रति जागरूक रहने, जरूरत पड़ने पर विशेषज्ञों की मदद लेने तथा मानसिक रोगों से प्रभावित व्यक्तियों के प्रति संवेदनशील व्यवहार अपनाने का संदेश दिया गया।