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सामाजिक कार्यकर्ता सुश्री निशा कुमारी भगत जी के असामयिक निधन


आदिवासी समाज के हक-अधिकारों के लिए सदैव सजग और संघर्षरत सामाजिक कार्यकर्ता सुश्री निशा कुमारी भगत जी के असामयिक निधन से मन अत्यंत व्यथित है। उनका जाना जनजातीय समाज के लिए अपूरणीय क्षति है। शोकाकुल परिवार के प्रति मेरी गहरी संवेदनाएं हैं।
मृत्यु से पहले फेसबुक लाइव में उन्होंने जो आरोप लगाए, उसकी गंभीरता से निष्पक्ष जांच होनी चाहिए। उनकी शिकायतों पर क्या कार्रवाई हुई? क्या उन्हें समय रहते सहायता और सुरक्षा मिली? इन सवालों का जवाब देना राज्य सरकार की जिम्मेदारी है। आदिवासी अधिकारों की रक्षा का दावा करने वाली राज्य सरकार बताए,जब आदिवासी समाज की एक बेटी न्याय की गुहार लगा रही थी, तब व्यवस्था कहां थी? 
इस मामले की सीबीआई जांच कराई जाए, फेसबुक लाइव सहित सभी डिजिटल साक्ष्य सुरक्षित रखे जाएं और आरोपों में उल्लिखित प्रत्येक व्यक्ति की भूमिका की निष्पक्ष जांच हो। जांच में दोषी पाए जाने वालों पर कठोर कार्रवाई हो तथा परिजनों और गवाहों की सुरक्षा सुनिश्चित की जाए।