पलामू: झारखंड के पलामू जिले के पांकी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में कथित अनियमितताओं को लेकर विरोध प्रदर्शन किया गया। आजाद समाज पार्टी और भीम आर्मी से जुड़े सदस्यों ने स्वास्थ्य केंद्र की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की। प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि केंद्र में मरीजों को मिलने वाली स्वास्थ्य सुविधाओं में गंभीर खामियां हैं। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि और प्रशासनिक जांच के निष्कर्ष अभी सामने आना बाकी है। प्रदर्शन के दौरान कथित तौर पर एक्सपायरी दवाएं वितरित किए जाने का मुद्दा उठाया गया। प्रदर्शनकारियों ने मांग की कि स्वास्थ्य केंद्र में उपलब्ध दवाओं के स्टॉक, उनकी वैधता अवधि और मरीजों को दवा देने की प्रक्रिया की जांच कराई जाए। यदि इस तरह की शिकायतों की पुष्टि होती है, तो यह मरीजों की सुरक्षा से जुड़ा गंभीर विषय हो सकता है। प्रदर्शनकारियों ने चिकित्सकों की नियमित उपस्थिति को लेकर भी सवाल उठाए। उनका कहना है कि सरकारी स्वास्थ्य केंद्र में समय पर डॉक्टरों की उपलब्धता जरूरी है, ताकि मरीजों को उपचार के लिए अनावश्यक परेशानी न झेलनी पड़े। इस संबंध में ड्यूटी रोस्टर, उपस्थिति रजिस्टर और मरीजों को उपलब्ध कराई गई सेवाओं की जांच किए जाने की मांग की गई है। मामले में एक अन्य आरोप यह भी लगाया गया कि स्वास्थ्य केंद्र में कथित रूप से किसी अनधिकृत व्यक्ति से मरीजों का इलाज कराया जा रहा है। इस शिकायत की सच्चाई जानने के लिए संबंधित व्यक्ति की योग्यता, नियुक्ति और जिम्मेदारियों की जांच जरूरी होगी। फिलहाल इस आरोप की आधिकारिक पुष्टि उपलब्ध नहीं है। प्रदर्शनकारियों ने संबंधित स्वास्थ्य अधिकारियों और जिला प्रशासन से शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए जांच कराने की मांग की है। मामले में स्वास्थ्य केंद्र के रिकॉर्ड, दवाओं के भंडारण, चिकित्सकों की उपस्थिति और उपचार व्यवस्था की समीक्षा महत्वपूर्ण होगी। संबंधित विभाग की प्रतिक्रिया और जांच के निष्कर्ष सामने आने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि लगाए गए आरोपों में कितनी सच्चाई है। सरकारी स्वास्थ्य केंद्र ग्रामीण और स्थानीय आबादी के लिए उपचार का महत्वपूर्ण माध्यम होते हैं। ऐसे में दवाओं की गुणवत्ता, योग्य चिकित्सकों की उपलब्धता और सुरक्षित इलाज सुनिश्चित करना स्वास्थ्य विभाग की अहम जिम्मेदारी है। शिकायतों की निष्पक्ष जांच और आवश्यक सुधार से मरीजों का भरोसा बनाए रखने में मदद मिल सकती है। महत्वपूर्ण नोट: इस खबर में उल्लेखित बातें प्रदर्शनकारियों के आरोपों पर आधारित हैं। इन्हें प्रमाणित तथ्य न माना जाए। प्रकाशन से पहले संबंधित स्वास्थ्य विभाग, पांकी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र और जिला प्रशासन का पक्ष प्राप्त करना तथा जांच की स्थिति की पुष्टि करना उचित होगा।दवाओं की गुणवत्ता को लेकर उठाए सवाल
डॉक्टरों की उपस्थिति पर भी आपत्ति
अनधिकृत व्यक्ति से इलाज कराने का आरोप
प्रशासनिक जांच से स्थिति हो सकती है स्पष्ट
मरीजों को बेहतर सुविधाएं देने की जरूरत
पलामू के पांकी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में कथित लापरवाही के खिलाफ प्रदर्शन






