हरिहरगंज में 80 एकड़ तक फैली स्ट्रॉबेरी की खेती, सैकड़ों मजदूरों को मिल रहा रोजगार
हरिहरगंज प्रखंड क्षेत्र में स्ट्रॉबेरी की खेती किसानों के लिए कमाई का बेहतर जरिया बन रही है। यहां करीब 70 से 80 एकड़ भूमि पर दर्जनों किसान स्ट्रॉबेरी की खेती कर रहे हैं। इस खेती से न केवल किसानों की आर्थिक स्थिति मजबूत हो रही है, बल्कि क्षेत्र के सैकड़ों मजदूरों को भी रोजगार मिल रहा है। बेहतर उत्पादन और बाजार में मांग के कारण स्ट्रॉबेरी की खेती के प्रति किसानों का रुझान बढ़ रहा है।
हरिहरगंज किसान सलाहकार समिति के प्रखंड अध्यक्ष राजू कुमार मेहता के अनुसार, स्ट्रॉबेरी की अच्छी पैदावार होने पर किसानों को प्रति एकड़ ढाई से तीन लाख रुपये तक की कमाई होती है। उद्यान विभाग की ओर से किसानों को प्रोत्साहन राशि भी दी जाती है, जिससे उन्हें खेती करने में सहयोग मिलता है। स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर बढ़ने के साथ किसानों को अपनी उपज बेचने के लिए बड़े शहरों के बाजार भी मिल रहे हैं।
रांची, पटना और कोलकाता तक पहुंच रही स्ट्रॉबेरी
हरिहरगंज में उत्पादित स्ट्रॉबेरी की मार्केटिंग रांची, पटना और कोलकाता सहित कई छोटे-बड़े शहरों में की जाती है। इन बाजारों तक फल पहुंचने से स्थानीय किसानों को अपनी उपज बेचने के अवसर मिल रहे हैं। बेहतर बाजार मिलने से खेती को लाभकारी बनाने में मदद मिल रही है। वहीं, फलों की तुड़ाई, छंटाई, पैकिंग और ढुलाई जैसे कार्यों में मजदूरों को काम मिलता है। इससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिल रही है।
अधिकारियों ने भी किसानों को किया प्रोत्साहित
स्ट्रॉबेरी की खेती को बढ़ावा देने के लिए पलामू जिले के कई पदाधिकारी भी समय-समय पर किसानों को प्रोत्साहित कर चुके हैं। किसानों को बेहतर खेती और अच्छी आमदनी के लिए प्रेरित किया गया है। स्थानीय किसानों का प्रयास है कि खेती के क्षेत्र में उपलब्ध संभावनाओं का लाभ उठाकर उत्पादन और आमदनी को बढ़ाया जाए।
कई किसान खेती से जुड़े
हरिहरगंज प्रखंड में स्ट्रॉबेरी की खेती करने वाले किसानों में राजू कुमार मेहता, शुभम कुमार, पिंटू कुमार, मंटू कुमार, पम्मी कुमार, गोपाल मेहता, विनोद कुमार वर्मा, रूपेश कुमार, योगेश कुमार, अभय कुमार, छोटन कुमार, परमेश्वर मेहता और मिथिलेश मेहता सहित कई अन्य किसान शामिल हैं।
किसानों के अनुसार, स्ट्रॉबेरी की खेती क्षेत्र में कृषि आधारित रोजगार और आय बढ़ाने की अच्छी संभावना रखती है। यदि किसानों को तकनीकी मार्गदर्शन, बेहतर बाजार और सरकारी योजनाओं का निरंतर सहयोग मिलता रहे, तो आने वाले समय में हरिहरगंज स्ट्रॉबेरी उत्पादन के क्षेत्र में अपनी अलग पहचान बना सकता है।






