जामताड़ा कॉलेज में मनाया गया ग्लोबल हैंडवाशिंग डे, स्वच्छता के प्रति जागरूकता का लिया संकल्प।
उदय किशोर सिंह,
जामताड़ा। जामताड़ा कॉलेज में गुरुवार को राष्ट्रीय सेवा योजना (एनएसएस) की इकाई एक एवं तीन की ओर से संयुक्त रूप से ग्लोबल हैंडवाशिंग डे मनाया गया। इस अवसर पर सेमिनार आयोजित कर हाथों की स्वच्छता के महत्व और विभिन्न बीमारियों से बचाव के उपायों की जानकारी दी गई। कार्यक्रम में एनएसएस के स्वयंसेवकों एवं विद्यार्थियों ने लोगों को स्वच्छता के प्रति जागरूक करने का संकल्प लिया।
कार्यक्रम का नेतृत्व एनएसएस इकाई एक के कार्यक्रम पदाधिकारी डॉ. राम स्नेही राम तथा इकाई तीन की कार्यक्रम पदाधिकारी प्रो. रेशमा टोप्पो ने किया। सेमिनार में विशिष्ट वक्ता के रूप में महाविद्यालय के जूलॉजी विभाग के सहायक प्राध्यापक डॉ. साबीर अंसारी शामिल हुए।
डॉ. साबीर अंसारी ने कहा कि दैनिक जीवन में हमारे हाथ विभिन्न वस्तुओं के संपर्क में आते हैं, जिससे उन पर हानिकारक जीवाणु और विषाणु पहुंच सकते हैं। इनके कारण हैजा, टाइफाइड, सर्दी-जुकाम समेत कई बीमारियां फैलने का खतरा रहता है। उन्होंने भोजन करने से पहले और शौचालय के उपयोग के बाद साबुन से अच्छी तरह हाथ धोने की आदत अपनाने पर जोर दिया। कोरोना महामारी का उदाहरण देते हुए उन्होंने स्वच्छता और व्यक्तिगत साफ-सफाई के महत्व को भी रेखांकित किया।
एनएसएस इकाई एक के कार्यक्रम पदाधिकारी डॉ. राम स्नेही राम ने कहा कि स्वास्थ्य ही धन है। स्वस्थ रहने के लिए बीमारियों से बचाव आवश्यक है, जिसमें हाथों की नियमित साफ-सफाई की अहम भूमिका है। वहीं, प्रो. रेशमा टोप्पो ने कहा कि व्यक्तिगत स्वच्छता के प्रति जागरूकता से स्वस्थ समाज का निर्माण किया जा सकता है। इसके लिए प्रत्येक व्यक्ति को स्वच्छता संबंधी अच्छी आदतें अपनाने के साथ दूसरों को भी जागरूक करना चाहिए।
कार्यक्रम में रजनी, सलोनी, जोबा, दीप्ति, प्रियंका, मार्शल, विक्रम, पीयूष, प्रमिला और संजू सहित बड़ी संख्या में एनएसएस स्वयंसेवक, स्वयंसेविकाएं एवं विद्यार्थी उपस्थित थे। कार्यक्रम का संचालन प्रो. रेशमा टोप्पो ने किया। अंत में सभी प्रतिभागियों ने समाज में स्वच्छता का संदेश फैलाने और लोगों को हाथों की नियमित सफाई के प्रति जागरूक करने का संकल्प लिया।






