झारखंड में 10 चिकित्सा संगठनों का संयुक्त आंदोलन शुरू, 22 अक्टूबर से अनिश्चितकालीन कार्य बहिष्कार
रांची एक्सप्रेस संवाददाता
देवघर : झारखंड में चिकित्सकों के 10 संगठनों द्वारा शुरू किए गए JOINT MEDICAL MOVEMENT की जानकारी देवघर आईएमए द्वारा दी गई। देवघर आईएमए ने बताया कि IMA झारखंड स्टेट ब्रांच के नेतृत्व में यह आंदोलन राज्य के मरीजों को सुरक्षित, सुलभ और गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवा दिलाने के लिए शुरू किया गया है।
देवघर आईएमए के अनुसार इस संयुक्त आंदोलन में IMA के साथ AHPI, IMA Hospital Board, JHASA, IMA Women’s Wing, JDA, JDN, FAIMA, MSN और IDA सहित 10 प्रमुख संगठन एक साथ आए हैं। संगठन का नारा है - United for Doctors, Stronger Healthcare, Healthier Jharkhand और यह आंदोलन केवल चिकित्सकों का नहीं, बल्कि मरीजों के हित में है।
देवघर आईएमए के अनुसार आंदोलन के 06 मुख्य उद्देश्य हैं -
1. डॉक्टरों पर हिंसा रोकने के लिए मेडिकल प्रोटेक्शन एक्ट का सख्ती से पालन, ताकि डॉक्टर निर्भय होकर सेवा कर सकें।
2. क्लिनिकल एस्टेब्लिशमेंट एक्ट में संशोधन से छोटे-बड़े अस्पतालों को राहत, जिससे मरीजों को अधिक उपचार विकल्प मिलेंगे।
3. आयुष्मान भारत में समय पर प्री-अप्रूवल, उचित पैकेज और बकाया भुगतान से अस्पतालों की सेवा निरंतर जारी रहेगी।
4. सरकारी अस्पतालों में नियमित भर्ती और खाली पदों को भरने से डॉक्टरों की उपलब्धता बढ़ेगी।
5. मेडिकल छात्रों की समस्याओं के समाधान से भविष्य में अधिक प्रशिक्षित डॉक्टर मिलेंगे।
6. लाइसेंस के लिए सिंगल-विंडो सिस्टम से कागजी कार्रवाई कम होगी और संस्थान अपना समय मरीज सेवा में लगा सकेंगे।
चरणबद्ध आंदोलन का कार्यक्रम:
देवघर आईएमए के अनुसार 12 अक्टूबर 2026 को हुई गूगल मीट में आंदोलन के कार्यक्रम पर निर्णय लिया गया -
- 13 से 20 अक्टूबर - ब्लैक बैज विरोध प्रदर्शन
- 14 अक्टूबर - प्रेस कॉन्फ्रेंस कर उपायुक्त को ज्ञापन
- 15 से 20 अक्टूबर - जिलों में बैनर-पोस्टर, नुक्कड़ नाटक और जन-जागरूकता अभियान
- 21 अक्टूबर - सांकेतिक कार्य बहिष्कार
- 22 अक्टूबर से - मांगें पूरी होने तक अनिश्चितकालीन कार्य बहिष्कार (आपातकालीन सेवाओं को छोड़कर)
झारखंड आईएमए के प्रदेश अध्यक्ष डॉ. अरुण कुमार सिंह और मानद प्रदेश सचिव डॉ. प्रदीप कुमार सिंह ने अपील की है कि जब उचित मांगों पर लगातार प्रयास के बावजूद कार्रवाई नहीं होती, तब शांतिपूर्ण और लोकतांत्रिक तरीके से कार्य बहिष्कार करना पड़ता है।
देवघर आईएमए ने स्पष्ट किया है कि आंदोलन के दौरान भी आपातकालीन एवं जीवनरक्षक सेवाएं पूर्ववत जारी रहेंगी और मरीजों को आवश्यक उपचार में कोई बाधा नहीं आने दी जाएगी।






