मेदिनीनगर। झारखंड ने एक समर्पित किसान नेता और जनसंघर्षों के मजबूत पैरोकार को खो दिया है। भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी के वरिष्ठ नेता एवं अखिल भारतीय किसान सभा की झारखंड इकाई के राज्य सचिव मंगल ओहदार के निधन से राजनीतिक, सामाजिक और सांस्कृतिक जगत में शोक की लहर है। उनके निधन को किसान आंदोलन के लिए अपूरणीय क्षति बताया जा रहा है।
मंगल ओहदार ने अपने राजनीतिक जीवन में किसानों के अधिकारों के लिए लगातार संघर्ष किया। उन्होंने झारखंड में किसानों को पेंशन दिलाने की मांग बुलंद करते हुए करीब 30 हजार किसानों के आवेदन भरवाए थे। तत्कालीन मुख्यमंत्री के समक्ष भी उन्होंने किसानों को पेंशन देने की वकालत की थी। वह भाकपा की हजारीबाग जिला इकाई के सचिव, बड़कीपोना के पूर्व मुखिया और पटेल छात्रावास के पूर्व सचिव भी रहे थे।
अखिल भारतीय किसान सभा के राष्ट्रीय सचिव केडी सिंह ने श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा कि झारखंड ने एक समर्पित किसान नेता खो दिया है, जिसकी भरपाई आसान नहीं है।
इप्टा के राष्ट्रीय कार्यकारिणी सदस्य उपेंद्र मिश्रा ने शोक जताते हुए कहा कि मंगल ओहदार ने संस्कृतिकर्मियों और इप्टा के आंदोलन को मजबूती प्रदान की। प्रगतिशील विचारधारा के प्रति समर्पित मंगल ओहदार ने अपने परिवार को भी इन मूल्यों से जोड़ा। उनके पुत्र पावेल उनके सिद्धांतों को आगे बढ़ा रहे हैं।
श्रद्धांजलि देने वालों में प्रेम भसीन, सुरेश सिंह, संजीव कुमार संजू, अजीत कुमार, मृत्युंजय शर्मा और प्रेम प्रकाश सहित कई लोग शामिल थे।






