राम-केवट संवाद में है प्रेम व भक्ति की अतल गहराई :- पंडित रोहित तिवारी
'मांगी नाव न केवट आना
कहइ तुम्हार मरम मैं जाना।'
सदर मेदिनीनगर प्रखंड अंतर्गत बड़कागांव के हनुमान गढ़ी परिसर में आयोजित दुर्गा पूजा सह नवरात्र प्रवचन के दूसरे दिन बक्सर,बिहार से पधारे पंडित रोहित तिवारी ने राम-केवट प्रसंग की विशद व्याख्या कर श्रद्धालुओं का मन मोह लिया। उन्होंने संगीतमय कथा का रसपान कराते हुए कहा कि राम के प्रति केवट का प्रेम व भक्ति की गहराई को थाहना असंभव है। भगवान राम के नाव मांगने जब केवट उनके मर्म को जानने की बात कहकर इंकार कर देता है तो भगवान नाराज होने के बजाय मोहित हो जाते हैं। वह इसमें केवट की भक्ति का अद्भुत रूप देखते हैं। पंडित रोहित तिवारी ने कहा कि राम-केवट के निर्मल प्रेम में ऊंच-नीच की भावना को खत्म करने का संदेश निहित है। संगीतमय प्रवचन में बैंजो पर छठू लाल लहरी,तबला पर झबू पाण्डेय व झाल पर हंसलाल के द्वारा संगत किया जा हैं।






