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पालोजोरी में 07 माह बाद भी नहीं पहुंची एमडीएम की राशि, सरकारी स्कूलों में बच्चों की थाली पर संकट


रांची एक्सप्रेस संवाददाता 

पालोजोरी (देवघर) : प्रखंड के मध्याह्न भोजन (एमडीएम) आच्छादित विद्यालयों में बच्चों की थाली पर आफत आ पड़ी है। वित्तीय वर्ष 2026-27 के लगभग 07 माह बीत जाने के बाद भी विभाग द्वारा स्कूलों को एमडीएम मद की राशि नहीं भेजी गई है। यह स्थिति सिर्फ पालोजोरी की नहीं, बल्कि पूरे देवघर जिले की बताई जा रही है।

जानकारी के अनुसार एमडीएम की राशि विद्यालयों की सरस्वती वाहिनी माता समिति के खाते में भेजी जाती है, जो अब तक लंबित है। विभागीय सूत्रों के मुताबिक इस वित्तीय वर्ष में अब तक 135 दिनों तक बच्चों को मध्याह्न भोजन परोसा जा चुका है, लेकिन जून माह में मात्र 4 दिनों की राशि को छोड़कर पूरे साल की राशि बकाया है, जो ऊंट के मुंह में जीरा के समान है।

चावल को छोड़कर दाल, तेल, मसाला, हरी सब्जी, गैस सिलेंडर सहित अन्य सामग्री की खरीद के लिए नकद राशि की जरूरत होती है। शुरुआत में स्कूल प्रबंधन ने जान-पहचान के दुकानदारों से उधार लेकर भोजन संचालित किया, लेकिन बकाया बढ़ने से अब दुकानदार भी उधार देने से कतराने लगे हैं। कई विद्यालयों के अध्यक्ष और संयोजकों ने नाम नहीं छापने की शर्त पर कहा कि यदि यही स्थिति रही तो आने वाले दिनों में बिना मध्याह्न भोजन के ही विद्यालय संचालन करना पड़ेगा।

उल्लेखनीय है कि सुप्रीम कोर्ट का स्पष्ट निर्देश है कि किसी भी स्थिति में स्कूलों में मध्याह्न भोजन बंद नहीं होना चाहिए। शिक्षकों का कहना है कि वे कोर्ट के आदेश का पालन कर रहे हैं, लेकिन विभाग की उदासीनता के कारण व्यवस्था चरमराने लगी है।

इस संबंध में प्रखंड शिक्षा प्रसार पदाधिकारी (बीईईओ) अमिताभ झा ने बताया कि स्पर्श पोर्टल के माध्यम से राशि भेजने के लिए वेंडर बनाने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। कुछ तकनीकी खामियों के कारण विलंब हो रहा है, जिसे जल्द दूर कर लिया जाएगा। उन्होंने दावा किया कि पालोजोरी के सभी 244 स्कूलों में फिलहाल एमडीएम संचालित है और कहीं से बंद होने की सूचना नहीं है।