BREAKING NEWS

logo

Advertisement
Advertisement

दिवाली से पहले दिल्ली की हवा हुई बेहद जहरीली, 10 वर्षों में सबसे खराब वायु गुणवत्ता दर्ज होने की खबर


नई दिल्ली। दीपावली के जश्न से पहले देश की राजधानी दिल्ली में वायु प्रदूषण ने गंभीर चिंता पैदा कर दी है। दिवाली की पूर्व संध्या पर दिल्ली की वायु गुणवत्ता पिछले 10 वर्षों के मुकाबले सबसे खराब रहने की खबर सामने आई है। हवा में प्रदूषण का स्तर बढ़ने से आम लोगों, खासकर बच्चों, बुजुर्गों और सांस संबंधी समस्याओं से जूझ रहे मरीजों की परेशानी बढ़ने की आशंका है।

प्रदूषण बढ़ने से बिगड़े हालात

राजधानी में हवा की गुणवत्ता खराब होने के पीछे कई कारक जिम्मेदार माने जाते हैं। वाहनों से निकलने वाला धुआं, निर्माण गतिविधियों से उड़ने वाली धूल, औद्योगिक उत्सर्जन और मौसम की प्रतिकूल परिस्थितियां प्रदूषकों को वातावरण में जमा कर सकती हैं। दीपावली के आसपास पटाखों का धुआं भी प्रदूषण की समस्या को और गंभीर बना सकता है।

बच्चों और बुजुर्गों के स्वास्थ्य पर खतरा

खराब वायु गुणवत्ता का असर लोगों के स्वास्थ्य पर पड़ सकता है। प्रदूषित हवा में लंबे समय तक रहने से आंखों में जलन, खांसी, गले में परेशानी और सांस लेने में दिक्कत हो सकती है। अस्थमा तथा हृदय और फेफड़ों से जुड़ी बीमारियों से पीड़ित लोगों को विशेष सावधानी बरतने की जरूरत है।

प्रदूषण से बचाव के लिए सतर्कता जरूरी

विशेषज्ञों की सलाह है कि प्रदूषण का स्तर अधिक रहने पर अनावश्यक रूप से बाहर निकलने से बचें। सुबह और शाम के समय खुले में व्यायाम करने से परहेज करें तथा बच्चों और बुजुर्गों को दूषित वातावरण में अधिक समय तक रहने से रोकें। जरूरत पड़ने पर चिकित्सकीय सलाह लेना भी महत्वपूर्ण है।

दिवाली के बाद स्थिति पर रहेगी नजर

त्योहार के दौरान पटाखों के इस्तेमाल और मौसम की परिस्थितियों के कारण वायु गुणवत्ता में उतार-चढ़ाव हो सकता है। ऐसे में प्रशासन और प्रदूषण नियंत्रण एजेंसियों के लिए प्रदूषण के स्तर की लगातार निगरानी करना महत्वपूर्ण होगा।

दिल्ली में बिगड़ती हवा ने एक बार फिर स्वच्छ वातावरण और सार्वजनिक स्वास्थ्य की चुनौती को सामने ला दिया है। लोगों को दीपावली मनाते समय पर्यावरण और अपनी सेहत, दोनों का ध्यान रखने की जरूरत है।