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पेसा कानून के तहत ग्राम सभा के पदेन अध्यक्ष होंगे परंपरागत ग्राम प्रधान


ग्राम प्रधान संघ की जिला स्तरीय बैठक में नियमों की अनदेखी पर जताया रोष, सात माह के लंबित मानदेय भुगतान के लिए आंदोलन तेज करने की तैयारी।
उदय किशोर सिंह, जामताड़ा।।

 गांधी मैदान में शुक्रवार को ग्राम प्रधान संघ की जिला स्तरीय बैठक जिला अध्यक्ष अजीत कुमार दुबे की अध्यक्षता में हुई। बैठक में पेसा कानून के तहत ग्राम सभा के गठन, परंपरागत ग्राम प्रधानों के अधिकारों की रक्षा और सात माह से लंबित मानदेय भुगतान का मुद्दा प्रमुखता से उठा। संघ के पदाधिकारियों ने ग्राम सभा के गठन में निर्धारित कानूनी प्रावधानों की अनदेखी किए जाने पर नाराजगी जताई। उन्होंने स्पष्ट किया कि प्रधानी मौजा में परंपरागत ग्राम प्रधानों को ग्राम सभा का पदेन अध्यक्ष बनाया जाना चाहिए। इस व्यवस्था से अलग हटकर दूसरे व्यक्तियों को अध्यक्ष बनाए जाने की प्रक्रिया पर संघ ने आपत्ति जताते हुए जिला प्रशासन से हस्तक्षेप की मांग की।
बैठक का संचालन करमाटांड़ के उपाध्यक्ष मुल्लेश्वर मरांडी ने किया। इसमें जिले के विभिन्न प्रखंडों से आए ग्राम प्रधानों एवं संघ के पदाधिकारियों ने अपने विचार रखे। बैठक में निर्णय लिया गया कि ग्राम प्रधानों के अधिकारों और परंपरागत व्यवस्था की रक्षा के लिए प्रशासनिक स्तर पर पहल जारी रखी जाएगी। वहीं, लंबित सम्मान राशि के भुगतान के लिए भी संबंधित विभागों के समक्ष प्रभावी तरीके से मांग उठाई जाएगी।
ग्राम सभा के गठन में नियमों के पालन पर जोर
बैठक में झारखंड पेसा नियमावली, 2026 और संथाल परगना काश्तकारी अधिनियम के प्रावधानों का हवाला देते हुए ग्राम सभा के गठन की प्रक्रिया पर चर्चा की गई। संघ के पदाधिकारियों ने कहा कि प्रधानी मौजा में परंपरागत ग्राम प्रधानों की भूमिका को नजरअंदाज नहीं किया जाना चाहिए। ग्राम सभा के पदेन अध्यक्ष के रूप में परंपरागत ग्राम प्रधान की भूमिका सुनिश्चित करने की मांग की गई। साथ ही सचिव और कोषाध्यक्ष का चयन ग्राम सभा के माध्यम से किए जाने पर जोर दिया गया।
संघ की ओर से शिकायत की गई कि कुछ स्थानों पर पंचायत सचिवों द्वारा परंपरागत ग्राम प्रधानों के स्थान पर अन्य व्यक्तियों को ग्राम सभा का अध्यक्ष बनाए जाने की प्रक्रिया अपनाई जा रही है। इससे पारंपरिक व्यवस्था और ग्राम प्रधानों के अधिकारों को लेकर असमंजस की स्थिति उत्पन्न हो रही है। संघ ने जिला प्रशासन से मामले की जांच कर नियमानुसार कार्रवाई सुनिश्चित करने की मांग की।
जिला अध्यक्ष अजीत कुमार दुबे ने कहा कि ग्राम सभा के गठन में संबंधित कानूनों और नियमावली के प्रावधानों का पालन होना चाहिए। परंपरागत ग्राम प्रधानों को उनका निर्धारित अधिकार मिलना जरूरी है। उन्होंने कहा कि ग्राम सभा के पदेन अध्यक्ष परंपरागत ग्राम प्रधान हों तथा सचिव और कोषाध्यक्ष का चयन ग्राम सभा के माध्यम से किया जाए। इससे ग्राम सभा की कार्यप्रणाली व्यवस्थित रहेगी और पारंपरिक व्यवस्था का सम्मान भी बना रहेगा।
अधिकारियों से वार्ता के बाद भी प्रक्रिया जारी रहने पर चिंता
