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रांची के दो बार को NCB का समन, ड्रग्स सप्लाई नेटवर्क की जांच तेज


रांची। झारखंड में मादक पदार्थों के अवैध कारोबार पर शिकंजा कसने के लिए नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (NCB) ने अपनी जांच तेज कर दी है। रांची और जमशेदपुर में कथित ड्रग्स नेटवर्क के खिलाफ की गई कार्रवाई के बाद अब राजधानी के दो बार भी जांच के दायरे में बताए जा रहे हैं। मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ में इन प्रतिष्ठानों तक कथित तौर पर मादक पदार्थों की आपूर्ति होने की जानकारी सामने आई है। इसी आधार पर बार संचालकों को पूछताछ के लिए समन भेजे जाने की खबर है।

छापेमारी में छह आरोपियों की गिरफ्तारी

रिपोर्टों के मुताबिक, 19 अक्टूबर को NCB ने रांची और जमशेदपुर में कई स्थानों पर छापेमारी की थी। इस कार्रवाई में कथित ड्रग्स नेटवर्क से जुड़े छह लोगों को गिरफ्तार किया गया। इनमें जिम्मी नाम का एक व्यक्ति भी शामिल बताया गया है, जिसे जांच एजेंसी इस नेटवर्क का कथित प्रमुख संचालक मानकर जांच कर रही है।

प्रारंभिक जांच में कोकीन और अन्य सिंथेटिक ड्रग्स की अवैध खरीद-बिक्री तथा आपूर्ति से जुड़े नेटवर्क के संकेत मिले हैं। एजेंसी गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ कर यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि मादक पदार्थ कहां से लाए जाते थे और उन्हें किन लोगों तक पहुंचाया जाता था।

दो बार संचालकों को पूछताछ के लिए बुलाया गया

मीडिया रिपोर्टों में बताया गया है कि गिरफ्तार आरोपी जिम्मी से पूछताछ के दौरान रांची के दो बार का जिक्र सामने आया। इसके बाद संबंधित बार संचालकों को समन भेजकर 26 अक्टूबर को पूछताछ के लिए बुलाए जाने की जानकारी दी गई है।

रिपोर्टों में मोरहाबादी स्थित रुइन हाउस और कांके स्थित ऑन द रॉक्स बार का नाम सामने आया है। हालांकि, इन प्रतिष्ठानों की कथित भूमिका और समन से संबंधित सभी विवरणों की स्वतंत्र आधिकारिक पुष्टि उपलब्ध नहीं है।

यह स्पष्ट करना जरूरी है कि किसी प्रतिष्ठान के संचालक को पूछताछ के लिए समन जारी होना अपने आप में अपराध साबित नहीं करता। मामले में उनकी भूमिका का निर्धारण जांच में सामने आने वाले तथ्यों और साक्ष्यों के आधार पर ही किया जा सकता है।

विदेशी संपर्कों की भी पड़ताल

जांच से जुड़े समाचारों के अनुसार, कथित नेटवर्क के संचालन में विदेशी मोबाइल नंबरों के इस्तेमाल की बात भी सामने आई है। इनमें थाईलैंड, ब्रिटेन और अमेरिका से जुड़े नंबरों का उल्लेख किया गया है। एजेंसी इन संपर्कों की प्रकृति और कथित ड्रग्स कारोबार में उनकी संभावित भूमिका की जांच कर रही है।

जांचकर्ताओं के सामने यह पता लगाने की चुनौती है कि मादक पदार्थों की आपूर्ति कहां से होती थी, स्थानीय स्तर पर उनका वितरण कौन करता था और इस पूरे नेटवर्क में अन्य किन व्यक्तियों की भूमिका हो सकती है। हालांकि, विदेशी नंबरों के इस्तेमाल से अंतरराष्ट्रीय ड्रग्स तस्करी का संबंध अपने आप साबित नहीं होता। इसके लिए अलग से साक्ष्य और पुष्टि आवश्यक है।

आगे की जांच पर टिकी नजर

रांची और जमशेदपुर में हुई कार्रवाई के बाद जांच एजेंसी कथित नेटवर्क की अलग-अलग कड़ियों को जोड़ने में जुटी है। पूछताछ, संपर्कों की जांच और मादक पदार्थों की आपूर्ति से संबंधित जानकारियों के आधार पर मामले की आगे की दिशा तय होगी।

फिलहाल, जांच के निष्कर्ष और संबंधित प्रतिष्ठानों की भूमिका को लेकर अंतिम तस्वीर सामने आना बाकी है। आने वाले दिनों में पूछताछ के बाद नए तथ्य सामने आ सकते हैं।

निष्कर्ष: रांची के दो बार को समन भेजे जाने की खबर ने शहर में कथित ड्रग्स कारोबार को लेकर चर्चा तेज कर दी है। हालांकि, जांच पूरी होने और आधिकारिक तथ्यों की पुष्टि होने तक किसी भी व्यक्ति या प्रतिष्ठान को दोषी मानना उचित नहीं होगा।