सांसद निशिकांत दूबे ने उठाया संथाल परगना में डेमोग्राफी बदलाव का मुद्दा
सांसद निशिकांत दूबे ने उठाया संथाल परगना में डेमोग्राफी बदलाव का मुद्दा
• 'बांग्लादेशी मुसलमानों को भगाओ-आदिवासी बचाओ' आंदोलन का ऐलान
रांची एक्सप्रेस ब्यूरो
देवघर : गोड्डा सांसद निशिकांत दूबे ने संथाल परगना प्रमंडल में आदिवासी आबादी में कमी और मुस्लिम आबादी में वृद्धि को लेकर बड़ा बयान दिया है। सांसद ने दावा किया कि 1951 की जनगणना में संथाल परगना में आदिवासियों की संख्या 45 प्रतिशत थी, जो 2011 में घटकर 25 प्रतिशत रह गई और 2026 में 22 प्रतिशत होने का अनुमान है। वहीं मुस्लिम आबादी 1951 में 07 प्रतिशत थी, जो 2011 में 24 प्रतिशत हो गई और अब 2026 में लगभग 30 प्रतिशत हो जाएगी।
सांसद श्री दूबे ने कहा कि देश में मुस्लिम आबादी की वृद्धि दर लगभग 04 प्रतिशत है, जबकि संथाल परगना में यह 17 प्रतिशत है। उन्होंने आरोप लगाया कि यह वृद्धि बांग्लादेश से आए लोगों के कारण है और ये लोग "जल, जंगल, जमीन" पर कब्जा कर रहे हैं।
उन्होंने कहा कि मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार का विरोध बांग्लादेश के वोटरों को भारत का वोटर बनाने के अभियान के तहत है।
सांसद के अनुसार उन्होंने संथाल परगना के सभी जिलों - दुमका, देवघर, गोड्डा, पाकुड़, साहिबगंज और जामताड़ा के छात्र संगठनों के साथ बैठक कर 'बांग्लादेशी मुसलमानों को भगाओ, आदिवासी बचाओ' आंदोलन और जन जागरण अभियान की रूपरेखा तैयार की है।
उन्होंने कहा, "सिदो-कान्हू की धरती दोबारा क्रांति के लिए तैयार है।"
सांसद का यह बयान सोशल मीडिया पर जारी किया गया है, जिसके बाद सियासी चर्चा तेज हो गई है।






