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सात महीने बाद भी स्वंयसेवी संस्था ट्राइ को सरकार ने नहीं किया ब्लैकलिस्ट


हेल्थ डिपार्टमेंट को रातू के तिगड़ा और दुमका के गांदो अस्पताल को चलाने का जिम्मा देने की कही थी बात, अब तक नहीं हुआ है हैंडओवर
विशेष संवाददाता
रांची : झारखंड सरकार के कल्याण विभाग की तरफ से रांची के तिगरा में कल्याण अस्पताल के संचालन में गड़बड़ी को लेकर अब तक स्वंयसेवी संस्था ट्राइ (टीआर‍वाई) को काली सूची में नहीं डाला गया है। 15 अप्रैल 2026 को रातू थाना में बीडीओ रांची ने प्राथमिकी दर्ज करायी थी। यह प्राथमिकी आदिवासी कल्याण आयुक्त के 10 मार्च 2026 को लिखे गये पत्र के आधार पर की गयी थी। 
ट्राइ ने कल्याण विभाग को फरजी बैंक गारंटी दी थी
जानकारी के अनुसार ट्राइ संस्था के उत्पल दत्त ने कल्याण विभाग के कंसेशन एग्रीमेंट के तहत ग्रामीण कल्याण अस्पताल गांदो दुमका और तिगड़ा रातू के लिए जो परफार्मेंस सिक्यूरिटी दिया था, वह फरजी थी। दोनों जगहों के लिए दिये गये बैंक गारंटी को पाटलिपुत्रा कालोनी पटना के पंजाब नेशनल बैंक से 04 मई 2020 को जारी करने का दावा किया गया था। पर पंजाब नेशनल बैंक ने 18 जुलाई 2025 को यह जानकारी दी कि बैंक गारंटी उनकी शाखा से जारी नहीं किये गये थे। 
रातू थाने में 16 अप्रैल को दर्ज हुई थी प्राथमिकी
इसके बाद रातू थाने में ट्राई के सचिव उत्पल दत्त और एनजीओ के खिलाफ रातू थाना में 16 अप्रैल 2026 को केस संख्या 123 ऑफ 2026 दर्ज किया गया। इसमें भारतीय दंड विधान संहिता की धारा 338, 336 (3), 340 (2), 318 (4) के तहत कार्रवाई करने का निर्देश दिया गया था। बीडीओ वर्षा आइंद ने यह प्राथमिकी दर्ज करायी थी। बताया जाता है कि संस्था को काली सूची में डालने का प्रस्ताव प्राथमिकी दर्ज कराने के बाद धीमा पड़ गया है। विभागीय सचिव कृपा नंद झा की तरफ से इस मामले में कार्रवाई करने को कहा गया था, पर अब तक कार्रवाई नहीं की गयी।
हेल्थ डिपार्टमेंट को अस्पताल चलाने का मिला था जिम्मा, अब तक हैंडओवर नहीं लिया गया
उधर ट्राइ की ओर से संचालित दो कल्याण अस्पतालों का संचालन सरकार की तरफ से स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग को देने की बातें कही गयीं थीं। पर सात महीने बाद भी कल्याण विभाग के अस्पताल का हैंड ओवर हेल्थ डिपार्टमेंट ने नहीं लिया था। उस समय यह भी कहा गया था कि सनमत फाउंडेशन और रिंची ट्रस्ट को अस्पताल चलाने का जिम्मा दे दिया जाये। पर इस पर बात आगे नहीं बढ़ पायी।