एनआईटी जमशेदपुर में स्वास्थ्य सेवा विश्लेषण एवं कृत्रिम बुद्धिमत्ता पर पाँच दिवसीय संकाय विकास कार्यक्रम का उद्घाटन
जमशेदपुर, 9 अक्टूबर 2026: राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान (एनआईटी) जमशेदपुर के कंप्यूटर विज्ञान एवं अभियांत्रिकी विभाग द्वारा “स्वास्थ्य सेवा विश्लेषण एवं कृत्रिम बुद्धिमत्ता: वर्तमान अनुप्रयोग एवं भविष्य की संभावनाएँ” विषय पर पाँच दिवसीय संकाय विकास कार्यक्रम (FDP) का उद्घाटन 9 अक्टूबर 2026 को किया गया। यह कार्यक्रम इलेक्ट्रॉनिक्स एवं आईसीटी अकादमी, पीडीपीएम आईआईआईटीडीएम जबलपुर के सहयोग से भारत सरकार के इलेक्ट्रॉनिकी एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (MeitY) की पहल के अंतर्गत आयोजित किया जा रहा है।
उद्घाटन समारोह में सीएसआईआर–राष्ट्रीय धातुकर्म प्रयोगशाला (CSIR-NML), जमशेदपुर के वैज्ञानिक ‘जी’, डॉ. विकास सी. श्रीवास्तव मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। इस अवसर पर एनआईटी जमशेदपुर के निदेशक प्रो. गौतम सूत्रधार के साथ डीन (आर एंड सी) प्रो. सतीश कुमार, प्रभारी कुलसचिव प्रो. सरोज कुमार सारंगी तथा कंप्यूटर विज्ञान एवं अभियांत्रिकी विभाग के विभागाध्यक्ष डॉ. दिलीप कुमार शॉ उपस्थित रहे। समारोह में संस्थान के संकाय सदस्य, आमंत्रित विशेषज्ञ एवं कार्यक्रम के प्रतिभागी भी शामिल हुए।
इस कार्यक्रम में विभिन्न प्रतिष्ठित शैक्षणिक संस्थानों, अनुसंधान संगठनों एवं उद्योग जगत के शिक्षाविदों, शोधकर्ताओं और विशेषज्ञों द्वारा कृत्रिम बुद्धिमत्ता तथा स्वास्थ्य सेवा क्षेत्र में इसके उभरते अनुप्रयोगों पर अपने अनुभव एवं विशेषज्ञता साझा की जाएगी। प्रमुख विशेषज्ञों में आईआईटी (आईएसएम) धनबाद के प्रो. प्रशांत के. जाना, आईआईआईटीडीएम जबलपुर की प्रो. अपराजिता ओझा, आईआईआईटी इलाहाबाद के प्रो. शेखर वर्मा, आईआईटी पटना की डॉ. सृपर्णा साहा एवं डॉ. रंजीत रंजन झा, एनआईटी गोवा के डॉ. दामोदर रेड्डी एडला, कार्डिफ मेट्रोपॉलिटन यूनिवर्सिटी, यूके के डॉ. संदीप सिंह सेंगर, यम ब्रांड्स के डॉ. राकेश कुमार यादव तथा एक्सेंचर के डॉ. अभिषेक सिंह शामिल हैं।
9 से 13 अक्टूबर 2026 तक आयोजित होने वाला यह 40 घंटे का कार्यक्रम सैद्धांतिक व्याख्यानों एवं व्यावहारिक प्रशिक्षण सत्रों पर आधारित है। इसमें स्वास्थ्य सेवा विश्लेषण, मशीन लर्निंग, डीप लर्निंग, मेडिकल इमेज प्रोसेसिंग तथा इंटरनेट ऑफ मेडिकल थिंग्स (IoMT) जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। कार्यक्रम का उद्देश्य संकाय सदस्यों एवं शोधकर्ताओं को स्वास्थ्य सेवा क्षेत्र की समकालीन चुनौतियों के समाधान के लिए कृत्रिम बुद्धिमत्ता आधारित तकनीकों के उपयोग हेतु आवश्यक ज्ञान एवं व्यावहारिक कौशल प्रदान करना है।
यह संकाय विकास कार्यक्रम अंतर्विषयक अनुसंधान को प्रोत्साहित करने, शिक्षा जगत एवं उद्योग के बीच सहयोग को सुदृढ़ करने तथा शिक्षण एवं अनुसंधान में नवीन तकनीकों के उपयोग को बढ़ावा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है। इसके माध्यम से प्रतिभागियों को विचारों के आदान-प्रदान, नए अनुसंधान अवसरों की पहचान तथा स्वास्थ्य सेवा क्षेत्र में तकनीक-आधारित समाधान विकसित करने का अवसर मिलेगा।
कार्यक्रम का समन्वय एनआईटी जमशेदपुर के डॉ. दिवाकर त्रिपाठी तथा आईआईआईटीडीएम जबलपुर के डॉ. रंजीत के. रंजन द्वारा किया जा रहा है।
इस पहल के माध्यम से एनआईटी जमशेदपुर ने कृत्रिम बुद्धिमत्ता एवं स्वास्थ्य प्रौद्योगिकी के उभरते क्षेत्रों में शैक्षणिक उत्कृष्टता, संकाय क्षमता निर्माण तथा अनुसंधान एवं नवाचार को बढ़ावा देने की अपनी प्रतिबद्धता को पुनः रेखांकित किया है।






