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जमशेदपुर में करोड़ों की बैंक लूट की जांच तेज, सिटी एसपी के नेतृत्व में 20 सदस्यीय SIT गठित


जमशेदपुर। शहर में हुई करोड़ों रुपये की बैंक लूट की घटना के बाद पुलिस ने जांच का दायरा बढ़ा दिया है। मामले की गहराई से पड़ताल और अपराधियों तक पहुंचने के लिए सिटी एसपी के नेतृत्व में 20 सदस्यीय विशेष जांच टीम यानी SIT का गठन किया गया है। टीम को अलग-अलग बिंदुओं पर जांच कर वारदात की पूरी कड़ी सामने लाने की जिम्मेदारी दी गई है।

कई पहलुओं से होगी जांच

SIT बैंक लूट के दौरान हुई घटनाओं को क्रमवार जोड़ने का प्रयास कर रही है। जांच में अपराधियों के बैंक तक पहुंचने, वारदात को अंजाम देने और वहां से निकलने के रास्ते सहित कई पहलुओं को शामिल किया जा रहा है।

पुलिस यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही है कि घटना से पहले बैंक और उसके आसपास की गतिविधियों की कितने समय तक निगरानी की गई थी।

'इनसाइड इनपुट' की भी पड़ताल

मामले की जांच में पुलिस 'इनसाइड इनपुट' की आशंका को भी नजरअंदाज नहीं कर रही है। यानी जांच एजेंसी यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि क्या अपराधियों को बैंक की सुरक्षा व्यवस्था, नकदी की उपलब्धता या कर्मचारियों की गतिविधियों से जुड़ी कोई अंदरूनी जानकारी पहले से मिली थी।

हालांकि, फिलहाल किसी कर्मचारी या बैंक से जुड़े व्यक्ति की संलिप्तता को लेकर कोई अंतिम निष्कर्ष सामने नहीं आया है। यह केवल जांच का एक पहलू है, जिसकी पुष्टि साक्ष्यों के आधार पर ही हो सकेगी।

CCTV फुटेज खंगाल रही पुलिस

वारदात की जांच में CCTV फुटेज महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है। पुलिस बैंक के अलावा आसपास की दुकानों, सड़कों और अन्य प्रतिष्ठानों में लगे कैमरों की रिकॉर्डिंग भी खंगाल सकती है।

इससे संदिग्धों की गतिविधियों, उनके आने-जाने के रास्ते और इस्तेमाल किए गए वाहन की पहचान करने में मदद मिल सकती है।

तकनीकी जांच पर भी जोर

SIT द्वारा तकनीकी साक्ष्यों की मदद से भी मामले की कड़ियां जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है। संदिग्ध मोबाइल नंबरों, कॉल डिटेल और अन्य उपलब्ध डिजिटल साक्ष्यों की जांच की जा सकती है।

पुलिस यह पता लगाने का प्रयास करेगी कि घटना से पहले और बाद में संदिग्ध लोगों के बीच किस तरह का संपर्क हुआ था।

अपराधियों के भागने के रास्ते की जांच

बैंक से लूटी गई रकम के साथ अपराधियों ने किस दिशा में भागने का रास्ता चुना, यह भी जांच का महत्वपूर्ण हिस्सा है। पुलिस संभावित मार्गों पर लगे CCTV कैमरों और अन्य तकनीकी माध्यमों से सुराग जुटाने की कोशिश कर रही है।

यदि अपराधियों ने वाहन का इस्तेमाल किया है, तो उसके नंबर, मॉडल और संभावित रूट की भी जांच की जा सकती है।

बैंक की सुरक्षा व्यवस्था भी जांच के दायरे में

वारदात के बाद बैंक की सुरक्षा व्यवस्था और सुरक्षा प्रोटोकॉल की भी समीक्षा की जा रही है। पुलिस यह समझने की कोशिश कर सकती है कि अपराधियों ने सुरक्षा व्यवस्था में मौजूद किसी संभावित कमजोरी का फायदा उठाया या नहीं।

साथ ही, बैंक में नकदी के रखरखाव और उसके मूवमेंट से संबंधित प्रक्रिया की भी जांच की जा सकती है।

SIT के सामने बड़ी चुनौती

20 सदस्यीय विशेष टीम के सामने सबसे बड़ी चुनौती लूटी गई रकम की बरामदगी और वारदात में शामिल सभी लोगों की पहचान करना है। इसके लिए पुलिस को भौतिक साक्ष्यों के साथ-साथ तकनीकी और वित्तीय सुरागों को भी जोड़ना होगा।

जांच आगे बढ़ने पर पुलिस संदिग्धों से पूछताछ और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर कार्रवाई कर सकती है।

निष्कर्ष

जमशेदपुर में हुई करोड़ों की बैंक लूट के बाद पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए सिटी एसपी के नेतृत्व में 20 सदस्यीय SIT गठित की है। टीम बैंक के आसपास के CCTV, तकनीकी साक्ष्यों, अपराधियों की गतिविधियों और कथित अंदरूनी जानकारी के संभावित स्रोतों की जांच कर रही है। अब पुलिस की कोशिश वारदात की पूरी साजिश को सामने लाने और लूटी गई रकम की बरामदगी करने की है।

नोट: 'इनसाइड इनपुट' या किसी व्यक्ति की संभावित संलिप्तता फिलहाल जांच का विषय है। जांच पूरी होने और अदालत में आरोप सिद्ध होने से पहले किसी व्यक्ति को दोषी नहीं माना जा सकता।