तकनीकी योजनाओं में देरी बर्दाश्त नहीं, गुणवत्ता से समझौता करने पर होगी कार्रवाई।
रिपोर्ट: उदय किशोर सिंह
जामताड़ा। उपायुक्त सह जिला दंडाधिकारी आलोक कुमार की अध्यक्षता में शुक्रवार को समाहरणालय सभागार में तकनीकी विभागों की समीक्षा बैठक हुई। इसमें विभिन्न विकास योजनाओं की भौतिक एवं वित्तीय प्रगति की समीक्षा कर अधिकारियों को निर्धारित समय-सीमा में कार्य पूरा करने का निर्देश दिया गया।
बैठक में बताया गया कि मुख्यमंत्री ग्राम सेतु योजना की 77 में से 62 योजनाएं तथा डीएमएफटी की 32 में से 31 योजनाएं पूरी हो चुकी हैं। उपायुक्त ने सिंचाई, सड़क, भवन, जलापूर्ति एवं विद्युत योजनाओं की समीक्षा करते हुए लंबित कार्यों में तेजी लाने को कहा। करमाटांड़ में विवादित भूमि के कारण लंबित आंगनबाड़ी केंद्र के लिए दो सप्ताह के भीतर उपयुक्त भूमि चिह्नित करने का निर्देश दिया।
उन्होंने सरकारी विद्यालयों सहित जिले में चापाकलों के पानी की गुणवत्ता जांच कराने, अधिक बिजली बिल की शिकायतों का प्राथमिकता से निपटारा करने तथा सड़क परियोजनाओं में मुआवजा संबंधी समस्याओं का समाधान करने को कहा।
उपायुक्त ने स्पष्ट किया कि योजनाओं की नियमित जमीनी निगरानी होनी चाहिए। बिना उचित कारण कार्य अवधि में विस्तार नहीं दिया जाएगा। कार्यों में लापरवाही या गुणवत्ता में कमी पाए जाने पर संबंधित अधिकारियों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की जाएगी। बैठक में उप विकास आयुक्त असीम किस्पोट्टा सहित विभिन्न तकनीकी विभागों के अभियंता उपस्थित थे।






