नई दिल्ली, 26 अक्टूबर 2026। केंद्र सरकार की अग्निपथ योजना के तहत भारतीय सशस्त्र बलों में भर्ती किए गए लगभग 18,300 अग्निवीरों का चार साल का सेवा कार्यकाल 31 दिसंबर 2026 तक पूरा होने की खबर है। इस चरण के साथ अग्निपथ योजना के शुरुआती भर्ती बैच के लिए सेवा अवधि पूरी होने का महत्वपूर्ण पड़ाव सामने आएगा। इसके बाद संबंधित अग्निवीरों के सामने सैन्य सेवा से आगे के करियर, रोजगार और कौशल विकास के नए अवसर तलाशने की चुनौती होगी। अग्निपथ योजना को सशस्त्र बलों में युवाओं की अल्पकालिक भर्ती के उद्देश्य से शुरू किया गया था। इसके तहत चयनित युवाओं को चार साल तक सेना, नौसेना या वायुसेना में सेवा देने का अवसर मिलता है। निर्धारित अवधि पूरी होने के बाद सभी अग्निवीरों को नियमित सैन्य सेवा में बनाए रखने का प्रावधान नहीं है। योजना के नियमों के अनुसार, प्रदर्शन और संगठनात्मक जरूरतों के आधार पर प्रत्येक बैच के अधिकतम 25 प्रतिशत अग्निवीरों को नियमित कैडर में शामिल किए जाने का प्रावधान है। चार साल का कार्यकाल पूरा होने के बाद सेवा से मुक्त होने वाले अग्निवीरों को नागरिक जीवन में रोजगार और आगे की पढ़ाई के विकल्पों पर ध्यान देना होगा। उनके पास सैन्य प्रशिक्षण के दौरान अर्जित अनुशासन, टीमवर्क, शारीरिक दक्षता, तकनीकी ज्ञान और नेतृत्व क्षमता का इस्तेमाल विभिन्न क्षेत्रों में करने का अवसर रहेगा। सुरक्षा सेवाओं, निजी कंपनियों, औद्योगिक प्रतिष्ठानों, लॉजिस्टिक्स, तकनीकी कार्यों और अन्य रोजगार क्षेत्रों में उनके लिए संभावनाएं हो सकती हैं। हालांकि, किसी पद पर नियुक्ति संबंधित विभाग की पात्रता, भर्ती प्रक्रिया और उपलब्ध रिक्तियों पर निर्भर करेगी। सरकारी और निजी क्षेत्रों में अग्निवीरों को रोजगार उपलब्ध कराने के लिए घोषित प्रावधानों तथा संबंधित भर्ती नियमों की जानकारी लेना भी उनके लिए महत्वपूर्ण होगा। केवल सेवा पूरी कर लेने से किसी नौकरी में स्वतः नियुक्ति सुनिश्चित नहीं होती।चार साल की सेवा के बाद क्या होगा?
दिसंबर में पूरा होगा 18,300 अग्निवीरों का चार साल का कार्यकाल, अब दूसरे करियर और रोजगार पर नजर


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