समझौते के बाद भी पीड़ितों की सुरक्षा का सत्यापन, 38 मामलों में घर-घर पहुंची पलामू पुलिस
छतरपुर (पलामू) : पुलिस का दायित्व केवल विवादों का निपटारा करना या कानूनी कार्रवाई करना ही नहीं, बल्कि जरूरत के समय पीड़ितों के साथ खड़े रहना, उनकी सुरक्षा सुनिश्चित करना और उनमें विश्वास की भावना कायम रखना भी है। इसी सोच के तहत पुलिस अधीक्षक, पलामू श्री कपिल चौधरी के निर्देशानुसार जिले के सभी थानों में घरेलू प्रताड़ना की शिकार महिलाओं एवं वृद्धजनों से संबंधित मामलों के संधारण के लिए विशेष रजिस्टर खोला गया था। पिछले दो महीनों के दौरान इन मामलों का नियमित संधारण किया गया।
संधारित मामलों की वर्तमान स्थिति का जायजा लेने तथा पीड़ितों की सुरक्षा एवं कुशलक्षेम सुनिश्चित करने के उद्देश्य से बुधवार को पूरे पलामू जिले में विशेष संवेदनशीलता एवं सतर्कता अभियान चलाया जा रहा है।
इसी क्रम में पिछले कुछ दिनों से अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी, छतरपुर श्री प्रशांत कुमार के नेतृत्व में छतरपुर अनुमंडल क्षेत्र में विशेष अभियान चलाया गया। इसके तहत पूर्व में प्रताड़ना की शिकार महिलाओं एवं वृद्धजनों से संबंधित कुल 38 मामलों में पुलिस पदाधिकारियों ने घर-घर जाकर भौतिक सत्यापन किया। इन मामलों में पहले आपसी समझौता अथवा सुलहनामा कराया गया था। सत्यापन के दौरान सभी संबंधित व्यक्तियों की वर्तमान स्थिति सामान्य एवं संतोषजनक पाई गई।
इस अभियान में अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी श्री प्रशांत कुमार, पुलिस निरीक्षक द्वारिका राम, महिला थाना प्रभारी रूपा बखला, हरिहरगंज थाना प्रभारी देवव्रत पोद्दार, छतरपुर थाना प्रभारी सौरभ चौबे, नौडीहा बाजार थाना प्रभारी नीरज कुमार एवं पीपरा थाना प्रभारी प्रदीप कुमार की सक्रिय भूमिका रही।
पलामू पुलिस की यह पहल दर्शाती है कि पुलिस की जिम्मेदारी केवल समझौता कराने तक सीमित नहीं है, बल्कि उसके बाद भी पीड़ितों की सुरक्षा, सम्मान एवं कुशलक्षेम सुनिश्चित करना महत्वपूर्ण है। घर-घर जाकर किए जा रहे सत्यापन से संवेदनशील मामलों में पुलिस की सतत निगरानी और आम नागरिकों के प्रति जवाबदेही को मजबूती मिल रही है।
पलामू पुलिस महिलाओं, वृद्धजनों एवं अन्य जरूरतमंद नागरिकों की सुरक्षा, सम्मान और सहायता के लिए सदैव प्रतिबद्ध है।






