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विद्यासागर के आदर्शों को आत्मसात करने का लिया संकल्प, सेंट एंथोनी विद्यालय में 206वीं जयंती पर श्रद्धांजलि सभा, शिक्षा और समाज सुधार में योगदान को किया याद।


उदय किशोर सिंह,
जामताड़ा। शहर के प्रतिष्ठित सेंट एंथोनी विद्यालय में शनिवार को महान समाज सुधारक, शिक्षाविद् एवं नारी शिक्षा के प्रबल समर्थक पंडित ईश्वर चंद्र विद्यासागर की 206वीं जयंती श्रद्धा और सम्मान के साथ मनाई गई। इस अवसर पर विद्यालय परिसर में श्रद्धांजलि सभा का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की शुरुआत पंडित विद्यासागर के चित्र पर माल्यार्पण एवं पुष्पांजलि अर्पित कर उन्हें नमन करने के साथ हुई।
सभा को संबोधित करते हुए ज्ञान-विज्ञान समिति के सचिव, विद्यासागर परिचालन समिति के उपाध्यक्ष एवं विद्यालय के मुख्य संरक्षक डॉ. दुर्गा दास भंडारी ने कहा कि ईश्वर चंद्र विद्यासागर का जीवन सेवा, त्याग और सामाजिक समर्पण की मिसाल है। उन्होंने कहा कि विद्यासागर के आदर्श आज भी समाज के लिए प्रेरणास्रोत हैं। उनके विचारों को आत्मसात करते हुए समाज को शिक्षित, जागरूक और सशक्त बनाने का संकल्प लेना चाहिए।
विद्यालय के निदेशक डॉ. चंचल भंडारी ने कहा कि पंडित ईश्वर चंद्र विद्यासागर दूरदर्शी समाज सुधारक थे। स्त्री शिक्षा को बढ़ावा देने, विधवा पुनर्विवाह के समर्थन तथा सामाजिक कुरीतियों के खिलाफ उनके संघर्ष का भारतीय समाज पर गहरा प्रभाव पड़ा। उन्होंने कहा कि विद्यासागर जैसे महापुरुषों के जीवन और विचारों से विद्यार्थियों को सामाजिक उत्तरदायित्व, नैतिक मूल्यों और राष्ट्र के प्रति कर्तव्यबोध की प्रेरणा मिलती है।
कार्यक्रम में राजा अजीत सिंह, शिवनाथ घोष, नवारन मलिक, चंचल राय सहित कई गणमान्य लोग उपस्थित रहे। वहीं विजन-ई की सचिव अपर्णा भंडारी, उप-प्राचार्य उत्पल मंडल, रिंकू घोष, दीनबंधु सिंह, संजय कुमार माहतो, सुजीत साहा, रतना पाल, विशाल साव, पायल मंडल, अनीश रंजन, रोहित ओझा समेत विद्यालय के शिक्षक-शिक्षिकाएं एवं सैकड़ों विद्यार्थी मौजूद रहे।
कार्यक्रम के दौरान उपस्थित लोगों ने पंडित ईश्वर चंद्र विद्यासागर के आदर्शों और उनके समाज सुधार के विचारों को अपने जीवन में अपनाने का संकल्प लिया।