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एक वर्ष पहले से ही एनसीबी ने कोकिन, चरस, एमडीएमए के सप्लायरों पर कसना शुरू किया था शिकंजा


लार्ड्स एंड ड्रिंक्स बार में छापेमारी कर एनसीबी आयुष और साक्षी को करना चाहती थी गिरफ्तार

सूचना मिलते ही आरेंज इवेंट कंपनी की मालकिन साक्षी हो गयी थी फरार

रातू, नामकुम, हुटार, कमड़े और होरहाप के जंगलों में आयोजित होनेवाले रेव पार्टियों का फिजिकल वेरीफिकेशन शुरू

विशेष संवाददाता
रांची : राजधानी रांची में रेव पार्टियों के आयोजन स्थलों को नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (एनसीबी) ने पहचान करना शुरू कर दिया है। इन आयोजन स्थलों जो फार्म हाउस और प्रतिष्ठित बार और अन्य प्रतिष्ठान हैं, उनका फिजिकल वेरिफिकेशन शुरू कर दिया गया है। 

एक वर्ष पहले से शुरू हो गयी थी एनसीबी की जांच

एनसीबी की टीम ने इन ड्रग पेडलरों की तलाश एक वर्ष पहले से ही शुरू हो गयी थी। 19 मार्च 2026 को रांची के एक प्रतिष्ठित मॉल में अवस्थित लार्ड्स एंड ड्रिंक्स नामक बार में पुलिस ने छापामारी की। पुलिस ने ड्रग्स की सूचना मिलने के बाद छापेमारी की थी। दिसंबर 2025 में ड्रग पेडलर विधि अग्रवाल को एनसीबी ने गिरफ्तार किया था। इसमें विधि अग्रवाल की निशानदेही पर लार्ड्स एंड ड्रिंक्स बार में पुलिस ने छापेमारी की। बताया जाता है कि आरोपी विधि अग्रवाल की रिश्तेदार साक्षी अग्रवाल और आयुष अग्रवाल है। आयुष अग्रवाल और साक्षी अग्रवाल लार्ड्स एंड ड्रिंक्स बार में उस वक्त मौजूद थे, जब पुलिस ने छापेमारी की थी। छापेमारी की सूचना के बाद वे लोग पुलिस के सामने ही लिफ्ट से निकल कर फरार हो गये। बताया जाता है कि साक्षी अग्रवाल इवेंट कंपनी आरेंज बाक्स की कर्ता धर्ता हैं। एनसीबी के अनुसार आरेंज बाक्स का नाम रेव पार्टी आयोजित करने के सिलसिले में आया है। आरोपी रजत जैन की तरफ से यह पार्टी आयोजित की गयी थी। एनसीबी सभी गुत्थी को तलाशने में लगी हुई है। 

आधा दर्जन से अधिक फार्म हाउस संदेह के घेरे में

राजधानी के आधा दर्जन से अधिक फार्म हाउस में रेव पार्टियों के संचालन दिल्ली से जयपुर होते हुए यह रांची तक पहुंचा। नारकोटिक्स कंट्रोल बोर्ड की ओर से नशे का कारोबार व्यापक तरीके से चल रहा है। इसमें युवाओं को फांसने का काम किया जा रहा है। रांची के रेव पार्टियों के लिए पसंदीदा लोकेशन होरहाप जंगल और फार्म हाउस है। छोटे शहरों में ड्रग्स का नेटवर्क फैलाने के लिए ड्रग पेडलर काफी तेजी से अग्रसर हो रहे हैं। इसमें प्रतिबंधित ड्रग्स तक सप्लाई किये जा रहे हैं। इन पार्टियों में कोकिन, एमएसडी, एमडीएमए, एक्सटैक्स ड्रग्स और अन्य का उपयोग किया जा रहा है। इसमें एनसीबी संगठित नेटवर्क की तलाश की जा रही है। एनसीबी की ओर से इसके लिए फार्म हाउस के संचालकों, बार के मालिकों की तहकिकात भी की जा रही है। साथ ही साथ प्रतिबंधित मादक पदार्थों की सप्लाई और नाबालिगों के शामिल होने के पहलुओं की जांच की जा रहा है। कथित नामकुम के ओझा फार्म हाउस का इलाका, खूंटी के हुटार महतो फार्म हाउस, होरहाप जंगल, रातू के सिमलिया चौक के महुआडांड़ स्थित आवीर रिजार्ट एंड फार्म्स और कांके के हरिधाम फार्म हाउस, कमड़े के  कई रेस्टूरेंट, एयर एएनबी रेस्टूरेंट, रातू रोड, मोरहाबादी, लालपुर के कई रेस्टूरेंट और बार का नाम भी सामने आया है। 

नाबालिगों को फंसाने पर होता है अधिक जोर

छह इवेंट कंपनियों के जरिये नाबालिगों को फांसने का काम किये जाने के मामले की भी जांच एजेंसियां जांच कर रही हैं। रजत जैन जो आरोपी है, उसकी गिरफ्तारी के बाद पुलिस और एनसीबी की टीम काफी सक्रिय हो गयी है। बताया जाता है कि ऋषभ जैन और रजत जैन की ओर से आयोजित किये जानेवाले रेव पार्टियों में जिस कोकिन की आपूर्ति की जाती थी, उसकी कीमत प्रति ग्राम 15 हजार रुपये बतायी जाती है। इसी प्रकार एमडीएमए की कीमत प्रति ग्राम 12 से 15 हजार रुपये, एक्सटैसी पिल्स की कीमत तीन से चार हजार रुपये, चरस की कीमत 3000 से चार हजार रुपये प्रति ग्राम, सिंथेटिक ड्रग्स की कीमत पांच हजार रुपये तक बतायी गयी है। एनसीबी की ओर से सभी मामलों और संभावित आरोपियों की तलाश तेज कर दी गयी है। जल्द ही इसमें अन्य केंद्रीय जांच एजेंसी की भी इंट्री होनेवाली है।