देवघर एम्स में नर्सों के लिए NELS प्रोवाइडर कोर्स का आयोजन, 28 नर्सिंग स्टाफ को मिली इमरजेंसी केयर की ट्रेनिंग
देवघर 'एम्स' में नर्सों के लिए NELS प्रोवाइडर कोर्स का आयोजन, 28 नर्सिंग स्टाफ को मिली इमरजेंसी केयर की ट्रेनिंग
अमित कुमार,
रांची एक्सप्रेस ब्यूरो
देवघर : अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स), देवघर में 25 से 26 सितंबर 2026 तक दो दिवसीय नेशनल इमरजेंसी लाइफ सपोर्ट (NELS) प्रोवाइडर कोर्स का आयोजन किया गया।
कोर्स का आयोजन स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय, भारत सरकार के डिजास्टर मैनेजमेंट सेल के सहयोग से एम्स के NELS स्किल सेंटर में किया गया।
इस कोर्स का उद्देश्य नर्सों को आपातकालीन स्थितियों में फर्स्ट रिस्पॉन्डर के रूप में तैयार करना था, ताकि वे समय पर जीवनरक्षक देखभाल प्रदान कर सकें। झारखंड के विभिन्न जिलों से कुल 28 नर्सिंग स्टाफ ने इसमें भाग लिया।
कार्यक्रम का उद्घाटन देवघर 'एम्स' के कार्यकारी निदेशक एवं सीईओ प्रो. (डॉ.) नितिन गंगाणे ने किया। अपने संबोधन में उन्होंने कहा कि इमरजेंसी की जल्द पहचान और त्वरित कार्रवाई जीवन बचाने के लिए बेहद जरूरी है, और इसमें नर्सों की भूमिका सबसे अहम होती है। उन्होंने राज्य स्वास्थ्य अधिकारियों और सिविल सर्जनों को प्रतिभागियों को समय पर नामित करने और कोर्स में भेजने के लिए धन्यवाद दिया।
इस अवसर पर डीन (एकेडमिक्स) प्रो. हरमिंदर सिंह, उप निदेशक (प्रशासन) श्री अभिक दास और कॉलेज ऑफ नर्सिंग की प्राचार्य डॉ. वसंता कल्याणी ने भी अपने अनुभव साझा किए।
कार्यक्रम में प्रो. (डॉ.) संजय कुमार ने कहा कि यह झारखंड में NELS कार्यक्रम के तहत केंद्रीय पर्यवेक्षक की उपस्थिति में आयोजित होने वाला अपनी तरह का पहला कोर्स है। यह राज्य भर में इमरजेंसी और ट्रॉमा केयर सेवाओं को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
प्रशिक्षण के दौरान प्रतिभागियों को विभिन्न स्किल स्टेशनों पर प्रैक्टिकल कराया गया। इसमें एडल्ट और शिशु पुतलों पर सीपीआर, एयरवे मैनेजमेंट और बैग-मास्क वेंटिलेशन, डिफिब्रिलेटर का उपयोग और हाई-फिडेलिटी सिमुलेशन मैनिक्विन पर परिदृश्य-आधारित प्रशिक्षण शामिल था। फैकल्टी सदस्यों ने छोटे समूहों में व्यक्तिगत फीडबैक भी दिया।
उम्मीद है कि इस कोर्स से झारखंड के स्वास्थ्य केंद्रों में इमरजेंसी रिस्पॉन्स की गुणवत्ता में सुधार होगा और मरीजों को बेहतर परिणाम मिलेंगे।






