लहलहे-लेस्लीगंज सड़क जानलेवा होती जा रही, अविलंब मरम्मत कराए विभाग : विवेका त्रिपाठी
47.78 करोड़ की प्रशासनिक स्वीकृति से बनी सड़क जगह-जगह जर्जर, भारी वाहनों के दबाव से बढ़ी परेशानी
पलामू : लहलहे मोड़ से लेस्लीगंज होते हुए पांकी जाने वाली मुख्य सड़क इन दिनों जगह-जगह जर्जर हो गई है। सड़क की कालीकरण की ऊपरी परत दर्जनों स्थानों पर उखड़ चुकी है और कई जगह बड़े-बड़े गड्ढे बन गए हैं। इसके कारण इस मार्ग से गुजरने वाले राहगीरों और वाहन चालकों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। स्थानीय लोगों ने सड़क की स्थिति को देखते हुए संबंधित विभाग से अविलंब मरम्मत कार्य शुरू कराने की मांग की है।
लहलहे, सिंदुरिया, झाबर, गोपालगंज से लेकर लेस्लीगंज तक सड़क की स्थिति कई स्थानों पर बदतर हो गई है। लहलहे, सिंदुरिया और झाबर गांव के आसपास भी सड़क के कई हिस्से क्षतिग्रस्त हैं। कहीं सड़क की ऊपरी परत पूरी तरह उखड़ गई है तो कहीं गहरे गड्ढे बन गए हैं। रात के समय इन गड्ढों के कारण दुर्घटना की आशंका और बढ़ जाती है। ग्रामीणों का कहना है कि सड़क की समय रहते मरम्मत नहीं कराई गई तो आने वाले दिनों में स्थिति और गंभीर हो सकती है।
स्थानीय लोगों के अनुसार, इस मार्ग पर लगातार हाइवा, ट्रक, बस समेत अन्य भारी मालवाहक वाहनों का परिचालन हो रहा है। भारी वाहनों के लगातार दबाव के कारण सड़क तेजी से क्षतिग्रस्त हो रही है। ग्रामीणों ने सड़क की वर्तमान स्थिति की विभागीय जांच कराने के साथ-साथ क्षतिग्रस्त हिस्सों की तत्काल मरम्मत कराने की मांग की है।
लहलहे निवासी, पलामू जिला कांग्रेस कमिटी के महासचिव सह इंटक के प्रदेश सचिव विवेका त्रिपाठी ने कहा कि सड़क पर लगातार भारी वाहनों के परिचालन से सड़क पर दबाव बढ़ रहा है। यदि समय रहते सड़क की मरम्मत नहीं कराई गई तो आने वाले समय में आवागमन और अधिक कठिन हो सकता है। उन्होंने पलामू उपायुक्त एवं पथ निर्माण विभाग से सड़क की जांच कराकर आवश्यक मरम्मत कार्य अविलंब शुरू कराने की मांग की है।
47.78 करोड़ की प्रशासनिक स्वीकृति से बनी थी सड़क
बताया गया कि सरकारी रिकॉर्ड के अनुसार लहलहे मोड़ से लेस्लीगंज-पांकी सड़क के करीब 11.69 किलोमीटर हिस्से के चौड़ीकरण एवं मजबूतीकरण की योजना वर्ष 2018-19 में स्वीकृत की गई थी। इस योजना में करीब 47.78 करोड़ रुपये की प्रशासनिक स्वीकृति दी गई थी। वर्ष 2021-22 में इस योजना की 100 प्रतिशत वित्तीय प्रगति दर्ज की गई है। यानी सरकारी रिकॉर्ड में निर्माण कार्य पूर्ण दिखाया गया है। इसके बावजूद सड़क के कई हिस्सों के जर्जर होने को लेकर स्थानीय लोगों ने सवाल उठाते हुए इसकी गुणवत्ता और वर्तमान स्थिति की जांच की मांग की है।
ग्रामीणों का कहना है कि बिना वैकल्पिक सड़क की व्यवस्था के एनएच-39 पर टोल वसूली के कारण भी भारी वाहनों का आवागमन लंबे समय तक ग्रामीण क्षेत्र की इस सड़क से होता रहा है। बस, हाइवा, ट्रक और अन्य मालवाहक वाहनों के लगातार परिचालन को सड़क की खराब स्थिति का प्रमुख कारण बताया जा रहा है।
विवेका त्रिपाठी ने कहा कि सरकारी राशि से निर्मित सड़क की देखरेख और आवश्यकतानुसार मरम्मत की जिम्मेदारी संबंधित विभाग की है। उन्होंने विभाग से सड़क की गुणवत्ता, क्षतिग्रस्त हिस्सों तथा भारी वाहनों के बढ़ते दबाव की जांच कराने और जल्द से जल्द मरम्मत कार्य शुरू कराने की मांग की।
इस दौरान विभाग एवं जिला प्रशासन से सड़क की अविलंब मरम्मत कराने की मांग करने वालों में अमित तिवारी, मृत्युंजय तिवारी, विष्णु तिवारी, प्रवीण तिवारी, समाजसेवी सुभाष तिवारी, जिला कांग्रेस सचिव रविंद्र नाथ तिवारी, जितेंद्र चंद्रवंशी, अनूप तिवारी, रिंकू चौधरी, आलमगीर खान, दिनेश पासवान, सतीश तिवारी, सोहराब अंसारी, सोनू कुमार, समाजसेवी छोटू तिवारी, वार्ड सदस्य अविनाश तिवारी सहित अन्य लोग शामिल हैं। समाजसेवी एवं जदयू नेता प्रवीण तिवारी ने भी सड़क की शीघ्र मरम्मत कराने की मांग की है।





