रांची: झारखंड में बैंकिंग सुविधाओं को आम लोगों तक पहुंचाने और अधिक से अधिक परिवारों को आर्थिक सुरक्षा प्रदान करने की दिशा में राज्य सरकार ने नई पहल की है। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने 4 नवंबर को रांची स्थित प्रोजेक्ट भवन में झारखंड सरकार और यूनियन बैंक ऑफ इंडिया के बीच हुए समझौता कार्यक्रम में बैंकों से सामाजिक और आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों तक बैंकिंग सुरक्षा का लाभ पहुंचाने की अपील की। मुख्यमंत्री ने कहा कि बैंकिंग सुविधाओं का दायरा केवल सरकारी कर्मचारियों तक सीमित नहीं रहना चाहिए। समाज के उन वर्गों को भी विशेष वित्तीय सुरक्षा से जोड़ने की जरूरत है, जिन्हें आर्थिक और सामाजिक परिस्थितियों के कारण कई बार आवश्यक बैंकिंग सुविधाएं नहीं मिल पाती हैं। कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने मांकी-मुंडा व्यवस्था से जुड़े प्रतिनिधियों और पारंपरिक ग्राम प्रधानों को भी बैंकिंग सुरक्षा के दायरे में लाने की आवश्यकता बताई। झारखंड की पारंपरिक ग्रामीण व्यवस्था में इनकी महत्वपूर्ण भूमिका है। ऐसे प्रतिनिधियों को वित्तीय सुरक्षा उपलब्ध कराने से उनके परिवारों को भी आर्थिक स्तर पर सहायता मिल सकती है। मुख्यमंत्री की अपील का उद्देश्य पारंपरिक सामाजिक व्यवस्था से जुड़े लोगों को आधुनिक बैंकिंग सुविधाओं और सुरक्षा योजनाओं से जोड़ना है। मुख्यमंत्री ने महिला सम्मान योजना की लाभार्थियों को भी बैंकिंग सुरक्षा उपलब्ध कराने पर जोर दिया। इसका उद्देश्य महिलाओं को आर्थिक रूप से अधिक सुरक्षित बनाना और बैंकिंग व्यवस्था के माध्यम से उन्हें अतिरिक्त वित्तीय संरक्षण देना है। महिलाओं को बैंकिंग सेवाओं, बीमा और अन्य वित्तीय सुविधाओं से जोड़ने से उनकी आर्थिक आत्मनिर्भरता को मजबूती मिल सकती है। मुख्यमंत्री ने आर्थिक रूप से कमजोर युवाओं को भी इस पहल में शामिल करने की बात कही। उन्होंने बैंकों से ऐसे युवाओं तक वित्तीय सुरक्षा और बैंकिंग सुविधाएं पहुंचाने की अपील की, जिन्हें सीमित आर्थिक संसाधनों के कारण पर्याप्त संरक्षण नहीं मिल पाता। इस पहल से युवाओं को बैंकिंग व्यवस्था से जोड़ने के साथ भविष्य की वित्तीय चुनौतियों से निपटने में सहायता मिलने की उम्मीद है। झारखंड सरकार के वित्त विभाग और यूनियन बैंक ऑफ इंडिया के बीच हुए समझौते का एक महत्वपूर्ण हिस्सा सरकारी कर्मचारियों से संबंधित बैंकिंग व्यवस्था है। इस व्यवस्था के माध्यम से राज्य के लगभग 1.75 लाख सरकारी कर्मचारियों को लाभ पहुंचाने का लक्ष्य रखा गया है। विशेष सैलरी पैकेज के जरिए कर्मचारियों को बैंकिंग और वित्तीय सुविधाओं से जोड़ने की योजना है। इससे कर्मचारियों को उनकी पात्रता और बैंक की निर्धारित शर्तों के अनुसार विशेष सुविधाएं उपलब्ध कराई जा सकती हैं। राज्य सरकार और यूनियन बैंक के बीच यह समझौता बैंकिंग सेवाओं को व्यापक सामाजिक दायरे तक पहुंचाने की कोशिश के रूप में देखा जा रहा है। इसका उद्देश्य सरकारी कर्मचारियों के साथ-साथ पारंपरिक ग्राम व्यवस्था से जुड़े प्रतिनिधियों, महिलाओं और आर्थिक रूप से कमजोर युवाओं को भी वित्तीय सुरक्षा से जोड़ना है। यदि इस पहल को प्रभावी ढंग से लागू किया जाता है, तो राज्य के विभिन्न सामाजिक और आर्थिक वर्गों को बैंकिंग सुविधाओं का बेहतर लाभ मिल सकता है। अब इस दिशा में बैंक और राज्य सरकार की ओर से पात्रता, सुविधाओं तथा क्रियान्वयन की विस्तृत व्यवस्था महत्वपूर्ण होगी।मांकी-मुंडा और पारंपरिक ग्राम प्रधानों को जोड़ने पर जोर
महिला सम्मान योजना की लाभार्थियों पर भी ध्यान
आर्थिक रूप से कमजोर युवाओं को मिलेगा महत्व
1.75 लाख सरकारी कर्मचारियों को लाभ देने का लक्ष्य
सामाजिक सुरक्षा को मजबूत करने की दिशा में पहल
झारखंड में बैंकिंग सुरक्षा का दायरा बढ़ाने की तैयारी, मांकी-मुंडा से लेकर महिला सम्मान योजना की लाभार्थियों तक को जोड़ने की CM हेमंत सोरेन की अपील






