भागलपुर, 15 अक्टूबर 2026। गंगा नदी में यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए भागलपुर जिला प्रशासन ने नावों के परिचालन पर निगरानी तेज कर दी है। बाढ़ के कारण नदी में बढ़े जोखिम और वैशाली जिले में हुए नाव हादसे के बाद प्रशासन ने अनधिकृत नावों के संचालन पर रोक को सख्ती से लागू करने के निर्देश दिए हैं। 14 अक्टूबर को सामने आई रिपोर्ट के अनुसार, जिलाधिकारी अलंकृता पांडेय ने संबंधित अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिया कि नदी के घाटों और दियारा क्षेत्रों में नावों के परिचालन पर लगातार नजर रखी जाए। प्रशासन का उद्देश्य नियमों का उल्लंघन रोकना, यात्रियों को सुरक्षित आवागमन उपलब्ध कराना और संभावित दुर्घटनाओं को टालना है। कई प्रखंडों में बढ़ाई गई सतर्कता प्रशासन ने सुल्तानगंज, खरीक, बिहपुर, नाथनगर, गोपालपुर, नारायणपुर, कहलगांव और पीरपैंती सहित गंगा किनारे स्थित क्षेत्रों में विशेष निगरानी के निर्देश दिए हैं। विभिन्न घाटों पर मजिस्ट्रेट और पुलिसकर्मियों की तैनाती कर अनधिकृत नावों के परिचालन पर रोक के अनुपालन की निगरानी की जा रही है। निर्देशों के मुताबिक, केवल वैध लाइसेंस वाली नावों को निर्धारित क्षमता के अनुसार परिचालन की अनुमति है। नाव पर तय सीमा से अधिक यात्रियों को बैठाना या नियमों के विरुद्ध संचालन करना यात्रियों की जान के लिए खतरा बन सकता है। सूर्यास्त के बाद नाव चलाने पर भी प्रतिबंध रिपोर्ट के अनुसार, बाढ़ प्रभावित दियारा क्षेत्रों में सूर्यास्त के बाद और रात के समय नावों का परिचालन पूरी तरह प्रतिबंधित किया गया है। तीनों अनुमंडलों के अधिकारियों को इन पाबंदियों का पालन सुनिश्चित करने और लगातार निगरानी बनाए रखने के निर्देश दिए गए हैं। यात्रियों की सुरक्षा प्रशासन की प्राथमिकता गंगा में पानी का बहाव, बदलती जलस्तर की स्थिति और बाढ़ प्रभावित इलाकों की भौगोलिक परिस्थितियां नाव यात्रा को जोखिमपूर्ण बना सकती हैं। ऐसे में प्रशासन की ओर से की जा रही निगरानी का उद्देश्य किसी भी संभावित हादसे से पहले सुरक्षा उपायों को प्रभावी बनाना है। नाव से यात्रा करने वाले लोगों को भी प्रशासनिक निर्देशों का पालन करना चाहिए। यात्रियों को अधिकृत नावों का ही इस्तेमाल करना चाहिए, निर्धारित क्षमता से अधिक लोगों के सवार होने पर यात्रा से बचना चाहिए और सुरक्षा संबंधी निर्देशों को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। कुल मिलाकर, भागलपुर में नावों के परिचालन को लेकर बढ़ाई गई सख्ती का मकसद गंगा नदी में सुरक्षित आवागमन सुनिश्चित करना और बाढ़ के दौरान दुर्घटनाओं की आशंका को कम करना है। अब संबंधित विभागों के सामने इन निर्देशों को जमीन पर प्रभावी ढंग से लागू करने की जिम्मेदारी है।
भागलपुर में गंगा नदी पर नावों की निगरानी सख्त, अवैध परिचालन रोकने के लिए प्रशासन अलर्ट






