रैयतों-विस्थापितों को अधिकार दें सीसीएल प्रबंधन, नहीं तो होगा इससे भी बड़ा आंदोलन : जयराम महतो
रामगढ़। रैयतों और विस्थापितों के अधिकारों की अनदेखी अब बर्दाश्त नहीं की जाएगी। सीसीएल प्रबंधन स्थानीय लोगों की जमीन पर कोयला खनन कर रहा है, लेकिन रोजगार और ठेकेदारी में उन्हीं लोगों को उचित भागीदारी नहीं मिल रही है। प्रबंधन अपनी कार्यशैली में सुधार लाए और रैयतों-विस्थापितों को उनका अधिकार दे, अन्यथा इससे भी बड़ा आंदोलन किया जाएगा। यह चेतावनी गुरुवार को डुमरी विधायक सह झारखंड लोकतांत्रिक क्रांतिकारी मोर्चा (जेएलकेएम) के सुप्रीमो डॉ टाइगर जयराम महतो ने दी। कार्यक्रम का संचालन मांडू प्रखंड अध्यक्ष सतेंद्र महतो ने किया।
पुरानी सेल समिति भंग कर नई समिति बनाने की मांग
जेएलकेएम के बैनर तले गुरुवार को लइयो स्थित झारखंड उत्खनन परियोजना (15 नंबर) के परियोजना कार्यालय परिसर में रैयतों, विस्थापितों और स्थानीय ग्रामीणों की लंबित मांगों को लेकर विशाल एक दिवसीय धरना-प्रदर्शन किया गया। इसमें मुख्य अतिथि के रूप में शामिल डॉ जयराम महतो ने सीसीएल प्रबंधन से पुरानी सेल समिति को भंग कर नई समिति गठित करने की मांग की। उन्होंने कहा कि नई सेल समिति में उन्हीं लोगों को शामिल किया जाना चाहिए, जिनकी जमीन पर आज सीसीएल की परियोजना संचालित हो रही है। सेल संचालन में रैयतों, विस्थापितों, प्रभावितों और स्थानीय ग्रामीणों को पहली प्राथमिकता मिलनी चाहिए।
स्थानीय लोगों को मिले रोजगार और काम का अवसर
जयराम महतो ने कहा कि खदान से निकलने वाला कोयला यहां के रैयतों के पूर्वजों की जमीन से प्राप्त हो रहा है। ऐसे में परियोजना से जुड़े प्रत्येक कार्य में सबसे पहले स्थानीय लोगों को रोजगार और काम का अवसर मिलना चाहिए। स्थानीय लोगों के अधिकारों की अनदेखी किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं की जाएगी। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि प्रबंधन मांगों पर गंभीरता से पहल नहीं करता है तो इससे भी बड़ा और उग्र आंदोलन किया जाएगा।
अधिकारों की लड़ाई निर्णायक मुकाम तक पहुंचेगी : रवि महतो
धरना-प्रदर्शन की अध्यक्षता कर रहे मोर्चा के केंद्रीय उपाध्यक्ष रवि कुमार महतो ने कहा कि रैयतों, विस्थापितों और प्रभावित ग्रामीणों की वर्षों से लंबित समस्याओं का अविलंब समाधान होना चाहिए। रोजगार, ठेकेदारी और अन्य सुविधाओं में स्थानीय लोगों को प्राथमिकता देना प्रबंधन की जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि स्थानीय लोगों के अधिकारों की अनदेखी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। प्रबंधन सभी लंबित मांगों पर सकारात्मक पहल करे।






