मुंबई: अभिनेत्री कैटरीना कैफ के पोस्ट-प्रेग्नेंसी लुक को लेकर सोशल मीडिया पर हुई ट्रोलिंग के बीच अब फिल्ममेकर सौंदर्या रजनीकांत ने उनके समर्थन में आवाज उठाई है। सौंदर्या ने महिलाओं के शरीर और खासकर गर्भावस्था के बाद होने वाले बदलावों को लेकर सार्वजनिक टिप्पणी किए जाने पर सवाल उठाया और कहा कि ऐसे दौर से गुजरने वाली महिलाओं के प्रति संवेदनशीलता और सम्मान होना चाहिए। कैटरीना कैफ हाल ही में एक सार्वजनिक कार्यक्रम में नजर आई थीं। इसके बाद उनकी तस्वीरें और वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से प्रसारित हुए। कुछ यूजर्स ने उनके बदले हुए लुक और शरीर को लेकर टिप्पणियां कीं, जिसके बाद अभिनेत्री को ऑनलाइन बॉडी-शेमिंग का सामना करना पड़ा। मामला बढ़ने पर मनोरंजन जगत की कई हस्तियों ने इस तरह की टिप्पणियों की आलोचना की और कैटरीना के पक्ष में बात रखी। सौंदर्या रजनीकांत ने एक इंटरव्यू में इस पूरे विवाद पर प्रतिक्रिया दी। दो बच्चों की मां सौंदर्या ने गर्भावस्था और मातृत्व के दौरान महिलाओं के शरीर में होने वाले बदलावों का जिक्र करते हुए कहा कि इस प्रक्रिया को समझने की जरूरत है। उनका कहना था कि गर्भावस्था और बच्चे के जन्म के बाद शरीर में बदलाव स्वाभाविक प्रक्रिया का हिस्सा हैं। इसलिए किसी महिला की शारीरिक बनावट को लेकर उसे सार्वजनिक तौर पर जज करना उचित नहीं है। सौंदर्या ने अपनी बात रखते हुए महिलाओं के प्रति सामाजिक रवैये पर भी सवाल उठाया। उन्होंने अपने मातृत्व के अनुभव का उल्लेख करते हुए कहा कि बच्चे को जन्म देना आसान प्रक्रिया नहीं है और इसके दौरान महिलाओं को शारीरिक स्तर पर काफी बदलावों से गुजरना पड़ता है। उनके मुताबिक, ऐसी स्थिति में किसी महिला को उसके शरीर के लिए निशाना बनाने के बजाय उसके अनुभव को समझना और उसका सम्मान करना ज्यादा जरूरी है। उन्होंने कैटरीना से जुड़े विवाद को भी इसी नजरिए से देखा और इसे अनुचित बताया। सौंदर्या रजनीकांत से पहले भी कई फिल्मी हस्तियां कैटरीना के समर्थन में अपनी बात रख चुकी हैं। सलमान खान, परिणीति चोपड़ा और खुशबू सुंदर समेत कुछ सेलिब्रिटीज ने महिलाओं के शरीर को लेकर होने वाली अनावश्यक टिप्पणियों पर आपत्ति जताई थी। इससे यह बहस भी तेज हुई कि सार्वजनिक जीवन में रहने वाली अभिनेत्रियों की निजी जिंदगी और शारीरिक बदलावों को सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय किस हद तक बनाया जाना चाहिए। विशेषज्ञों ने भी पहले यह स्पष्ट किया है कि गर्भावस्था और प्रसव के बाद शरीर को सामान्य स्थिति में लौटने में समय लग सकता है। हर महिला का अनुभव अलग होता है और रिकवरी की गति भी व्यक्ति-दर-व्यक्ति बदल सकती है। ऐसे में किसी महिला के शरीर की तुलना उसके पुराने रूप से करना या उसके वजन को लेकर तुरंत निष्कर्ष निकालना उचित नहीं माना जाता। कैटरीना से जुड़ा यह मामला सोशल मीडिया के उस पहलू को भी सामने लाता है, जहां किसी सेलिब्रिटी की एक तस्वीर कुछ ही समय में लाखों लोगों तक पहुंच जाती है। इसके बाद बिना संदर्भ के की गई टिप्पणियां तेजी से फैल सकती हैं। सार्वजनिक हस्तियों को लेकर राय रखना अलग बात है, लेकिन किसी व्यक्ति के शरीर, उम्र या मातृत्व को लेकर अपमानजनक टिप्पणी करना ऑनलाइन व्यवहार और संवेदनशीलता से जुड़े गंभीर सवाल खड़े करता है। सौंदर्या रजनीकांत की प्रतिक्रिया को सिर्फ कैटरीना कैफ के समर्थन तक सीमित नहीं देखा जा रहा है। उनकी बात महिलाओं के प्रति समाज के नजरिए और खासकर मातृत्व के बाद शरीर को लेकर बनाए जाने वाले अवास्तविक मानकों पर भी सवाल उठाती है। उनकी टिप्पणी का मूल संदेश यही है कि महिलाओं के शरीर में होने वाले प्राकृतिक बदलावों को आलोचना का विषय बनाने के बजाय उन्हें समझने और स्वीकार करने की जरूरत है। कैटरीना कैफ को लेकर शुरू हुई सोशल मीडिया बहस अब बॉडी-शेमिंग और महिलाओं के प्रति सामाजिक रवैये पर व्यापक चर्चा में बदल गई है। सौंदर्या रजनीकांत ने अपने मातृत्व के अनुभव का हवाला देते हुए कैटरीना का समर्थन किया और महिलाओं के प्रति अधिक सम्मान व संवेदनशीलता की जरूरत बताई।कैटरीना की तस्वीरों पर शुरू हुई थी सोशल मीडिया बहस
सौंदर्या रजनीकांत ने अपने अनुभव से जोड़ा मुद्दा
‘महिलाओं को समझ और सम्मान की जरूरत’
कैटरीना के समर्थन में पहले भी सामने आए सितारे
मातृत्व के बाद शरीर में बदलाव सामान्य
सोशल मीडिया पर जिम्मेदारी की जरूरत
सौंदर्या की टिप्पणी का व्यापक संदेश
निष्कर्ष
कैटरीना कैफ के समर्थन में सौंदर्या रजनीकांत, बॉडी-शेमिंग पर जताई नाराजगी






