कोडरमा। झारखंड के कोडरमा जिले के लोचनपुर गांव से नाबालिगों के साथ कथित मारपीट और उनके वीडियो को सोशल मीडिया पर प्रसारित किए जाने का मामला सामने आया है। घटना का वीडियो वायरल होने के बाद पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए स्वतः संज्ञान लिया और बड़ी संख्या में अज्ञात लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की है। पुलिस के अनुसार, मामले में 100 से 150 अज्ञात लोगों के खिलाफ POCSO Act, IT Act और अन्य संबंधित धाराओं के तहत केस दर्ज किया गया है। वायरल वीडियो और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर पुलिस अब घटना में शामिल लोगों की पहचान करने में जुटी है। रिपोर्टों के मुताबिक, घटना की शुरुआत तब हुई जब एक नाबालिग लड़की के घर पर दो नाबालिग लड़कों के पहुंचने की जानकारी ग्रामीणों को मिली। इसके बाद कुछ ग्रामीण मौके पर पहुंचे और तीनों नाबालिगों को अपने कब्जे में ले लिया। आरोप है कि इसके बाद तीनों को गांव में सार्वजनिक रूप से घुमाया गया और बिजली के खंभे से रस्सी के सहारे बांध दिया गया। वहां उनसे कथित तौर पर माफी मंगवाई गई और उनके साथ मारपीट भी की गई। घटना की जानकारी पुलिस तक पहुंचने के बाद पुलिस टीम गांव पहुंची। पुलिस ने तीनों नाबालिगों को ग्रामीणों के कब्जे से मुक्त कराया और उन्हें थाने ले जाकर मामले की जानकारी जुटाई। इस दौरान पुलिस के सामने घटना के दो अलग-अलग पहलू सामने आए। एक तरफ नाबालिगों के साथ कथित मारपीट और उन्हें बंधक बनाए जाने का मामला है, वहीं दूसरी तरफ नाबालिग लड़की के परिजनों की शिकायत पर दोनों लड़कों के खिलाफ अलग प्राथमिकी दर्ज होने की जानकारी सामने आई है। मामला तब और गंभीर हो गया जब नाबालिगों को खंभे से बांधने और उनके साथ कथित दुर्व्यवहार का वीडियो सोशल मीडिया पर प्रसारित होने लगा। पुलिस का कहना है कि नाबालिगों की पहचान सार्वजनिक करना और उनके साथ मारपीट का वीडियो बनाकर प्रसारित करना कानून के दायरे में गंभीर विषय है। इसी आधार पर पुलिस ने वीडियो को जांच का हिस्सा बनाया है। जांच एजेंसियां वीडियो में दिखाई देने वाले लोगों की पहचान करने का प्रयास कर रही हैं। पुलिस यह भी पता लगाने में जुटी है कि घटना के दौरान कौन-कौन लोग मौके पर मौजूद थे और किसकी क्या भूमिका थी। पुलिस अवर निरीक्षक रोहित सिंह के आवेदन पर कोडरमा थाना में प्राथमिकी दर्ज की गई है। रिपोर्टों के मुताबिक, इसमें POCSO Act और Information Technology Act समेत अन्य संबंधित कानूनी धाराएं लगाई गई हैं। पुलिस के अनुसार, तीनों प्रभावित बच्चे नाबालिग हैं। ऐसे मामलों में उनकी पहचान की गोपनीयता बनाए रखना कानूनी रूप से भी महत्वपूर्ण है। इसी वजह से वायरल वीडियो की सामग्री और उसे प्रसारित करने वालों की भूमिका भी जांच के दायरे में है। इस मामले में नाबालिग लड़की की मां की ओर से भी शिकायत दिए जाने की जानकारी सामने आई है। रिपोर्ट के अनुसार, इस शिकायत के आधार पर दोनों नाबालिग लड़कों के खिलाफ अलग मामला दर्ज किया गया है। पुलिस अब दोनों मामलों की अलग-अलग परिस्थितियों और आरोपों की जांच कर रही है। इसका उद्देश्य यह निर्धारित करना है कि घटना की शुरुआत किन परिस्थितियों में हुई और बाद में नाबालिगों के साथ किस तरह का व्यवहार किया गया। कोडरमा का यह मामला इस बात को भी सामने लाता है कि किसी घटना को लेकर ग्रामीणों या किसी समूह द्वारा स्वयं सजा देना कानूनी प्रक्रिया का विकल्प नहीं है। किसी बच्चे या आरोपी पर आरोप होने की स्थिति में पुलिस और न्यायिक प्रक्रिया के माध्यम से कार्रवाई की जानी चाहिए। फिलहाल पुलिस वायरल वीडियो, प्रत्यक्ष जानकारी और अन्य उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर अज्ञात लोगों की पहचान करने में जुटी है। आगे की कार्रवाई जांच में सामने आने वाले तथ्यों पर निर्भर करेगी। निष्कर्ष: ।तीन नाबालिगों को पकड़ने के बाद बढ़ा मामला
पुलिस ने मौके पर पहुंचकर नाबालिगों को छुड़ाया
वायरल वीडियो ने बढ़ाई पुलिस की चिंता
POCSO और IT Act के तहत कार्रवाई
दूसरी शिकायत की भी जांच
कानून हाथ में लेने पर पुलिस की कार्रवाई
लोचनपुर में तीन नाबालिगों को कथित तौर पर पकड़कर सार्वजनिक रूप से घुमाने, खंभे से बांधने और मारपीट किए जाने का मामला अब पुलिस जांच के दायरे में है। वीडियो वायरल होने के बाद 100 से 150 अज्ञात लोगों के खिलाफ POCSO, IT Act समेत अन्य धाराओं में प्राथमिकी दर्ज की गई है। साथ ही, नाबालिग लड़की के परिजनों की शिकायत पर अलग मामले की भी जांच चल रही है।
कोडरमा में तीन नाबालिगों को खंभे से बांधने का मामला, 100 से 150 अज्ञात लोगों पर FIR






