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देहदान ही मानव सेवा: सेवानिवृत्त सैनिक गणेश चरण मिश्रा ने देवघर एम्स को किया देहदान, एमबीबीएस छात्रों ने ली शपथ


अमित कुमार,
रांची एक्सप्रेस ब्यूरो 

देवघर : देवघर 'एम्स' में एमबीबीएस- 2026 बैच के नव प्रवेशित छात्रों के लिए एनाटॉमी विभाग द्वारा कैडेवरिक ओथ सेरेमनी का आयोजन किया गया। 

कार्यक्रम में भावी डॉक्टरों ने कैडेवर यानी मृत शरीर को अपना पहला गुरु मानते हुए उसके प्रति सम्मान, संवेदनशीलता और कृतज्ञता बनाए रखने की शपथ ली।

इस दौरान छात्रों को बताया गया कि चिकित्सा की पढ़ाई में कैडेवर का महत्व सबसे अधिक है। मानव शरीर की बनावट और अंगों की बारीकियों को समझने के लिए मृत शरीर ही पहला शिक्षक होता है। साथ ही देहदान करने वाले व्यक्ति और उनके परिवार के अमूल्य योगदान को भी याद किया गया।

छात्रों ने शपथ ली कि वे अध्ययन के दौरान कैडेवर के सम्मान और गोपनीयता का पूरा ध्यान रखेंगे और चिकित्सा पेशे के नैतिक मूल्यों को प्राथमिकता देंगे।

इसी कार्यक्रम के बीच देवघर निवासी सेवानिवृत्त सैनिक गणेश चरण मिश्रा ने मानवता की मिसाल पेश की है। उन्होंने मृत्यु के बाद अपना शरीर एम्स देवघर के एनाटॉमी विभाग को दान करने की घोषणा की है। इस संबंध में 'एम्स' की ओर से उन्हें देहदान पत्र जारी किया गया है, जिस पर रजिस्ट्रेशन नंबर AIIMS/Deo/ANAT-BD/2026/04 और दिनांक 05 सितंबर 2026 दर्ज है।

सेवानिवृत्त सैनिक गणेश चरण मिश्रा ने कहा कि उन्हें गर्व है कि मृत्यु के बाद भी उनका शरीर एम्स के काम आएगा और छात्रों को सीखने का अवसर मिलेगा। उन्होंने कहा कि यदि उनके शरीर का कोई अंग किसी जरूरतमंद के काम आ सके और किसी की जिंदगी बच सके तो इससे बड़ी खुशी उनके लिए कुछ नहीं होगी।