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नाबालिग के अपहरण व दुष्कर्म के दो मामलों में सजा, एक को 20 साल की कैद


रांची एक्सप्रेस संवाददाता 

गोड्डा : पोक्सो के विशेष न्यायाधीश सह प्रथम अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश कुमार पवन की अदालत ने नाबालिग के अपहरण और दुष्कर्म के दो अलग-अलग मामलों में दोषियों को सजा सुनाई है।

*पहला मामला: पथरगामा थाना क्षेत्र का*

पहले मामले में गिरिडीह जिले के भलकुंदर निवासी सामेल किस्कू को 15 वर्षीय नाबालिग से दुष्कर्म के आरोप में दोषी पाते हुए सजा सुनाई गई। अदालत ने पोक्सो एक्ट की धारा 06 के तहत 20 वर्ष सश्रम कारावास और 50,000 रुपये जुर्माना, जुर्माना नहीं भरने पर एक वर्ष अतिरिक्त कारावास की सजा दी है। वहीं भारतीय न्याय संहिता की धारा 96 के तहत 7 वर्ष सश्रम कारावास और 20,000 रुपये जुर्माना, जुर्माना नहीं भरने पर 06 माह अतिरिक्त कारावास की सजा सुनाई गई।

पथरगामा थाने में दर्ज प्राथमिकी के अनुसार, 15 वर्षीय पीड़िता ने बताया कि 21 जून 2026 को पूर्व परिचित सामेल किस्कू ने फोन कर मिलने बुलाया और उसे योगिनी स्थान के पास सुनसान पहाड़ी पर ले जाकर जबरन दुष्कर्म किया। इसके बाद आरोपी उसे गोड्डा होते हुए जसीडीह और फिर गिरिडीह ले गया, जहां सुनसान जंगल में रखकर और बाद में अपने घर ले जाकर लगातार दुष्कर्म किया। पीड़िता ने किसी तरह परिजनों को फोन पर सूचना दी, जिसके बाद पुलिस ने उसे बरामद किया। विचारण के दौरान अभियोजन पक्ष ने सात गवाहों का परीक्षण कराया। दोनों पक्षों की दलील सुनने के बाद न्यायालय ने सजा सुनाई।

*दूसरा मामला: बोआरीजोर थाना क्षेत्र का*

दूसरे मामले में साहेबगंज जिले के मिर्जाचौकी थाना क्षेत्र के महुआकोल निवासी फैयाज अंसारी को नाबालिग के अपहरण का दोषी पाते हुए अदालत ने भारतीय न्याय संहिता की धारा 96 के तहत 07 वर्ष सश्रम कारावास और 20,000 रुपये जुर्माना की सजा सुनाई। जुर्माना नहीं भरने पर 06 माह अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा।

बोआरीजोर थाने में 16 सितंबर 2025 को दर्ज प्राथमिकी के अनुसार, 17 वर्षीय नाबालिग रात 11 बजे घर से गायब हो गई थी। परिजनों द्वारा काफी खोजबीन के बाद पता चला कि एक व्यक्ति उसे भगा ले गया है। पुलिस ने प्राथमिकी के बाद दोनों को बरामद किया। इस मामले में अभियोजन पक्ष ने छह गवाहों का परीक्षण कराया।