पटना। बिहार में बैंकिंग धोखाधड़ी का एक बड़ा मामला सामने आया है। यहां एक संगठित गिरोह ने कथित तौर पर क्लोन चेक के जरिए महज 23 दिनों के भीतर अलग-अलग बैंक खातों से करीब 2.72 करोड़ रुपये निकाल लिए। शुरुआती जांच में चेक की हाईटेक तरीके से नकल तैयार कर बैंकिंग व्यवस्था का दुरुपयोग करने की बात सामने आई है। मामले के खुलासे के बाद पुलिस और संबंधित एजेंसियां गिरोह के नेटवर्क की पड़ताल में जुट गई हैं। जांच में पता चला है कि आरोपियों ने कथित तौर पर मूल चेक की नकल तैयार कर उसके जरिए बैंक खातों से रकम निकालने की साजिश रची। इस तरीके में चेक से संबंधित विवरणों की नकल कर फर्जी चेक का इस्तेमाल किया जाता है। गिरोह ने इसी तकनीक का सहारा लेकर अलग-अलग खातों को निशाना बनाया। इस मामले में सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि महज 23 दिनों के दौरान करीब 2.72 करोड़ रुपये की निकासी की गई। इतनी बड़ी रकम की धोखाधड़ी सामने आने के बाद बैंकिंग सुरक्षा व्यवस्था और चेक सत्यापन प्रक्रिया पर भी सवाल उठ रहे हैं। पुलिस अब इस पूरे नेटवर्क की कड़ियां जोड़ने में लगी है। जांच के दायरे में फर्जी चेक तैयार करने, बैंक खातों का इस्तेमाल करने और रकम निकालने में शामिल संभावित लोगों की भूमिका शामिल है। यह भी पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि गिरोह ने कितने बैंक खातों को निशाना बनाया और ठगी की रकम कहां भेजी गई। इस घटना ने चेक के माध्यम से होने वाले वित्तीय लेनदेन में अतिरिक्त सावधानी बरतने की आवश्यकता को उजागर किया है। बैंक ग्राहकों को अपने खाते के लेनदेन की नियमित निगरानी करनी चाहिए और किसी भी संदिग्ध निकासी की जानकारी तुरंत बैंक को देनी चाहिए। फिलहाल पुलिस की जांच जारी है। गिरोह के पूरे नेटवर्क, ठगी की रकम और इसमें शामिल लोगों के बारे में विस्तृत जानकारी जांच पूरी होने के बाद सामने आने की उम्मीद है।असली चेक की नकल बनाकर निकाली गई रकम
23 दिनों में करोड़ों रुपये का खेल
गिरोह के अन्य सदस्यों की तलाश
बैंक ग्राहकों के लिए सतर्क रहने की जरूरत
बिहार में क्लोन चेक से 23 दिनों में 2.72 करोड़ की बैंक धोखाधड़ी, हाईटेक गिरोह ने अपनाया ठगी का नया तरीका


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