अजीत कुमार दुबे ने बताया कि ग्राम सभा के गठन से जुड़े इस मुद्दे को लेकर संघ का प्रतिनिधिमंडल उपायुक्त आलोक कुमार दुबे, जिला पंचायती राज पदाधिकारी पंकज कुमार और अनुमंडल पदाधिकारी अनंत कुमार सहित संबंधित अधिकारियों से वार्ता कर चुका है। इसके बावजूद विभिन्न गांवों में अध्यक्ष, सचिव और कोषाध्यक्ष के चयन की प्रक्रिया जारी रहने पर संघ ने चिंता जताई।
बैठक में निर्णय लिया गया कि इस विषय पर जिला प्रशासन के समक्ष मांग को फिर से प्रभावी ढंग से रखा जाएगा। संघ ने कहा कि ग्राम सभा का गठन निर्धारित नियमों के अनुरूप होना चाहिए, ताकि किसी भी स्तर पर परंपरागत ग्राम प्रधानों के अधिकारों की अनदेखी न हो।
सात माह की लंबित सम्मान राशि के भुगतान के लिए बनेगी रणनीति
बैठक में वित्तीय वर्ष 2024-25 के दौरान ग्राम प्रधानों की सात माह की लंबित मासिक सम्मान राशि का मुद्दा भी प्रमुखता से उठाया गया। संघ के सदस्यों ने कहा कि लंबित भुगतान के कारण ग्राम प्रधानों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। इस राशि का भुगतान सुनिश्चित कराने के लिए ठोस पहल करने का निर्णय लिया गया।
इसके तहत सभी प्रखंड अध्यक्ष अपने-अपने अंचल कार्यालय से आवंटन की मांग से संबंधित पत्र की प्रति प्राप्त कर अपर समाहर्ता कार्यालय में प्रस्तुत करेंगे। वहीं, जिला कमेटी उपायुक्त और अपर समाहर्ता से संपर्क कर लंबित सम्मान राशि के भुगतान के लिए आवश्यक मांग-विपत्र राजस्व सचिव तक भिजवाने की पहल करेगी।
बैठक में यह भी तय किया गया कि पारित प्रस्तावों की प्रतियां उपायुक्त, अपर समाहर्ता और अनुमंडल पदाधिकारी को सौंपी जाएंगी। संघ का उद्देश्य है कि लंबित भुगतान और ग्राम सभा के गठन से संबंधित मामलों पर विभागीय स्तर से जल्द कार्रवाई हो। पदाधिकारियों ने संकेत दिया कि मांगों के समाधान के लिए प्रशासनिक स्तर पर प्रयास लगातार जारी रखे जाएंगे।
संस्थापक रतिकांत साधु को दी गई श्रद्धांजलि
बैठक के अंतिम चरण में ग्राम प्रधान संघ के संस्थापक और पीपला गांव के ग्राम प्रधान स्वर्गीय रतिकांत साधु को श्रद्धांजलि अर्पित की गई। उपस्थित ग्राम प्रधानों एवं संघ के पदाधिकारियों ने उनके चित्र पर पुष्प अर्पित कर उन्हें नमन किया। इसके बाद दो मिनट का मौन रखकर उनकी आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की गई।
उल्लेखनीय है कि 91 वर्षीय रतिकांत साधु का निधन 22 सितंबर को हुआ था। संघ के सदस्यों ने उनके निधन को संगठन के लिए अपूरणीय क्षति बताते हुए ग्राम प्रधानों के हित में उनके योगदान को याद किया।
बैठक में नाला, फतेहपुर, नारायणपुर और करमाटांड़ सहित विभिन्न प्रखंडों के ग्राम प्रधान एवं संघ के पदाधिकारी शामिल हुए। इनमें प्रमंडलीय महासचिव अरविंद ओझा, जिला महामंत्री शिवलाल मुर्मू, जिला महासचिव पार्थ साधु, प्रखंड अध्यक्ष सनत कुमार माझी, सदानंद महतो, हेमन मुर्मू, जिला कोषाध्यक्ष अजीत मंडल, मुस्ताक अंसारी, जगन्नाथ सिंह, गोपाल राय, नेमूल हक, अमर मंडल, संदीप मित्र, नंदकिशोर सिंह, सुनीति बास्की, निर्मल मरांडी और मदन मुर्मू सहित अन्य ग्राम प्रधान उपस्थित थे।
बैठक का समापन ग्राम प्रधानों के अधिकारों की रक्षा, ग्राम सभा की परंपरागत व्यवस्था के सम्मान और लंबित सम्मान राशि के भुगतान के लिए एकजुट होकर प्रयास जारी रखने के संकल्प के साथ हुआ।