BREAKING NEWS

logo

Advertisement
Advertisement

गरीब और जरूरतमंदों के लिए संवेदनशीलता की मिसाल बने डीसी, सीढ़ियों पर बैठकर सुनी दिव्यांग की फरियाद


संजय सिंह
पलामू : आमतौर पर अधिकारियों के कार्यालयों में अपनी फरियाद लेकर पहुंचने वाले गरीब और जरूरतमंद लोगों को अपनी समस्या सुनाने के लिए काफी इंतजार करना पड़ता है। लेकिन जब कोई अधिकारी खुद आगे बढ़कर किसी जरूरतमंद की पीड़ा सुनता है, तो प्रशासन के प्रति लोगों का भरोसा और मजबूत होता है। पलामू के उपायुक्त (डीसी) का एक ऐसा ही मानवीय अंदाज इन दिनों सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बना हुआ है।
सोशल मीडिया पर प्रसारित वीडियो में डीसी एक दिव्यांग व्यक्ति की समस्या सुनने के लिए सीढ़ियों पर बैठते नजर आ रहे हैं। दिव्यांग व्यक्ति की परेशानी को समझने के लिए उन्होंने जिस सहजता और संवेदनशीलता का परिचय दिया, उसने लोगों का ध्यान आकर्षित किया है। अधिकारी का इस तरह आम नागरिक के करीब बैठकर उसकी बात सुनना प्रशासनिक संवेदनशीलता का एक प्रेरक उदाहरण बनकर सामने आया है।
सीढ़ियों पर बैठकर सुनी फरियाद, त्वरित कार्रवाई ने खींचा ध्यान
वीडियो में डीसी दिव्यांग व्यक्ति की बात ध्यानपूर्वक सुनते दिखाई देते हैं। इस दौरान उन्होंने उसकी परेशानी को समझने और समाधान की दिशा में तत्काल पहल करने का प्रयास किया। इस घटना को सोशल मीडिया पर लोग मानवीय संवेदना और जनसेवा की भावना से जोड़कर देख रहे हैं।
इस पूरे घटनाक्रम को लेकर ‘फैसला ऑन द स्पॉट’ की चर्चा भी हो रही है। हालांकि, दिव्यांग व्यक्ति की समस्या क्या थी और उसके समाधान के लिए क्या विशिष्ट आदेश दिया गया, इसकी विस्तृत जानकारी उपलब्ध नहीं है।
अधिकारी का व्यवहार बना चर्चा का विषय
प्रशासनिक पद पर बैठे किसी व्यक्ति की पहचान केवल उसके अधिकारों से नहीं, बल्कि आम लोगों के प्रति उसके व्यवहार और संवेदनशीलता से भी होती है। खासकर दिव्यांग, गरीब और वंचित लोगों की समस्याओं को गंभीरता से सुनना सुशासन की महत्वपूर्ण पहचान है।
डीसी का सीढ़ियों पर बैठकर दिव्यांग की बात सुनने का यह दृश्य इसी मानवीय दृष्टिकोण को सामने लाता है। सोशल मीडिया पर साझा किए जा रहे इस वीडियो के जरिए प्रशासन और आम जनता के बीच संवाद, संवेदना तथा त्वरित समस्या समाधान के महत्व को रेखांकित किया जा रहा है।
संदेश साफ है—पद बड़ा हो सकता है, लेकिन जनता की पीड़ा उससे भी बड़ी है। जब अधिकारी संवेदनशीलता के साथ लोगों की समस्याएं सुनते हैं, तो प्रशासन के प्रति भरोसा और मजबूत होता