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राष्ट्रीय सिनेमा दिवस पर जमशेदपुर महिला विश्वविद्यालय में लघु फिल्म निर्माण पर एक दिवसीय कार्यशाला आयोजित


जमशेदपुर, 30 सितंबर 2026। जमशेदपुर महिला विश्वविद्यालय के पत्रकारिता एवं जनसंचार विभाग की ओर से राष्ट्रीय सिनेमा दिवस के उपलक्ष्य में बुधवार को लघु फिल्म निर्माण पर एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया गया। विश्वविद्यालय की कुलपति प्रो. इला कुमार के नेतृत्व में कार्यक्रम का शुभारंभ हुआ। कार्यशाला का उद्देश्य विद्यार्थियों को फिल्म निर्माण, कहानी कहने की कला और सिनेमा की रचनात्मक बारीकियों से परिचित कराना रहा।

कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में स्वतंत्र फिल्म निर्माता एवं दलमा मोशन पिक्चर्स प्राइवेट लिमिटेड के संस्थापक श्री रवि राज मुर्मू उपस्थित रहे। उन्हें उनकी संथाली लघु फिल्म ‘आंगेन’ के लिए सर्वश्रेष्ठ नवोदित निर्देशक का राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार प्राप्त हुआ है। 72वें राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार समारोह में उन्हें राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू द्वारा सम्मानित किया गया था। कार्यशाला के दौरान उनकी पुरस्कार विजेता फिल्म ‘आंगेन’ का प्रदर्शन भी किया गया।

इस अवसर पर विभाग की पूर्व छात्रा एवं विशेष अतिथि सुश्री जॉयश्री गोराई को सम्मानित किया गया। वे फिल्म निर्माता, निर्देशक, अभिनेत्री और चलचित्र संपादक के रूप में कार्य कर रही हैं। वर्ष 2022 से 2025 के दौरान पत्रकारिता एवं जनसंचार विभाग की छात्रा रहीं जॉयश्री ने टी-सीरीज, देवांगन फिल्म्स और Jass म्यूजिक के साथ संगीत वीडियो परियोजनाओं में काम किया है। इसके अलावा वे वेब धारावाहिक ‘कलियुगी जीवन’ और ‘सहारा’ तथा ‘फूल और डाली’ जैसी लघु फिल्मों से भी जुड़ी रही हैं।

वर्ष 2026 से विभाग की ओर से इस कार्यशाला के माध्यम से उन पूर्व छात्राओं को सम्मानित करने की नई पहल शुरू की गई है, जिन्होंने अपने कार्य और प्रतिभा के दम पर मीडिया एवं रचनात्मक क्षेत्र में अपनी अलग पहचान बनाई है।

कार्यक्रम में छात्र कल्याण अधिष्ठाता एवं व्यावसायिक अध्ययन अधिष्ठाता डॉ .किश्वर आरा, कुलसचिव डॉ. सलोमी कुजूर, मानविकी संकायाध्यक्ष डॉ. सुधीर कुमार साहु डॉ. दीपा शरण, कार्यक्रम समन्वयक डॉ शालिनी प्रसाद, डॉ. रितेश कुमार ठाकुर और डॉ. अनिता मिश्रा सहित अन्य अतिथि एवं शिक्षक गण उपस्थित रहे।

कार्यशाला के दौरान रवि राज मुर्मू ने विद्यार्थियों के साथ अपने फिल्म निर्माण के अनुभव, रचनात्मक यात्रा और सिनेमा के विभिन्न पहलुओं को साझा किया। वहीं जॉयश्री घोराई ने भी अपने अनुभवों के माध्यम से विद्यार्थियों को फिल्म एवं मीडिया के क्षेत्र में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया।

कार्यशाला में विद्यार्थियों ने फिल्म निर्माण, निर्देशन, अभिनय, संपादन, कहानी लेखन और सिनेमा की रचनात्मक प्रक्रिया से जुड़े महत्वपूर्ण पहलुओं को समझा। कार्यक्रम ने विद्यार्थियों को सिनेमा की दुनिया को करीब से जानने और फिल्म निर्माण के क्षेत्र में अपनी रचनात्मक प्रतिभा को निखारने का अवसर प्रदान किया। ‎