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मुजफ्फरपुर में 28 किलो से ज्यादा गांजा बरामद, बैरिया बस स्टैंड से एक गिरफ्तार


मुजफ्फरपुर। जिले के अहियापुर थाना क्षेत्र स्थित बैरिया बस स्टैंड में पुलिस ने मादक पदार्थ की एक बड़ी खेप पकड़े जाने का दावा किया है। पुलिस के अनुसार, कार्रवाई के दौरान 28.06 किलोग्राम गांजा बरामद किया गया और वैशाली जिले के भगवानपुर निवासी मिथुन कुमार को गिरफ्तार किया गया। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि गांजा कहां से लाया गया था और इसे किस नेटवर्क के जरिए दूसरे राज्य तक पहुंचाया जाना था।

गुप्त सूचना के बाद बस स्टैंड में घेराबंदी

पुलिस के मुताबिक, अधिकारियों को सूचना मिली थी कि गांजे की एक खेप बैरिया बस स्टैंड पहुंचने वाली है और इसे बस के जरिए दूसरे राज्य ले जाने की तैयारी है। सूचना के आधार पर विशेष टीम ने बस स्टैंड परिसर में निगरानी बढ़ाई और संदिग्ध लोगों की जांच शुरू की।

इसी दौरान पुलिस की नजर दो संदिग्ध व्यक्तियों पर पड़ी। पुलिस को देखते ही उनमें से एक व्यक्ति मौके से भागने में सफल रहा, जबकि दूसरे को पुलिस टीम ने पकड़ लिया।

बैग और पैकेटों से मिली नशीले पदार्थ की खेप

पुलिस के अनुसार, पकड़े गए युवक की तलाशी लेने पर उसके सामान से गांजे के पैकेट बरामद हुए। वजन करने पर कुल मात्रा 28.06 किलो बताई गई। इसके अलावा उसके पास से एक मोबाइल फोन भी जब्त किए जाने की जानकारी है।

पुलिस ने बरामद सामग्री को जब्त कर आगे की कानूनी प्रक्रिया शुरू कर दी है। मामले में NDPS Act के तहत प्राथमिकी दर्ज किए जाने की जानकारी सामने आई है।

ओडिशा से धनबाद और फिर मुजफ्फरपुर पहुंचने का दावा

पूछताछ के दौरान पुलिस को आरोपी से एक संभावित रूट की जानकारी मिलने की बात सामने आई है। पुलिस के अनुसार, गांजे की खेप ओडिशा के संबलपुर से लाई गई थी। वहां से आरोपी पहले धनबाद पहुंचा और फिर बस के जरिए मुजफ्फरपुर के बैरिया बस स्टैंड आया।

पुलिस की जांच में यह भी सामने आया है कि यहां से खेप को उत्तर प्रदेश ले जाने की तैयारी थी। हालांकि, गांजे के वास्तविक स्रोत और अंतिम गंतव्य की स्वतंत्र पुष्टि जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट होगी।

मोबाइल फोन की तकनीकी जांच

गिरफ्तार आरोपी के पास से मिले मोबाइल फोन को पुलिस ने जांच के लिए जब्त किया है। तकनीकी टीम फोन में मौजूद कॉल रिकॉर्ड, संदेश और अन्य डिजिटल जानकारी की जांच कर रही है।

जांच का उद्देश्य कथित आपूर्ति श्रृंखला से जुड़े अन्य लोगों की पहचान करना है। पुलिस यह भी पता लगाने का प्रयास कर रही है कि आरोपी अकेले काम कर रहा था या उसके पीछे कोई बड़ा नेटवर्क सक्रिय था।

एक साथी के फरार होने की जानकारी

पुलिस के अनुसार, कार्रवाई के दौरान आरोपी का एक कथित साथी अंधेरे का फायदा उठाकर भाग गया। उसकी पहचान और संभावित ठिकाने की जानकारी जुटाई जा रही है।

पुलिस टीम फरार व्यक्ति की तलाश में संभावित स्थानों पर छापेमारी कर रही है। साथ ही गिरफ्तार युवक से पूछताछ के आधार पर अन्य संदिग्धों की भूमिका भी जांची जा रही है।

अंतरजिला या अंतरराज्यीय नेटवर्क की जांच

इस मामले में पुलिस की जांच केवल बरामद गांजे तक सीमित नहीं है। अधिकारियों की कोशिश यह पता लगाने की है कि इतनी बड़ी मात्रा में मादक पदार्थ की आपूर्ति किस माध्यम से हुई और इसके पीछे कौन-कौन लोग जुड़े हो सकते हैं।

मोबाइल डेटा, यात्रा मार्ग और आरोपी के संपर्कों की जांच से कथित नेटवर्क की अन्य कड़ियों तक पहुंचने की कोशिश की जा रही है। पुलिस ने अभी किसी बड़े गिरोह की भूमिका को अंतिम रूप से स्थापित नहीं किया है।

बस स्टैंड पर सुरक्षा और निगरानी का सवाल

बैरिया बस स्टैंड जैसे व्यस्त परिवहन केंद्र से मादक पदार्थ की खेप पकड़े जाने के बाद सार्वजनिक परिवहन के जरिए नशीले पदार्थों की आवाजाही पर भी सवाल उठ रहे हैं। पुलिस की कार्रवाई के बाद अब जांच एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि क्या इसी रूट का इस्तेमाल पहले भी ऐसी गतिविधियों के लिए किया गया था।

आगे की जांच में इससे जुड़े अन्य मामलों या आरोपियों के बारे में जानकारी मिलने की संभावना है।

निष्कर्ष

मुजफ्फरपुर के बैरिया बस स्टैंड से पुलिस ने 28.06 किलो गांजा बरामद कर एक युवक को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार, बरामद खेप को दूसरे राज्य ले जाने की तैयारी थी और एक अन्य संदिग्ध मौके से फरार हो गया। अब मोबाइल फोन और अन्य तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर गांजे के स्रोत, संभावित गंतव्य और कथित तस्करी नेटवर्क की जांच की जा रही है। गिरफ्तार व्यक्ति पर लगे आरोपों का अंतिम निर्धारण न्यायिक प्रक्रिया के तहत होगा।