ब्रासीलिया, 16 अक्टूबर 2026। ब्राजील में राष्ट्रपति चुनाव के दूसरे दौर से पहले राजनीतिक मुकाबला लगातार दिलचस्प होता जा रहा है। Datafolha के ताजा जनमत सर्वेक्षण में दक्षिणपंथी उम्मीदवार फ्लावियो बोल्सोनारो को 47 प्रतिशत और मौजूदा राष्ट्रपति लुइज इनासियो लूला दा सिल्वा को 45 प्रतिशत मतदाताओं का समर्थन मिलने का अनुमान लगाया गया है। दोनों नेताओं के बीच केवल दो प्रतिशत अंकों का अंतर है। ऐसे में 25 अक्टूबर को होने वाले मतदान से पहले चुनावी नतीजों को लेकर अनिश्चितता बनी हुई है। 15 अक्टूबर को जारी Datafolha सर्वेक्षण के अनुसार, फ्लावियो बोल्सोनारो को कुल मतों के अनुमान में 47 प्रतिशत समर्थन मिला, जबकि लूला दा सिल्वा 45 प्रतिशत पर रहे। सर्वेक्षण में छह प्रतिशत लोगों ने सफेद या अमान्य मत डालने की बात कही, जबकि दो प्रतिशत मतदाता अभी अपना फैसला नहीं कर पाए हैं। पिछले सप्ताह के सर्वेक्षण में फ्लावियो को 49 प्रतिशत और लूला को 45 प्रतिशत समर्थन मिलने का अनुमान था। नए आंकड़ों में फ्लावियो का समर्थन दो प्रतिशत अंक घटा है, जबकि लूला का आंकड़ा पहले जैसा बना हुआ है। इससे दोनों उम्मीदवारों के बीच अंतर कम हुआ है। हालांकि, सर्वेक्षण को चुनाव का अंतिम परिणाम नहीं माना जा सकता। इसकी त्रुटि सीमा लगभग दो प्रतिशत अंक है, इसलिए दोनों उम्मीदवारों के बीच अंतर को देखते हुए मुकाबला तकनीकी रूप से बराबरी का माना जा रहा है। यदि सफेद और अमान्य मतों तथा अनिर्णीत मतदाताओं को हटाकर केवल वैध मतों का अनुमान देखा जाए, तो फ्लावियो बोल्सोनारो को 51 प्रतिशत और लूला को 49 प्रतिशत समर्थन मिलता दिखाई दे रहा है। यह आंकड़ा भी बताता है कि दोनों उम्मीदवारों के बीच मुकाबला बेहद करीबी है। <Cite refs={["turn455565news5","turn455565search1"]}/> फ्लावियो पूर्व राष्ट्रपति जायर बोल्सोनारो के सबसे बड़े बेटे हैं और लिबरल पार्टी (PL) की ओर से चुनाव लड़ रहे हैं। दूसरी ओर, लूला वर्कर्स पार्टी (PT) के नेता हैं और देश के मौजूदा राष्ट्रपति हैं। दोनों उम्मीदवारों की राजनीतिक विचारधारा और आर्थिक नीतियों को लेकर मतदाताओं के बीच अलग-अलग राय देखने को मिल रही है। Datafolha ने यह सर्वेक्षण 13 और 14 अक्टूबर को ब्राजील के 153 नगरों में 2,520 मतदाताओं से बातचीत के आधार पर किया। यह सर्वेक्षण समाचार पत्र Folha de S.Paulo के लिए कराया गया था और इसे ब्राजील के चुनाव प्राधिकरण में पंजीकृत किया गया है। इसकी त्रुटि सीमा दो प्रतिशत अंक बताई गई है। सर्वेक्षण के नतीजे चुनावी माहौल का संकेत देते हैं, लेकिन अंतिम परिणाम मतदाताओं की वास्तविक भागीदारी, मतदान के दिन उनके फैसले और चुनावी प्रक्रिया पर निर्भर करेगा। ब्राजील के राष्ट्रपति चुनाव में दूसरे दौर का मुकाबला तब होता है, जब पहले दौर में कोई उम्मीदवार आवश्यक बहुमत हासिल नहीं कर पाता। इस चरण में दोनों प्रमुख उम्मीदवारों के लिए उन मतदाताओं का समर्थन हासिल करना महत्वपूर्ण होता है, जिन्होंने पहले दौर में किसी अन्य उम्मीदवार को वोट दिया था या मतदान नहीं किया था। फ्लावियो बोल्सोनारो की चुनौती अपने मौजूदा समर्थन को बनाए रखने की होगी, जबकि लूला दा सिल्वा को अपने पक्ष में अतिरिक्त मतदाताओं को लाने की जरूरत होगी। कम अंतर वाले इस मुकाबले में चुनाव प्रचार, राजनीतिक गठबंधन और मतदान में लोगों की भागीदारी नतीजे को प्रभावित कर सकती है। ब्राजील में 25 अक्टूबर को राष्ट्रपति चुनाव का दूसरा दौर निर्धारित है। मतदान से पहले सामने आया यह सर्वेक्षण बताता है कि किसी भी उम्मीदवार की जीत को निश्चित नहीं माना जा सकता। दोनों पक्षों के लिए अंतिम दिनों का प्रचार और मतदाताओं तक अपनी नीतियां पहुंचाना महत्वपूर्ण रहेगा। निष्कर्ष: Datafolha के ताजा आंकड़ों में फ्लावियो बोल्सोनारो को मामूली बढ़त जरूर मिली है, लेकिन लूला दा सिल्वा उनसे बहुत पीछे नहीं हैं। दो प्रतिशत अंकों का अंतर और सर्वेक्षण की त्रुटि सीमा इस चुनाव को बेहद प्रतिस्पर्धी बनाती है। अब पूरी दुनिया की नजर 25 अक्टूबर के मतदान और ब्राजील के अगले राष्ट्रपति के फैसले पर रहेगी। कॉपीराइट संबंधी नोट: यह समाचार उपलब्ध रिपोर्टों में दिए गए तथ्यों के आधार पर स्वतंत्र हिंदी भाषा और नए वाक्य-विन्यास में लिखा गया है। सर्वेक्षण के आंकड़ों को अनुमान के रूप में प्रस्तुत किया गया है, न कि चुनाव के अंतिम परिणाम के रूप में। स्वतंत्र पुनर्लेखन किसी भी संभावित कॉपीराइट दायित्व से पूर्ण कानूनी छूट की गारंटी नहीं देता।सर्वेक्षण में फ्लावियो आगे, लेकिन मुकाबला बराबरी के करीब
वैध मतों में भी दोनों उम्मीदवार करीब
Datafolha ने कैसे किया सर्वेक्षण?
दूसरे दौर में क्यों अहम है मतदाताओं का रुख?
25 अक्टूबर को होगा निर्णायक मतदान
ब्राजील में राष्ट्रपति चुनाव का मुकाबला बेहद करीबी, फ्लावियो बोल्सोनारो 47% और लूला 45% पर






