रांची। दीपावली के दौरान पटाखों से होने वाली संभावित दुर्घटनाओं और आग से झुलसने के मामलों को देखते हुए रांची के सरकारी अस्पतालों में विशेष चिकित्सा व्यवस्था की गई है। किसी भी आपात स्थिति में मरीजों को तत्काल उपचार उपलब्ध कराने के उद्देश्य से रिम्स में 18 और सदर अस्पताल में 10 बेड तैयार रखे गए हैं। स्वास्थ्य व्यवस्था को लेकर अस्पताल प्रशासन को अलर्ट रहने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि त्योहार के दौरान पटाखों से घायल होने वाले लोगों को बिना देरी के चिकित्सा सुविधा मिल सके। राजेंद्र आयुर्विज्ञान संस्थान (रिम्स) में 18 बेड आपातकालीन मरीजों के लिए तैयार किए गए हैं। वहीं, सदर अस्पताल में भी 10 बेड की व्यवस्था की गई है। इनका इस्तेमाल पटाखों से जलने, आंखों में चोट लगने और अन्य दुर्घटनाओं के शिकार मरीजों के उपचार के लिए किया जा सकेगा। त्योहार के दौरान आपातकालीन चिकित्सा सेवाओं को सुचारु बनाए रखने पर विशेष जोर दिया गया है। अस्पतालों को निर्देश दिया गया है कि जरूरत पड़ने पर मरीजों को तुरंत भर्ती कर उपचार शुरू किया जाए। इसके लिए संबंधित चिकित्सा टीमों को तैयार रहने को कहा गया है। दीपावली के दौरान पटाखों से हाथ, चेहरे और आंखों में चोट लगने की घटनाएं सामने आती हैं। ऐसे में लोगों को खुले स्थान पर पटाखे जलाने, बच्चों को बड़ों की निगरानी में रखने और ज्वलनशील वस्तुओं से दूरी बनाए रखने की सलाह दी जाती है। रांची के अस्पतालों में की गई यह तैयारी किसी भी अप्रिय घटना की स्थिति में मरीजों को समय पर इलाज उपलब्ध कराने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। स्वास्थ्य विभाग का उद्देश्य त्योहार के दौरान आपातकालीन सेवाओं को पूरी तरह सक्रिय रखना है।रिम्स और सदर अस्पताल में विशेष इंतजाम
डॉक्टरों और स्वास्थ्यकर्मियों को सतर्क रहने के निर्देश
पटाखे जलाते समय सावधानी बरतने की अपील
दीपावली पर पटाखों से होने वाली दुर्घटनाओं से निपटने की तैयारी, रिम्स में 18 और सदर अस्पताल में 10 बेड आरक्षित


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