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बोकारो इस्पात संयंत्र एवं सेल प्रबंधन द्वारा राजकीय प्रशासन से इस राष्ट्रीय औद्योगिक प्रतिष्ठान के संचालन को सामान्य बनाने की पुनः अपील


विस्थापित आंदोलन के मद्देनजर सेल प्रबंधन द्वारा गंभीर कानून-व्यवस्था की स्थिति में प्रशासन से आवश्यक सहयोग एवं हस्तक्षेप का अनुरोध

बोकारो इस्पात संयंत्र एवं सेल प्रबंधन द्वारा राजकीय प्रशासन से इस राष्ट्रीय औद्योगिक प्रतिष्ठान के संचालन को सामान्य बनाने की पुनः अपील

अलका मिश्रा/बोकारो

      ये सर्वविदित है कि सेल (SAIL) एक केंद्रीय सार्वजनिक क्षेत्र का उपक्रम (CPSE) होने विस्थापित समूह के आंदोलन से बोकारो इस्पात संयंत्र में उत्पादन ठप; परिचालन एवं औद्योगिक सुरक्षा के समक्ष गहराता संकट
के नाते सदैव समाज के साथ खड़ा रहा है तथा निर्धारित नियमों एवं अनुमन्य व्यवस्थाओं के अंतर्गत हरसंभव सहयोग एवं सहायता प्रदान करने के लिए प्रतिबद्ध रहा है।

प्रबंधन ने आज जैसी गंभीर कानून-व्यवस्था की स्थिति में प्रशासन से आवश्यक सहयोग एवं हस्तक्षेप का अनुरोध किया है, क्योंकि ऐसी परिस्थितियाँ संयंत्र की सुरक्षा, सुचारु संचालन एवं भविष्य के लिए गंभीर खतरा उत्पन्न कर सकती हैं।

     विस्थापित समूह द्वारा जारी आंदोलन के कारण बोकारो इस्पात संयंत्र के सभी प्रवेश द्वार अवरुद्ध कर दिए गए हैं, जिससे कर्मचारियों एवं श्रमिकों को संयंत्र में प्रवेश करने से रोका जा रहा है। इसके परिणामस्वरूप उत्पादन गतिविधियाँ पूरी तरह ठप हो गई हैं। स्थिति अब केवल आवागमन में बाधा तक सीमित नहीं रह गई है, बल्कि इससे संयंत्र के उत्पादन, परिचालन की निरंतरता तथा औद्योगिक सुरक्षा के समक्ष गंभीर संकट उत्पन्न हो गया है।

17 अक्टूबर 2026 को उपलब्ध उत्पादन रिपोर्ट के अनुसार, ब्लास्ट फर्नेस, सिंटर प्लांट तथा स्टील मेल्टिंग शॉप (SMS-I एवं SMS-II) सहित प्रमुख उत्पादन इकाइयों एवं मिलों का परिचालन ठप हो गया है। इस व्यापक व्यवधान के कारण बोकारो इस्पात संयंत्र को प्रतिदिन लगभग ₹30 करोड़ की वित्तीय क्षति होने का अनुमान है।

बोकारो इस्पात संयंत्र एक अत्यंत संवेदनशील तापीय एवं औद्योगिक प्रतिष्ठान है। यहाँ उच्च तापमान, लिक्विड स्टील एवं औद्योगिक गैसों से संबंधित प्रणालियों का सुरक्षित संचालन निरंतर तकनीकी निगरानी तथा निर्धारित सुरक्षा मानकों के कड़ाई से अनुपालन पर निर्भर करता है। संयंत्र में औद्योगिक गैस पाइपलाइनों का एक विस्तृत और संवेदनशील नेटवर्क है, जिसकी चौबीसों घंटे निगरानी एवं सुरक्षा सुनिश्चित करना अनिवार्य है।

सभी प्रवेश द्वार अवरुद्ध होने के कारण संयंत्र परिसर के भीतर मौजूद इस्पातकर्मी 18 घंटे से अधिक समय से फँसे हुए हैं तथा उन्हें भोजन और पेयजल जैसी बुनियादी आवश्यकताओं की कमी का सामना करना पड़ रहा है। इन प्रतिकूल परिस्थितियों, शारीरिक थकान एवं लगातार ड्यूटी के दबाव के बावजूद संयंत्रकर्मी सुरक्षा मानकों का पालन करते हुए आवश्यक परिचालन संबंधी दायित्वों का निर्वहन कर रहे हैं। प्रमुख उत्पादन इकाइयों के बंद होने और सामान्य परिचालन व्यवस्था बाधित होने के कारण संवेदनशील गैस प्रणालियों की निरंतर निगरानी तथा आवश्यक सुरक्षा प्रक्रियाओं का सुचारु रूप से अनुपालन सुनिश्चित करना लगातार चुनौतीपूर्ण होता जा रहा है।
अब तक संयंत्र में गैस रिसाव या कोई दुर्घटना नहीं हुई है। तथापि, संयंत्र की संवेदनशील प्रकृति और परिचालन में लंबे समय से जारी व्यवधान को देखते हुए संभावित सुरक्षा जोखिमों की अनदेखी नहीं की जा सकती। यदि नाकेबंदी जारी रहती है, तो निर्धारित सुरक्षा मानकों का प्रभावी अनुपालन करने तथा आवश्यक परिचालन प्रक्रियाओं को सुचारु रूप से जारी रखने में कठिनाइयाँ और बढ़ सकती है।

              अतः *प्रबंधन ने आज जैसी गंभीर कानून-व्यवस्था की स्थिति में प्रशासन से आवश्यक सहयोग एवं हस्तक्षेप का अनुरोध* किया है, क्योंकि ऐसी परिस्थितियाँ संयंत्र की सुरक्षा, सुचारु संचालन एवं भविष्य के लिए गंभीर खतरा उत्पन्न कर सकती हैं।
बोकारो इस्पात संयंत्र एवं सेल प्रबंधन राजकीय प्रशासन से इस राष्ट्रीय औद्योगिक प्रतिष्ठान के संचालन को सामान्य बनाने में सहयोग देने तथा आज रात्रि ही संयंत्र के प्रवेश द्वारों को पुनः सुचारु रूप से संचालित कराने हेतु आवश्यक पहल करने की अपील करता है।