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यूरोप में बम धमकियों से मचा हड़कंप, हवाई सेवाओं के साथ मीडिया संस्थान भी निशाने पर; कई जगह सुरक्षा जांच तेज


यूरोप। यूरोप के कई देशों में विमानों, हवाई अड्डों और मीडिया संस्थानों को लगातार मिल रही बम धमकियों ने सुरक्षा एजेंसियों की चिंता बढ़ा दी है। 6 नवंबर को धमकियों का दायरा बढ़ने के बाद हवाई यातायात के साथ समाचार प्रसारण सेवाएं भी प्रभावित हुईं। कई विमानों को सुरक्षा जांच से गुजरना पड़ा, कुछ की उड़ान का मार्ग बदला गया, जबकि मीडिया संस्थानों में कर्मचारियों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए एहतियाती कदम उठाए गए।

यूरोपीय अधिकारियों के सामने सबसे बड़ी चुनौती इन धमकियों के पीछे जिम्मेदार लोगों की पहचान करना और यह पता लगाना है कि अलग-अलग देशों में सामने आ रही घटनाओं के बीच कोई संगठित संबंध है या नहीं।

विमानों को मिली धमकियों से हवाई यातायात प्रभावित

यूरोप में कई यात्री विमानों को बम की धमकी मिलने के बाद एयरलाइंस और हवाई अड्डों पर सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई। चेक गणराज्य की राजधानी प्राग से आने-जाने वाली उड़ानों को विशेष रूप से प्रभावित होना पड़ा। फ्रांस, इटली, बेल्जियम, बुल्गारिया और अन्य यूरोपीय क्षेत्रों में भी सुरक्षा अलर्ट सामने आए।

कुछ विमानों को निर्धारित मार्ग से हटाकर दूसरे हवाई अड्डों पर उतारना पड़ा। एक प्राग-रोम उड़ान को वेनिस की ओर मोड़ा गया। वहीं, कुछ विमानों को हंगरी के हवाई क्षेत्र में सैन्य लड़ाकू विमानों की निगरानी और सुरक्षा सहायता भी मिली।

फ्रांसीसी अधिकारियों के अनुसार, विमानों को सुरक्षित उतारने के बाद उनकी जांच की गई। अब तक की रिपोर्टों में संदिग्ध विस्फोटक उपकरण मिलने की पुष्टि नहीं हुई है।

मीडिया संस्थानों को भी बनाया गया निशाना

इस घटनाक्रम ने उस समय और गंभीर रूप ले लिया, जब बम धमकियों का सिलसिला समाचार संस्थानों तक पहुंच गया। आयरलैंड के राष्ट्रीय प्रसारक आरटीई (RTÉ) के डबलिन स्थित कार्यालय को धमकी मिलने के बाद कर्मचारियों को एहतियातन परिसर से बाहर निकाला गया।

ब्रिटेन के प्रसारण संस्थान स्काई न्यूज (Sky News) ने भी सुरक्षा संबंधी धमकी मिलने की पुष्टि की। बुल्गारिया के नोवा टीवी (NOVA TV) को भी इसी तरह का संदेश मिलने की खबर सामने आई।

आयरलैंड में धमकी के कारण कुछ प्रसारण सेवाएं प्रभावित हुईं। पुलिस और सुरक्षा अधिकारियों ने संबंधित परिसरों की जांच की तथा कर्मचारियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक कदम उठाए।

आयरलैंड सरकार ने जताई संगठित अभियान की आशंका

लगातार सामने आ रही घटनाओं को देखते हुए आयरलैंड सरकार ने आशंका जताई कि यह यूरोप में व्यवधान पैदा करने की एक समन्वित कोशिश हो सकती है। सरकार ने कहा कि विमानन क्षेत्र में पहले से जारी सुरक्षा व्यवधानों के बाद मीडिया संस्थानों को निशाना बनाया जाना गंभीर चिंता का विषय है।

हालांकि, अधिकारियों ने अभी तक यह पुष्टि नहीं की है कि सभी धमकियों के पीछे एक ही व्यक्ति या संगठन है। जांच एजेंसियां ईमेल, डिजिटल संदेशों और अन्य उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर जिम्मेदार लोगों की पहचान करने में जुटी हैं।

सुरक्षा एजेंसियां और यूरोपीय देश अलर्ट

इन घटनाओं के बाद विभिन्न देशों की पुलिस, विमानन सुरक्षा एजेंसियों और खुफिया इकाइयों के बीच समन्वय बढ़ाया गया है। यूरोपीय हवाई यातायात प्रबंधन एजेंसी यूरोकंट्रोल भी एयरलाइंस, हवाई अड्डों और संबंधित संस्थाओं के साथ मिलकर परिचालन पर नजर रख रही है।

हंगरी ने धमकी मिलने वाले कुछ विमानों की सुरक्षा के लिए लड़ाकू विमान तैनात किए। डेनमार्क के कोपेनहेगन हवाई अड्डे पर भी पुलिस ने जांच की, हालांकि अधिकारियों ने तत्काल यात्रियों के लिए किसी खतरे की पुष्टि नहीं की।

धमकियों के पीछे कौन, अभी स्पष्ट नहीं

जांच का सबसे महत्वपूर्ण पहलू इन संदेशों के स्रोत का पता लगाना है। कुछ धमकी भरे संदेशों में एक कथित समूह का नाम सामने आया है, लेकिन उसकी जिम्मेदारी और वास्तविक पहचान की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।

यूरोप के कुछ नेताओं और सुरक्षा विशेषज्ञों ने इन घटनाओं को संभावित हाइब्रिड हमले और मनोवैज्ञानिक दबाव बनाने की कोशिश के तौर पर देखा है। हालांकि, किसी देश या संगठन की संलिप्तता अभी प्रमाणित नहीं हुई है।

यात्रियों और आम नागरिकों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता

लगातार मिल रही धमकियों के कारण यूरोप में हवाई यात्रा करने वाले यात्रियों और मीडिया संस्थानों के कर्मचारियों के बीच चिंता बढ़ी है। सुरक्षा एजेंसियां हर सूचना को गंभीरता से लेते हुए जांच कर रही हैं, ताकि किसी वास्तविक खतरे को नजरअंदाज न किया जाए।

फिलहाल यूरोपीय देशों के सामने दोहरी चुनौती है। एक ओर हवाई यातायात और मीडिया सेवाओं को सामान्य बनाए रखना है, वहीं दूसरी ओर धमकी देने वालों की पहचान कर भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकना भी जरूरी है। जांच पूरी होने के बाद ही इस पूरे घटनाक्रम के पीछे की वास्तविक साजिश और जिम्मेदार लोगों के बारे में स्पष्ट जानकारी मिल सकेगी।