“औद्योगिक संबंधों से बुद्धिमान संबंधों की ओर: भावनाओं और तर्क के बीच संतुलन”
भुवनेश्वर, 25 सितंबर 2026:
आज द क्राउन, भुवनेश्वर में “From Industrial Relations to Intelligent Relations: Balancing Emotions and Logic” विषय पर एक विचारोत्तेजक फायरसाइड चैट का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम 14वें अवनीश देव मेमोरियल लेक्चर का हिस्सा था, जिसका आयोजन Maruti Suzuki–XISS Awanish Kumar Dev Memorial Trust के तत्वावधान में किया गया।
फायरसाइड चैट में उद्योग, मानव संसाधन, औद्योगिक संबंध, श्रमिक नेतृत्व और प्रबंधन शिक्षा से जुड़े कई प्रतिष्ठित व्यक्तित्वों ने भाग लिया। चर्चा का उद्देश्य बदलते औद्योगिक संबंधों, तकनीकी परिवर्तन और कार्यस्थल पर मानवीय संवेदनाओं एवं व्यावसायिक तर्क के बीच संतुलन पर विचार-विमर्श करना था।
कार्यक्रम का संचालन श्री राजनीश सिंह, CEO, Simpli Group ने किया। पैनल में श्री विरजेश उपाध्याय, चेयरपर्सन, गवर्निंग बॉडी–दत्तोपंत ठेंगड़ी नेशनल बोर्ड ऑफ वर्कर्स एजुकेशन एंड डेवलपमेंट, तथा डॉ. शाहनवाज़ आलम, उपाध्यक्ष, टाटा वर्कर्स यूनियन एवं वर्किंग प्रेसिडेंट, JCAPCPL वर्कर्स यूनियन शामिल रहे।
कार्यक्रम में उद्योग एवं HR क्षेत्र के अनेक वरिष्ठ व्यक्तित्व उपस्थित रहे, जिनमें डॉ. एन. एस. राजन, पूर्व ग्रुप CHRO, Tata Sons; श्री सुरेश दत्त त्रिपाठी, पूर्व CHRO, Air India; श्री राजीव दुबे, पूर्व GM, Town Services, Tata Steel; श्री हरभजन सिंह, पूर्व CHRO, Honda Motors; श्री Takeuchi, CEO एवं MD, Maruti Suzuki; श्री Aquil Bushra, पूर्व CHRO, IBM; श्री मनीष कुमार, IAS, झारखंड; तथा श्री सलिल लाल, CHRO, Maruti Suzuki प्रमुख थे।
इस अवसर पर XISS, XIMB, XLRI और KIIT सहित विभिन्न प्रतिष्ठित प्रबंधन संस्थानों के विद्यार्थी भी बड़ी संख्या में उपस्थित रहे। इससे चर्चा में उद्योग के अनुभवी नेतृत्व और भविष्य के प्रबंधन पेशेवरों के बीच एक सार्थक संवाद स्थापित हुआ।
चर्चा के दौरान डॉ. शाहनवाज़ आलम ने ट्रेड यूनियन एवं औद्योगिक संबंधों के अपने अनुभव साझा करते हुए कहा कि भविष्य के कार्यस्थल में तकनीक के साथ विश्वास, उत्पादकता के साथ गरिमा तथा तर्क के साथ संवेदनशीलता का संतुलन आवश्यक होगा।
उन्होंने कहा कि औद्योगिक संबंध अब केवल विवादों के समाधान तक सीमित नहीं रह सकते। बदलते समय में आवश्यकता ऐसे “Intelligent Relations” की है, जिसमें प्रबंधन और कर्मचारी मिलकर व्यावसायिक चुनौतियों, तकनीकी बदलाव और कर्मचारियों की बदलती अपेक्षाओं को समझें।
> “औद्योगिक संबंधों का भविष्य भावनाओं और तर्क में से किसी एक को चुनने में नहीं है। भविष्य इस बात में है कि समाधान खोजने के लिए तर्क का इस्तेमाल हो, लेकिन हर निर्णय के केंद्र में इंसान बना रहे।”
— डॉ. शाहनवाज़ आलम
चर्चा में AI, डिजिटलाइजेशन, बदलती कार्यप्रणाली, नए कौशल, रोजगार के बदलते स्वरूप और भविष्य के कार्यस्थल जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर भी विचार-विमर्श हुआ। पैनलिस्टों ने निरंतर सीखने, पारदर्शी संवाद, विश्वास निर्माण और कर्मचारियों को परिवर्तन के लिए तैयार करने की आवश्यकता पर जोर दिया।
कार्यक्रम का विषय “Beyond Productivity: The Human Purpose of Work” था, जो 14वें अवनीश देव मेमोरियल लेक्चर के अंतर्गत आयोजित किया गया। यह व्याख्यान अवनीश कुमार देव (1962–2012) की स्मृति को समर्पित है।
डॉ. शाहनवाज़ आलम ने इस प्रतिष्ठित मंच पर ट्रेड यूनियन के दृष्टिकोण से औद्योगिक संबंधों के भविष्य पर विचार साझा करने का अवसर प्रदान करने के लिए आयोजकों के प्रति आभार व्यक्त किया।
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