BREAKING NEWS

logo

Advertisement
Advertisement

बिहार की नदियों से गाद हटाने की तैयारी तेज, जल संसाधन विभाग ने गठित की पांच सदस्यीय विशेष टीम


पटना। बिहार में बाढ़ की समस्या और नदियों की जलधारण क्षमता बढ़ाने के उद्देश्य से राज्य सरकार ने एक नई पहल शुरू की है। जल संसाधन विभाग ने नदियों में जमा गाद (सिल्ट) की समस्या का समाधान तलाशने के लिए पांच सदस्यीय विशेष टीम का गठन किया है। यह टीम विभिन्न नदियों की मौजूदा स्थिति का अध्ययन कर गाद निकालने के लिए विस्तृत कार्ययोजना तैयार करेगी।

नदियों की स्थिति का करेगी आकलन

विशेष टीम को नदियों में जमा गाद की मात्रा, उसके प्रभाव और जल प्रवाह की स्थिति का अध्ययन करने की जिम्मेदारी दी गई है। जांच के दौरान यह पता लगाया जाएगा कि किन नदी क्षेत्रों में गाद जमा होने से पानी के बहाव में बाधा उत्पन्न हो रही है। इसके आधार पर प्राथमिकता वाले क्षेत्रों की पहचान की जाएगी।

बाढ़ और जलजमाव से निपटने की उम्मीद

बिहार में हर साल मानसून के दौरान कई जिलों को बाढ़ की गंभीर समस्या का सामना करना पड़ता है। नदियों में गाद जमा होने से उनकी जलधारण क्षमता और प्रवाह प्रभावित हो सकता है। ऐसे में वैज्ञानिक तरीके से गाद की निकासी होने पर जल प्रवाह बेहतर बनाने में मदद मिल सकती है।

कार्ययोजना के आधार पर आगे बढ़ेगा अभियान

पांच सदस्यीय टीम अध्ययन पूरा करने के बाद विभाग को अपनी रिपोर्ट सौंपेगी। इसमें गाद निकालने की संभावित तकनीक, आवश्यक संसाधन और प्राथमिकता के आधार पर किए जाने वाले कार्यों का सुझाव शामिल हो सकता है। इसके बाद विभाग आगे की कार्रवाई पर निर्णय लेगा।

किसानों और आम लोगों को मिल सकता है लाभ

नदियों की बेहतर सफाई और जल प्रवाह में सुधार से बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों को राहत मिलने की उम्मीद है। इसके अलावा, जलनिकासी की समस्या कम होने से कृषि भूमि और ग्रामीण बस्तियों को भी फायदा पहुंच सकता है।

कुल मिलाकर, बिहार सरकार की यह पहल नदियों के प्रबंधन और बाढ़ नियंत्रण की दिशा में महत्वपूर्ण कदम साबित हो सकती है। हालांकि, इसका वास्तविक प्रभाव टीम की रिपोर्ट और उसके आधार पर लागू की जाने वाली कार्ययोजना पर निर्भर करेगा।